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बालिका स्वास्थ्य व शिक्षा को लेकर योगी सरकार की बड़ी पहल, नहीं आएगी धन की कमी

Brij Kishore Gupta

Publish: Aug 11, 2019 08:01 AM | Updated: Aug 10, 2019 23:23 PM

Jhansi

गरीब परिवारों में बालिका के जन्म पर उसकी शिक्षा और स्वास्थ के लिए जन्म के समय से डिप्लोमा की पढाई तक आर्थिक सहायता दी जायेगी|

झांसी। बालिकाओं के प्रति परिवार की नकारात्मक सोच में बदलाव लाने के लिए प्रदेश की योगी सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में कन्या सुमंगला योजना लागू किए जाने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 23 अगस्त को कन्या सुमंगला योजना का पूरे प्रदेश में उद्घाटन होगा। इस योजना के तहत गरीब परिवारों में बालिका के जन्म पर उसकी शिक्षा और स्वास्थ के लिए जन्म के समय से डिप्लोमा की पढाई तक आर्थिक सहायता दी जायेगी| यह राशि 15000 रुपये तक की होगी और अधिकतम दो बेटियों को मिलेगी| जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा सुशील प्रकाश ने यहां इस योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

ये हैं योजना के मुख्य उद्देश्य

मुख्य चिकित्साधिकारी डा.सुशील प्रकाश ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में स्वास्थ्य एवं शिक्षा की स्थिति को सुदृढ़ करना है। इसके अलावा ये भी हैं मकसद-

प्रदेश में कन्या भ्रूण हत्या समाप्त करना।
प्रदेश में समान लिंगानुपात स्थापित करना।
बाल विवाह की कुप्रथा को रोकना।
नवजात कन्या के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करना।
जिले में बालिका के जन्म के प्रति आमजन में सकारात्मक सोच विकसित करना व उनके उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला रखना।
छ्ह श्रेणियों में लागू होगी यह योजना

इस योजना पर विस्तृत जानकारी देते हुए जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डा विजयश्री शुक्ला ने बताया -

बालिका के जन्म होने पर 2000 रुपए एकमुश्त (1 अप्रैल 2019 के बाद जन्मी बच्चियां)
बालिका के एक वर्ष तक के सभी टीका लग जाने के बाद 1000 रुपए एकमुश्त (1 अप्रैल 2018 के बाद जन्मी बच्चियां)
कक्षा प्रथम में बालिका के प्रवेश के उपरांत 2000 रुपए एकमुश्त।
कक्षा छ्ह में बालिका के प्रवेश के उपरांत 2000 रुपए एकमुश्त।
कक्षा नौ में बालिका के प्रवेश के उपरांत 3000 रुपए एकमुश्त।
ऐसी बालिकाएं जिन्होंने कक्षा 12वीं पास करके स्नातक अथवा दो वर्षीय या अधिक अवधि के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लिया हो 5000 रुपए एकमुश्त।
किसको मिलेगा लाभ :

लाभार्थी उत्तर प्रदेश का निवासी हो।
पारिवारिक वार्षिक आय अधिकतम रुपए तीन लाख हो।
परिवार की अधिकतम दो ही बच्चियों को योजना का लाभ मिल सकेगा।
लाभार्थी के परिवार में अधिकतम दो ही बच्चे हों।
किसी महिला को दूसरे प्रसव से जुड़वां बच्चे होने पर तीसरी संतान के रूप में लड़की को भी लाभ मिलेगा।
किसी महिला को पहले प्रसव से बालिका है और दूसरे प्रसव से दो जुड़वां बालिकाएं ही होती हैं तो तीनों बालिकाएं इस योजना की पात्र होंगी।
किसी परिवार ने अनाथ बालिका को गोद लिया हो, तो जैविक संतानों को सम्मिलित करते हुए अधिकतम दो बालिकाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा।
इस योजना को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा सुशील प्रकाश ने श्रेणी 1 और 2 के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं| आशाओं और एनएम द्वारा इस योजना के फॉर्म ऑफलाइन भरवाये जा रहे हैं।