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यह हैं झुंझुनूं के गाय वाले बाबा, पाल रखी है 700 गाय

rajesh sharma

Publish: Nov 04, 2019 12:41 PM | Updated: Nov 04, 2019 12:41 PM

Jhunjhunu

उम्र करीब 85 वर्ष। लेकिन जुनून अभी भी 20-25 वर्ष के युवकों जैसा। अब लोग अनको कायमदास कम और गाय वाले बाबा के नाम से ज्यादा जानते हैं।


अरुण शर्मा

पचलंगी. यह हैं कामयदास। उम्र करीब 85 वर्ष। लेकिन जुनून अभी भी 20-25 वर्ष के युवकों जैसा। अब लोग अनको कायमदास कम और गाय वाले बाबा के नाम से ज्यादा जानते हैं। राजस्थान के झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी उपखंड में मणकसास खोह के पहाड़ों में वे करीब 24 वर्ष से गोसेवा कर रहे हैं। वर्तमान में इनके पास करीब 700 से ज्यादा गायें हैं।
खोह गांव के पहाड़ों में स्थित ओम जनता गोशाला में आज सभी आवश्यक सुविधाएं मौजूद है।
खेतड़ी उपखण्ड के सेफरागुवार के निवासी कायम सिंह शेखावत ने अपना गृहस्थ जीवन छोड़कर रामसुखदास से गो सेवा की प्रेरणा लेकर उदयपुरवाटी के मणकसास खोह गांव के पहाड़ों में गो शाला बनाने की सोची। 1994 में पहाड़ों में पेड़ों से बाड़ बंदी कर गोशाला शुरू की। इनकी इसी लगन ने उनको कायम सिंह से कायम दास और अब गाय वाला बाबा बना दिया है।

kayamdas baba story jhunjhunu
85 वर्ष के गाय वाले बाबा ने बताया कि गोशाला का ओम जनता गोशाला के नाम से 1995 -96 में रजिस्ट्रेशन करवाया गया। दानदाताओं के सहयोग से देखते देखते ही कायम दास की मेहनत रंग लाई । कोई समय में पहाड़ी क्षेत्र की एक मात्र गोशाला जिले की आदर्श गोशाला बन गई। गाय वाले बाबा ने बताया कि केन्द्र सरकार के भारतीय जीव जन्तु कल्याण बोर्ड व राजस्थान गो सेवा आयोग के द्वारा मान्यता प्राप्त गोशाला में आज सभी सुविधाएं हैं ।

गो वंश की संख्या अधिक होने पर जोधपुरा में बनाई शाखा -
गाय वाले बाबा ने बताया, सड़कों व गांवों में अपंग व बेसहारा गो वंश की सेवा का लक्ष्य ले कर चला थे। आज उनकी तीन पीढिय़ां बेटा व पौता इस गोसेवा में लगे हुए हैं। गोशाला मणकसास में अधिक गाय होने के कारण 2003 में पास के ही गांव जोधपुरा में गोशाला की दूसरी शाखा खोली गई। वर्तमान में मणकसास में 503 व जोधपुरा में लगभग 200 गाय है। दोनों जगह गो सेवा सुचारू है।

पोतों का नाम कृष्ण - बलराम -
गो सेवा में इतने रचे बसे कायम दास ने अपने पोता का नाम भी बलराम व कृष्ण ही रख दिया। गायों का नाम अलग अलग रखा गया व इनके लिए अलग अलग वार्ड बनाए गए है।

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