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झुंझुनूं के इस गांव में ग्रामीणों ने ऐसा क्या किया की युवाओं की खिल गई बांछे

Gunjan Shekhawat

Publish: Nov 15, 2019 12:11 PM | Updated: Nov 15, 2019 12:11 PM

Jhunjhunu

jhunjhunu news: बुहाना (झुंझुनूं). राजेश सिंह तंवर . झुंझुनूं जिले का छोटा सा गांव काकडा।हरियाणा की सीमा पर बसे इस गांव की एकजुटता गजब की है।बात जब युवाओं के भविष्य की आती है तो वे तन मन और धन से एकजुट हो जाते हैं। इस बार भी उन्होंने ऐसा ही किया।युवाओं ने ग्रामीणों के सामने खेल का मैदान नहीं होने की समस्या रखी तो सभी एकजुट हो गए। करीब पचास लाख रुपए एकत्रित कर गांव में स्टेडियम का निर्माण कर दिया।कार्य अभी भी जारी है।

बुहाना (झुंझुनूं). राजेश सिंह तंवर . झुंझुनूं जिले का छोटा सा गांव काकडा।हरियाणा की सीमा पर बसे इस गांव की एकजुटता गजब की है।बात जब युवाओं के भविष्य की आती है तो वे तन मन और धन से एकजुट हो जाते हैं। इस बार भी उन्होंने ऐसा ही किया।युवाओं ने ग्रामीणों के सामने खेल का मैदान नहीं होने की समस्या रखी तो सभी एकजुट हो गए। करीब पचास लाख रुपए एकत्रित कर गांव में स्टेडियम का निर्माण कर दिया।कार्य अभी भी जारी है। गांव के लोगों ने अपने खून पसीने की कमाई से एक-एक पाई जोड़कर गांव के युवाओं के सवर्णिम भविष्य बनाने के लिए स्टेडियम का निर्माण करा डाला और वह भी बिना किसी सरकारी मदद के। ग्रामीणों के प्रयास से स्टेडियम के निर्माण में करीब पांच साल का वक्त लगा है।इसके अलावा स्टेडियम को राष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए निरंतर कार्य जारी है। स्टेडियम निर्माण के लिए प्रत्येक ग्रामीण ने यथा संभव सहयोग किया। परिणामस्वरूप गांव के बाबा राघवदास मंदिर के बगल में खाली पड़ी भूमि पर शानदार स्टेडियम बनकर तैयार हो गया।


हरियाणा से भी आने लगे तैयारी करने


काकड़ा गांव में बनाए गए स्टेडियम में काकड़ा, शिवपुरा, ढाणी भालोठ, भालोठ, दुलोठ सहित आस-पास के गांवों के लोग प्रतिदिन सुबह-शाम दौड़ एवं अभ्यास करने के लिए आते हैं। इसके अलावा हरियाणा के नारनौल, महेन्द्रगढ़ एवं आस-पास के कस्बों में डिफेंस एकेडमी चलाने वाले अपने छात्रों को स्टेडियम में लाकर अभ्यास कराने आते हैं।

लगने लगी सरकारी नौकरी


हर वर्ष गांव में खेल दंगल होता है। इसमें राजस्थान के अलावा हरियाणा के युवा भी हिस्सा लेते हैं। इससे गांव के युवाओं में खेलों के प्रति रुची बढ़ी है। इसके अलावा स्टेडियम बनने के बाद पिछले पांच वर्ष में काकड़ा व आस-पास के गांवों के 23 युवा दिल्ली पुलिस, थल सेना व एयरफोर्स में नौकरी लग चुके।
झुंझुनूं से 76 और बुहाना से 21 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव की जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार 1762 है।


ट्रेक के साथ दर्शक दीर्घा भी


स्टेडियम में चार सौ मीटर दौड़ का ट्रैक बनाया गया है। ट्रैक का निर्माण अंतरराष्ट्रीय धावक रहे ढाणी भालोठ गांव के होशियार सिंह की देखरेख में बनाया गया। ट्रैक के अलावा स्टेडियम में दर्शक दीर्घा, कमेंट्री बाक्स का निर्माण भी कराया गया है। स्टेडियम के चारों तरफ से पांच से छह फीट ऊंची दीवार बनाई गई है।स्टेडियम में पर्याप्त पेयजल मुहैया हो सके, इसके लिए बाबा राघवदास मंदिर प्रांगण में लगे टयूबवैल से पानी की आपूर्ति की जाती है।

इनका कहना है...


काकड़ा गांव में स्टेडियम बनाने के लिए प्रत्येक ग्रामीण का सहयोग लिया गया है। स्टेडियम बनने के बाद युवाओं को अभ्यास करने में आसानी हुई है। स्टेडियम में बड़ी लाइट एवं छोटा काम बचा हुआ है, उसे जनसहयोग से पूरा कर लिया जाएगा। कार्य जारी रहेगा।


गौखन सिंह, सरपंच (काकड़ा)

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