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इस यूनिवर्सिटी में रिसर्च पर हुआ कार्यक्रम, कहा- देश और समाज के लिए जरूरी हैं ऐसी रिसर्च

Brij Kishore Gupta

Publish: Aug 20, 2019 23:14 PM | Updated: Aug 20, 2019 23:14 PM

Jhansi

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी के बायोटेक्नोलाजी इंजीनियरिंग विभाग में हुआ पांच दिवसीय फैकल्टी डेवेलपमेण्ट प्रोग्राम

झांसी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर के प्रो.डी.डी.मिश्रा ने कहा कि अभियांत्रिकी के क्षेत्र में किया गया कोई भी शोध तभी प्रासंगिक होगा यदि उससे समाज का लाभ होता है। यहां बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय परिसर के आर्किटेक्चर एण्ड टाऊन प्लानिंग संस्थान के सभागार में अभियांत्रिकी एवं तकनीकी संस्थान के अन्तर्गत संचालित बायोटेक्नोलाजी विभाग विभाग में आयोजित पांच दिवसीय फैकल्टी डेवेलपमेण्ट प्रोग्राम के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभागी शिक्षकों को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्य अतिथि ने शोध एवं शोध प्रविधि की महता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वैज्ञानिक शोध सदैव समाज एव देश की आवश्यकतानुसार होना चाहिये क्योंकि शोध की महत्ता मानव समुदाय की सोच की संगत विविधता से सम्बद्ध रहती आई है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात कि है आप अपनी शिक्षा का उपयोग देश की समस्याओं के समाधान हेतु करें। शोधपत्रों को बनाने में बरते ये सावधानियां

इस श्रृंखला को इंटीग्रल विश्वविद्यालय, लखनऊ के डा.केसर यूनिस ने आगे बढ़ाते हुए प्रतिभागी शिक्षकों को उच्च रैंक तथा गुणवत्ता वाले शोध जर्नल में शोधपत्र को प्रकाशित करने हेतु क्या-क्या सावधानियां रखी जानी चाहिये, इस पर प्रकाश डाला। उन्होंने उन सभी मापदंडों को स्पष्ट किया, जिन्हें अपनाकर अच्छे जर्नल्स में शोधपत्र का प्रकाशित करवाया जा सकता है।

इंटीग्रल विश्वविद्यालय, लखनऊ से ही आए डा.ख्वाजा ओसामा ने डाटा एनालिसिस यूजिंग माइक्रोसाॅफ्ट एक्सेल पर विषयक अपना विषद व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि माइक्रोसाॅफ्ट एक्सेल माइक्रोसाॅफ्ट द्वारा प्रदत एक बहुत ही पावरफुल एनालिसिस साॅफ्टवेयर है जिसकी मदद से आप अपने आंकडों की उचित व्याख्या कर शोध को सही दिशा प्रदान कर सकते हैं।

गुणवत्ता पूर्ण तकनीकी शिक्षा का संकल्प

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अधिष्ठाता अभियांत्रिकी संकाय प्रो.एस.के.कटियार ने कहा कि बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय का तकनीकी एवं अभियांत्रिकी संस्थान विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्रदान करने हेतु कृत संकल्प है। प्रो.कटियार ने कहा कि इस हेतु शिक्षकों को फैकल्टी डेवेलपमेण्ट प्रोग्राम के माध्यम से नवीनतम जानकारियों और ज्ञान से रूबरू करवाया जायेगा जिससे वे छात्रों को महत्तम लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में यह दूसरा फैकल्टी डेवेलपमेण्ट प्रोग्राम आयोजित किया जा रहा है।

ये लोग रहे उपस्थित

कार्यक्रम के समन्वयक डा.रंजीत सिंह ने आमंत्रित विशेषज्ञों तथा प्रतिभागी शिक्षकों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। बायोटेक्नोलाॅजी इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष बृजेंद्र शुक्ला ने विभाग की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए विभाग की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने टीईटी आईपी प्रोजेक्ट के बारे में भी उपस्थित शिक्षकों को विस्तारपूर्वक बताया।