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ऋण के लिए तरसे किसान : चाहिए डेढ़ सौ करोड़, अब तक मिले 85 करोड़

Jitendra Kumar Yogi

Publish: Sep 07, 2019 12:34 PM | Updated: Sep 07, 2019 12:34 PM

Jhunjhunu

झुंझुनूं केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड के नियमित पंजीकृत किसान 48 हजार 493 हैं। इनमें अभी तक 25 हजार 868 किसानों को 68 करोड़ 43 लाख का ऋण स्वीकृत किया गया है। जबकि 12 हजार 429 नए किसानों को बैंक की सदस्यता दी गई है। 21 हजार किसान सदस्य ऐसे हैं जिनका अवधिपार बकाया होने के चलते इनका पंजीकरण नहीं हो पाया है।

झुंझुनूं. पिछले दिनों नाबार्ड की ओर से प्रदेश के सहकारी बैंकों को पैसा देने से इंकार करने के बाद अंचल के किसानों को ऋण मिलने में परेशानी आ रही है। केंद्रीय सहकारी बैंकों के पास बजट नहीं आने से किसान बैंकों के यहां पर चक्कर लगा रहे हैं। प्रदेश में तत्कालीन भाजपा सरकार व वर्तमान कांग्रेस सरकार की ओर से सहकारी बैंकों से ऋण लेने वाले किसानों का पैसा माफ किए जाने के बाद बड़ी संख्या में किसानों ने फिर से आवेदन किए हैं। परंतु बाद में नाबार्ड ने इन्हें पैसा देने से इंकार करने की खबरों के चलते किसानों में असंतोष की स्थिति पैदा हो गई। इधर, सहकारी बैंक भी लगातार किसानों को ऋण मुहैया कराने की दुहाई देते हुए सरकार के पास बजट देने के लिए डिमांड भेज रहे हैं। बार-बार पैसा मांगने के बावजूद जरूरत के हिसाब से सहकारी बैंकों को पैसा नहीं मिल पाया है।
बैंक सूत्रों की मानें तो अंचल के किसानों को ऋण मुहैया कराने के लिए कम से कम डेढ़ सौ करोड़ रुपए की जरूरत है। जबकि अभी तक बैंक को महज 85 करोड़ रुपए मिले हैं और वो भी दो टुकड़ों में। एक बार बैंक को 70 करोड और दूसरी बार 15 करोड़ के करीब पैसा मिलने का हवाला दिया जा रहा है।

68 करोड़ 43 लाख का ऋण मंजूर
झुंझुनूं केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड के नियमित पंजीकृत किसान 48 हजार 493 हैं। इनमें अभी तक 25 हजार 868 किसानों को 68 करोड़ 43 लाख का ऋण स्वीकृत किया गया है। जबकि 12 हजार 429 नए किसानों को बैंक की सदस्यता दी गई है। 21 हजार किसान सदस्य ऐसे हैं जिनका अवधिपार बकाया होने के चलते इनका पंजीकरण नहीं हो पाया है।

यूं मिलता है पैसा
बैंक की ओर से बनाई गई समिति के पुराने किसान सदस्यों को अधिकतम 50 हजार रुपए तथा नए सदस्यों को अधिकतम 25 हजार रुपए का ऋण मंजूर किया जाता है।

498 करोड़ रुपए हुए थे माफ
प्रदेश में तत्कालीन भाजपा व वर्तमान कांग्रेस सरकार की ओर से ऋण माफी की घोषणा के बाद अकेले झुंझुनूं अंचल में 498 करोड़ रुपए किसानों का लोन माफ किया गया था। बैंक सूत्रों की मानें तो 2018 में 86 हजार 443 और 2019 में 68 हजार 244 किसानों का ऋण माफ किया गया।

ऋण वितरण के लिए अंतिम तिथि बढ़ाई
बैंक के कार्य क्षेत्र की ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से ऋण के लिए ऑनलाइन पंजीयन व वितरण योजना के अंतर्गत ऋण वितरण के लिए अंतिम तिथि 31 अगस्त से बढ़ाकर 30 सितंबर 2019 कर दी गई है। नए सदस्यों को योजना से जोडऩे के लिए सहकारी फसली ऋण पोटल पर प्रति समिति निर्धारित किसान संख्या की सीमा सौ से बढ़ाकर दो सौ कर दी गई?है।

इनका कहना है...
बैंक की डिमांड डेढ़ सौ करोड़ की है। अभी 85 करोड़ रुपए मिल चुके हैं। 48 हजार 493 किसानों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है और 25 हजार 868 किसानों का 68 करोड़ 43 लाख का ऋण स्वीकृत किया जा चुका है।
भंवरसिंह बाजिया, प्रबंध निदेशक केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड (झुंझुनूं)

चुनाव से पहले कांग्रेस के बड़े नेताओं ने किसानों से लुभावने वादे किए थे। अब सच सामने आ गया है। किसानों को ऋण नहीं मिल रहा। किसान खुद को ठगा से महसूस कर रहे हैं।
-कमल कांत शर्मा, प्रवक्ता, भाजपा