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तेजी से बढ़ रहा है ये संकट, जर्मनी है भारत की मदद के लिए तैयार

Brij Kishore Gupta

Publish: Sep 02, 2019 08:01 AM | Updated: Sep 02, 2019 04:51 AM

Jhansi

इसका समाधान भी पूरी दुनिया को मिलकर निकालना होगा

झांसी। नगर में स्थित वीरांगना सभागार में जल सहेली सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जर्मन के वीवा काॅन एगुआ संस्था के दस साथी शामिल हुए। इस अवसर पर संस्था के प्रमुख अर्न ने कहा कि जल का संकट विश्वव्यापी है। इसका समाधान भी पूरी दुनिया को मिलकर निकालना होगा। इण्डो जर्मन अंतर्सम्बंध के तहत जर्मनी भारत में जल संकट के समाधान के लिए मदद के लिए तत्पर है।

आने वाले समय की दो प्रमुख चुनौतियां

इस अवसर पर डाॅ नागेन्द्र नारायण मिश्रा उपायुक्त स्वतः रोजगार ने कहा कि आने वाले समय मेें दो प्रमुख चुनौतियों का सामना हमें करना पड़ेगा। एक जल संकट और दूसरा महिलाओं की घटती हुयी संख्या। यदि समय रहते इन दोनों समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो स्थिति बहुत अधिक भयावह होगी। उन्होंने जल संकट के समाधान के लिए मनरेगा से खेत तालाब, सोखपिट, बोरवेल रिचार्ज आदि निर्मित कराने का आह्वान किया और जल सरंक्षण के लिए जल सहेलियों के द्वारा किये जा रहे प्रयासों को सराहा। इस अवसर पर जल जन जोडो अभियान के राष्ट्रीय संयोजक डा संजय सिंह ने कहा कि बुन्देलखण्ड मेें जल सहेलियों के द्वारा किये जा रहे कार्यों की चर्चा आज पूरी दुनिया में हो रही है। उनके द्वारा कियेे जा रहे प्रयासों को देखने के लिए दुनिया भर से लोग आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि बुन्देलखण्ड के प्रत्येक गांव में पानी पंचायत का गठन एवं जल सहेली का निर्माण हो। इसके लिए वह निरन्तर प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि वीवा काॅन एगुआ जैसी संस्थाऐं पानी के लिए संगीत का आयोजन करके चैरिटी का अद्भुत कार्य कर रही हैं।

इन्होंने सुनाई सफलता की कहानी

इस अवसर पर हमीरपुर के धरउपुर गांव से आयी कमलेश ने अपने माॅडल गांव के निर्माण की कहानी सुनाई। झांसी के मानपुर गांव की गीता ने तालाब संरक्षण के लिए किये जा रहे कार्य का प्रस्तुतीकरण किया। जालौन की सीमा देवी ने सोखपिट निर्माण की कहानी सुनाई। इसी क्रम में माया देवी ने किचिन गार्डन निर्माण की सफल कहानी सुनाई। ऐसे ही एक दर्जन से अधिक जल सहेलियों ने सम्मेलन को सम्बोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जल सहेली लक्ष्मी ने की। इस अवसर पर सिने अभिनेता एवं नाट्य कलाकार आरिफ शहडोली ने पानी के संरक्षण के सन्दर्भ में गीत प्रस्तुत किये तथा उन्होंने बुन्देलखण्ड में वाटर बैण्ड के निर्माण की आवश्यकता बतायी। स्वामी विवेकानन्द विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा चिरूला नृत्य की प्रस्तुति दी गई। वहीं, जर्मन से आये कीनो के द्वारा गायन किया गया। क्रीट्रो ने वाटर बैण्ड की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर एना, वेले, कार्ला, डेविड, पेडरो, जूलिनो, लेनी, लिली की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन परमार्थ की कार्यक्रम अधिकारी शिवानी सिंह ने किया। इस अवसर पर मानवेन्द्र सिंह, सिद्धगोपाल सिंह, संध्या सिंह, संध्या शर्मा, जितेन्द्र यादव, अभिनव आशीष, सत्यम, राजेश कुमार, अनिल कुमार आदि उपस्थित रहे।