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राजस्थान के मंडावा से किस प्रत्याशी के साथ नामांकन भराने कौन आया, देखिए विशेष रिपोर्ट

rajesh sharma

Publish: Sep 30, 2019 13:41 PM | Updated: Sep 30, 2019 13:41 PM

Jhunjhunu

राजस्थान के मंडावा से किस प्रत्याशी के साथ नामांकन भराने कौन आया, देखिए विशेष रिपोर्ट

झुंझुनूं ञ्च पत्रिका. मंडावा विधानसभा क्षेत्र के लिए 21 अक्टूबर को होने वाले उप चुनावों के लिए दोनों ही बड़े दल भाजपा व कांग्रेस प्रत्याशियों ने नामांकन में अपनी ताकत दिखाई। भाजपा ने तीन बार झुंझुनूं पंचायत समिति की प्रधान रही सुशीला सीगड़ा को मैदान में उतारा है वहीं कांग्रेस ने मंडावा से चौथी बार विधायक का चुनाव लड़ रही रीटा चौधरी पर फिर से भरोसा जताया है। रीटा एक बार विधायक रह चुकी।
अब मंडावा में दोनों ही महिला प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होगा। रीटा जहां मंडावा की बेटी है वहीं सुशीला सीगड़ा मंडावा की बहू है।
प्रत्याशियों की घोषणा के बाद दोनों ही पार्टियों के खेमे में जश्न का माहौल है। अपने-अपने प्रत्याशियों के समर्थन में समर्थकों ने मिठाई बांटकर जश्न मनाया। गौरतलब रहे कि मंडावा विधानसभा से विधायक नरेंद्र खींचड़ के सांसद बन जाने से इस सीट पर उप चुनाव हो रहे हैं।


इनके साथ भरा नामांकन
सुशीला सीगड़ा का नामांकरन भरवाने के लिए प्रदेशाध्यक्ष सतीष पूनिया, गुलाब चंद कटारिया, चूरू विधायक राजेन्द्र राठौड़, नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल, दौसा सांसद जसकौर मीणा, झुंझुनूं सांसद नरेन्द्र खींचड़, अलसीसर प्रधार गिरधारी लाल, बिसाऊ पालिका चेयनमैन हारून खत्री,सीकर सांसद स्वामी सुमेधनंद सरस्वती सहित अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी रीटा चौधरी का फार्म भरवाने के लिए जिलाध्यक्ष डॉ जितेन्द्र सिंह, पिलानी विधायक जेपी चंदेलिया, सूरजगढ़ के पूर्व विधायक श्रवण कुमार सहित अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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अभी तक इन्होंने भरा नामांकन
कांग्रेस से रीटा चौधरी, भाजपा से सुशीला सीगड़ा, कांग्रेस के बागी सत्यवीर कृष्णिया, प्रताप सिंह ख्याली व गणेश शर्मा सहित कई नामांकन भर चुके।


मैं मोदी से प्रभावित : सुशीला
सुशीला सीगड़ा ने कहा कि पार्टी ने उनपर जो भरोसा जताया है वे उसपर खरीं उतरेंगी। साथ ही मंडावा विधानसभा क्षेत्र की जनता के विश्वास को कभी नहीं तोड़ेंगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कार्यशैली व उनकी बड़ी सोच देखकर भाजपा में आई हूंू।


