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सीएम योगी और भाजपा को 2022 के चुनाव में भारी पड़ सकता है ये एक निर्णय

Brij Kishore Gupta

Publish: Aug 22, 2019 11:08 AM | Updated: Aug 22, 2019 11:08 AM

Jhansi

भाजपा की झोली भरने वाले बुंदेलखंड को फिर मिली मायूसी

झांसी। पहले सन् 2014 के लोकसभा चुनाव, फिर 2017 के विधानसभा चुनाव और फिर 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की झोली भरने वाले बुंदेलखंड क्षेत्र के लोगों को एक बार फिर मायूसी हाथ लगी। लोकसभा की पूरी चारों और विधानसभा की उन्नीसों सीटें भाजपा के पास होने के बावजूद प्रदेश की योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में बुंदेलखंड को एक कैबिनेट मंत्री तक नहीं बनाया गया है। इससे मंत्री पद की दौड़ में शामिल नेताओं के साथ-साथ लोगों को भी झटका सा लगा है। ऐसे में लोगों को अंदेशा है कि कहीं ये उपेक्षा 2022 के चुनाव में भाजपा और सीएम योगी को भारी न पड़ जाए।
अब हो गए दो राज्यमंत्री

योगी सरकार में पहले बुंदेलखंड से ही ताल्लुक रखने वाले स्वतंत्र देव सिंह को मंत्री पद से नवाजा गया था। उनके अलावा महरौनी से विधायक मनोहर लाल मन्नू कोरी को राज्यमंत्री बनाया गया था। इसके बाद स्वतंत्र देव सिंह को भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया। उनके मंत्रिमंडल से त्यागपत्र देने की वजह से ऐसा माना जा रहा था कि कोई कैबिनेट मंत्री जरूर बनाया जाएगा, लेके स्थान पर चित्रकूट के विधायक चंद्रिका प्रसाद को राज्यमंत्री बना दिया गया। वैसे बुंदेलखंड से मंत्री पद की दौड़ में सदर विधायक रवि शर्मा, गरौठा विधायक जवाहर सिंह राजपूत, राजीव पारीछा और ललितपुर विधायक रामरतन कुशवाहा के नाम चल रहे थे, लेकिन इनमें से किसी भी विधायक की किस्मत में नहीं चमकी।

बुंदेलखंड विकास बोर्ड पर नजर

यूं तो केंद्र और प्रदेश की दोनों ही सरकारें बुंदेलखंड के विकास पर ध्यान दे रही हैं। डिफेंस कॉरीडोर और बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे जैसी बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इसके बावजूद बुंदेलखंड के विकास के लिए बुंदेलखंड विकास बोर्ड की तरफ अब लोगों की नजरें हैं। गौरतलब है कि कुछ समय पहले प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड के विकास के लिए एक बोर्ड गठित कर दिया गया। इसमें बुंदेलखंड के नेताओं को शामिल किया गया है। इससे अब विकास के लिए इसी बोर्ड से उम्मीद की जा रही है।