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खिड़की-दरवाजे टूटे, दीवारों का प्लास्टर गिर रहा, पीने का पानी भी नहीं मिलता

Arun Tripathi

Publish: Nov 19, 2019 15:50 PM | Updated: Nov 19, 2019 15:50 PM

Jhalawar

राजकीय आवासीय विद्यालय में समस्याओं पर बिफरे छात्र
कक्षाओं का बहिष्कार कर प्रदर्शन किया

झालरापाटन. राजकीय आवासीय विद्यालय के छात्रों ने मूलभूत सुविधाएं मुहैया नहीं होने के विरोध में कक्षाओं का बहिष्कार कर नारेबाजी व प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद सभी छात्र रैली के रूप में पंचायत समिति पहुंचे और विकास अधिकारी को समस्याओं से अवगत कराते हुए ज्ञापन सौंपा। वहीं विकास अधिकारी ने इस मामले में छात्रों को कार्रवाई का आश्वासन दिया।
आवासीय विद्यालय के छात्र सोमवार सुबह १० बजे कक्षाओं का बहिष्कार कर परिसर में एकत्र हुए। छात्रावास व स्कूल की समस्याओं को लेकर विद्यालय के गेट के बाहर राज्य सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि इस विद्यालय की स्थापना वर्ष २००७ में की थी। स्थापना के १२ वर्ष बाद अभी तक हालात में कोई सुधार नहीं किया गया है। छात्रावास का भवन जगह -जगह से क्षतिग्रस्त होने से वर्षा होने पर सभी कमरों की छतें टपकती है। कमरों की खिड़कियां, शौचालय व मूत्रालय के दरवाजे टूटे हैं। पुताई नहीं होने से कमरों का प्लास्टर गिर रहा है। पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। शौचालय की नियमित सफाई नहीं होती है जिससे हमेशा गंदगी बनी रहती है, कमरों की दीवारों में आए दिन करंट आता है, खेलने के लिए मैदान नहीं है, मुख्य मार्ग से स्कूल तक कच्ची सड़क बनी होने से बरसात मेें कीचड़ हो जाता है, जिससे आने जाने में परेशानी होती है। पीने के पानी की प्लास्टिक की टंकिया छत पर रखी होने से गर्म पानी पीना पड़ता है। वाटर कूलर नहीं है।
-आज तक शैक्षिक भ्रमण भी नहीं कराया
स्कूल शुरू होने से आजतक विद्यार्थियों को भ्रमण नहीं कराया गया है जबकि प्रतिवर्ष भ्रमण के लिए विभाग से बजट आता है। पिछले दिनों जिला प्रमुख टीना भील ने स्कूल विकास के लिए ३ लाख रुपए का फंड आवंटित किया था, जिससे भी कोई कार्य नहीं कराए गए।
-मोटी और कच्ची रोटियां ?
इस वर्ष छात्रों को छात्रवृति नहीं मिली है। प्रत्येक छात्र से २०० रुपए कॉशन मनी ली जाती है जिसकी कोई रसीद नहीं दी जाती है। बिजली मरम्मत की राशि भी छात्रों से ली जा रही है। खाने में मोटी व कच्ची रोटियां व कच्चे फल दिए जाते हैं। विद्यालय में १९२ छात्र अध्ययनरत है।
-स्कूल में निर्माण कार्य के लिए विभाग ने राशि पंचायत समिति में जमा की है लेकिन पंचायत समिति से इन कार्यों के लिए अब तक निविदाएं आमंत्रित नहीं की गई हैं, जिससे यह परेशानी आ रही है।
देवीलाल मीणा, प्रधानाध्यापक आवासीय विद्यालय

पंचायतों के खातों में राशि नहीं, विकास कार्य बंद
सुनेल. पंचायत समिति की 44 ग्राम पंचायतों में सरकार द्वारा एसएफसी और एफएफसी मदों में छह माह मेंंं विकास राशि दी जाती है, लेकिन इस बार अब तक राशि पंचायतों के खातों में नहीं डाली गई है, इधर सरकार ने इस बार पंचायत समिति के खाते में चार करोड़ रूपए जमा कर दिए है लेकिन पंचायत समिति के पास लिस्ट नहीं भेजी गई है इससे किस ग्राम पंचायत में कितनी राशि डालनी है यह पता नहीं होने से विभाग भी राशि नहीं डाल पा रहा है। इसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों का विकास ठप हो गया है ग्राम पंचायत चुनाव से पहले ही गंावों की जनता विकास को तरस गई है अधिकांश ग्राम पंचायतों के खाते खाली पड़े हैं। कई ग्राम पंचायतों में रूपए के अभाव में गंावों में सफाई व्यवस्था भी चरमरा गई है। यहां तक कि कई ग्राम पंचायतों ने तो राशि के अभाव में पंचायत सहायकों को मानदेय का भुगतान भी नहीं किया है। पंचायत सहायकों को भुगतान नही मिलने से आजीविका चलाना मुश्किल हो रहा है। गंावों की सड़कें टूटी हुई है। नालियां जाम हो चुकी है और गंदगी का अंबार लगा हुआ है।

सरकार के साथ साइकिल का रंग भी बदला
झालरापाटन. प्रदेश में सरकार बदलने के साथ ही सरकारी सुविधाओं के मापदंड भी बदलने लगे है जिसके तहत शिक्षा विभाग की ओर से बेटियों को दी जाने वाली साइकिल का रंग केसरिया से बदलकर अब काला कर दिया गया है।
प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी शासित सरकार के कार्यकाल में शिक्षा विभाग के माध्यम से स्कूलों में छात्राओं को केसरिया रंग की साइकिलें वितरित की थी। अब बेटियों को भगवा रंग की जगह काले रंग की साइकिलें देने की तैयारी की जा रही है इसके लिए राज्य सरकार ने आदेश जारी किए है। जिससे अब बेटियों के हाथों में भगवा की जगह काले रंग की साइकिलें नजर आएंगी। नोडल केन्द्र राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में १२९७ साइकिलें वितरण के लिए भेजी है, जिन्हें बिहार से आए कारीगर दिनरात तैयार करने में जुटे हैं और अब तक इन्होंने ९०० से ज्यादा साइकिलें तैयार कर दी हैं। प्रधानाचार्य प्रभा सेन ने बताया कि यह साइकिलें शिक्षा निदेशालय बीकानेर केे आदेश पर यहां आई हैं जिन्हें इस माह आदेश आने के बाद ब्लॉक के स्कूलों में वितरित किया जाएगा।

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