समर्थकों के साथ भरा नामांकन
भाजपा व कांग्रेस प्रत्याशियों ने सोमवार को अपने समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल किया।
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जानिए कौन है सुशीला सीगड़ा
सुशीला सीगड़ा पंचायत समिति झुंझुनूं से इस बार तीसरी बार प्रधान है। तीनों ही बार कांग्रेस से प्रधान बनी है। इससे पहले उनके ससुर बृजलाल सीगड़ा 1981 से 1988 तक प्रधान रह चुके। वे सरपंच भी थे।
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नाम- सुशीला सीगड़ा
पति का नाम-नरेन्द्र सीगड़ा
गांव- सीगड़ा(मंडावा)
उम्र-54 वर्ष
शिक्षा-दसवीं
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राजनीतिक कॅरियर
2000 से 2005 तक प्रधान
2005 से 2010 तक जिला परिषद सदस्य
2010 से 2015 तक प्रधान
2015 से अब तक प्रधान
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ऐसे मिला टिकट
इस बार हुए विधानसभा चुनाव में मंडावा से कांग्रेस प्रत्याशी रीटा चौधरी की शिकायत पर सुशीला सीगड़ा व अन्य को कांग्रेस से निलम्बित कर दिया था। इसके बाद भाजपा के सम्पर्क में थी। हालांकि अधिकृत रूप से भाजपा में नहीं आई थी। अब भाजपा में सांसद नरेन्द्र खींचड़ के पुत्र अतुल खींचड़ का नाम भी उप चुनाव में टिकट की दौड़ में शामिल था। लेकिन भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व ने मना कर दिया कि एक परिवार में दो जनों को पद/टिकट नहीं दे सकते। इस कारण सुशीला सीगड़ा को टिकट दिया गया है। लगातार प्रधान रहने के कारण उनका जमीन स्तर पर मजबूत जनाधार है। झुंझुनूं पंचायत समिति की 14 ग्राम पंचायत मंडावा विधानसभा क्षेत्र में आती है।
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मजबूत पक्ष
-लगातार प्रधान रहने से जमीन स्तर पर जुड़ाव
-साफ छवि, मजबूत टीम
- कांग्रेस के ही ओला गुट के काफी नजदीक, इसका फायदा मिल सकता है।

कमजोर पक्ष
-भाजपा का एक गुट नाराज।
-विधायक का चुनाव पहली बार लड़ रही है।
-कांग्रेस का गढ़ रहा है मंडावा
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जानिए रीटा चौधरी को
मंडावा विधानसभा के होने वाले उप चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रीटा चौधरी मंडावा से 2008 में एक बार विधायक रही हैं। इसके बाद 2013 में कांग्रेस का टिकट नहीं मिलने से बागी होकर चुनाव लडऩे व 2018 में फिर से कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़ा। प्रतिद्धंदी को जोरदार टक्कर दे चुकी।
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नाम- रीटा चौधरी
पिता का नाम-रामनारायण चौधरी
गांव- हेतमसर (मंडावा)
उम्र-46 वर्ष
शिक्षा-एमए, एमबीए
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राजनीतिक कॅरियर
-2008 से 2013 तक विधायक
-2002 से 2009 तक प्रदेश महासचिव महिला कांग्रेस
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ऐसे मिला टिकट
कांग्रेस की टिकट में कई शामिल थे, लेकिन विधायक रह चुकी। उनको विधायक का चुनाव लडऩे का अनुभव है। इसके अलावा साफ छवि के कारण उनको टिकट मिला। पिता रामनारायण चौधरी मंडावा से सात बार विधायक रह चुके। वे कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष, विधानसभा में डिप्टी स्पीकर व विभिन्न विभागों के मंत्री रहने से 2008 में टिकट मिला। 2013 में हुए चुनाव में टिकट कट जाने से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ा, और जोरदार टक्कर दी। 2018 पार्टी मंडावा से मजबूत उम्मीदवार मानते हुए फिर से टिकट दिया। परंतु वोटों के कम अंतर से हार गई और अब फिर उप चुनाव में पार्टी ने रीटा पर भरोसा जताया है।


विश्वास पर खरी उतरूंगी-रीटा
पार्टी व हाईकमान ने जो विश्वास किया है, उस पर खरी उतरूंगी। पूरी कांग्रेस एकजुट है। हम सभी को साथ लेकर चलूंगी। मंडावा का विकास करवाना है मेरा सपना है।
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