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यहां की रामलीला में अनूठे तरीके से होता है मेकअप

Gunjan Shekhawat

Publish: Oct 08, 2019 13:05 PM | Updated: Oct 08, 2019 13:05 PM

Jhunjhunu

jhunjhunu news: बिसाऊ. कस्बे में चल रही विश्व प्रसिद्ध मूक रामलीला में मुख्य बाजार स्थित दंगल में उतरने से पहले कलाकारों को तैयार होने में करीब तीन घंटे लगते हैं। रामादल के पात्र राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघन एवं सीता को स्वरूप कहा जाता है। इनके अलावा नारद ही एकमात्र ऐसे पात्र है जिनका चेहरा दिखाई देता है। इसके अलावा रावण दल हो या महाराजा सुग्रीव की सेना सभी पात्र चेहरे में ढके रहते हैं।

बिसाऊ. कस्बे में चल रही विश्व प्रसिद्ध मूक रामलीला में मुख्य बाजार स्थित दंगल में उतरने से पहले कलाकारों को तैयार होने में करीब तीन घंटे लगते हैं। रामादल के पात्र राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघन एवं सीता को स्वरूप कहा जाता है। इनके अलावा नारद ही एकमात्र ऐसे पात्र है जिनका चेहरा दिखाई देता है। इसके अलावा रावण दल हो या महाराजा सुग्रीव की सेना सभी पात्र चेहरे में ढके रहते हैं।
करीब साढ़े पांच बजे से रामलीला शुरू होने से पहले रामादल के स्वरूपों को तैयार होने के लिए दो बजे ही रामलीला हवेली पहुंचना पड़ता है। इन पात्रों के चेहरे पर चमकीले तारों से श्री, स्वास्तिक, अष्टकमल, मोर पंख, मोर, श्रीफल आदि की आकृति बनाने के लिए गोंद का इस्तेमाल किया जाता है। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष पंडित सुनील शास्त्री ने बताया दंगल में इन पात्रों के चमकते चेहरों का राज ये सितारे व तारे हैं जो दिल्ली से विशेष रूप से मंगवाए जाते हैं। लीला के पुराने कलाकार कृष्णकांत नवहाल, सुनील अजाड़ीवाल उर्फ कालू, राज जांगिड़, पंकज डीडवानिया, लोकेश सोनी जैसे स्वयंसेवी कार्यकर्ता प्रतिदिन तय समय पर रामलीला हवेली में जाकर कलाकारों का चेहरा श्रंगारित करते हैं। यह श्रंगार अन्य शहरों व कस्बों में होने वाली मंचीय रामलीला से अलग दिखाई देता है। दोपहर दो बजे से देर शाम लीला खत्म होने तक कलाकार अपनी पूर्ण निष्ठा के साथ सक्रिय सहयोग करते हैं। लीला में इस बार राम का पात्र कमल मिश्रा, लक्ष्मण का विमल जलधारी, भरत का पीयूष दाधीच, शत्रुघन का अमन शर्मा व सीता का किरदार मुकेश दाधीच द्वारा अदा किया जा रहा है।

मूक रामलीला में लक्ष्मण मूर्छित


बिसाऊ. कस्बे की विश्व प्रसिद्ध मूक रामलीला में सोमवार देर शाम तक लक्ष्मण मूर्छित होने की लीला का मंचन किया गया।


चिड़ावा. शहर में गांधी चौक के पास साहित्यकार डॉ. ओमप्रकाश पचरंगिया मार्ग पर नोहरे में चल रही श्रीरामलीला में सेतुबंध, विभीषण शरणागति, लक्ष्मण शक्ति की लीला दिखाई गई। जिसमें श्रीराम ने रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग की स्थापना की। अंगद को रावण के यहां दूत बनाकर भेजा। लेकिन रावण ने हठ नहीं छोड़ा। जिसके बाद रावण ने पुत्र मेघनाद को युद्ध के लिए भेजा। लक्ष्मण युद्ध लडऩे आए तो मेघनाद ने शक्ति बाण चलाकर लक्ष्मण को मूर्छित कर दिया।


खेतड़ी. कस्बे में भोपालगढ के गोपीनाथ आश्रम के महंत रसिक मोहनदास के सानिध्य में चल रही रामलीला में श्रृद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। युवा कला सांस्कृतिक मंच के तत्वावधान में अजीतसिंह पार्क में चल रही रामलीला में रविवार की रात्रि में रामेश्वरम सेतु निर्माण,रावण-अंगद संवाद, लक्ष्मण-शक्ति की लीलाओ का मंचन किया गया। इस अवसर पर पर रामलीला मे हनुमानजी की विशेष झांकी सजाई गई व महाआरती का आयोजन हुआ। इसी प्रकार जसरापुर में श्रीगणेश रामलीला मण्डल के तत्वावधान में चल रही रामलीला मे रविवार की रात्रि में भी राम-विभिषण मिलन,समुद्र में सेतु निर्माण, रावण-अंगद संवाद की लीला का मंचन किया गया।