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सड़क तक जमा लिया दुकानों का सामान, जाम

Arun Tripathi

Publish: Sep 19, 2019 20:54 PM | Updated: Sep 19, 2019 20:54 PM

Jhalawar

दिन-ब-दिन हालात बदतर होते जा रहे

खानपुर. कस्बे के समूचे प्रमुख मार्गों पर बाजारों में दुकानदारों द्वारा आधी सड़क तक सामान जमाकर कब्जा करने से दिन ब दिन हालात बदतर होते जा रहे हंै। कस्बे की समूची यातायात व्यवस्था ठप होने से यहां से गुजरने वाले वाहन चालक चालक व आमजन परेशान हैं। स्थानीय ग्राम पंंचायत व पुलिस प्रशासन के उदासीन रवैये के कारण समूचे बाजारों में दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण कर लोहे की सीढिय़ां, पक्के थड़े, रैम्प लगाकर सामानों को दुकानों के बाहर सजाया जा रहा है। ऐसे में दिनभर आमने सामने से वाहन आते ही जाम लग जाता है। इसके अलावा कस्बे में संचालित निजी स्कूलों की 2 बजे एक साथ छुट्टी होने के साथ ही वाहनों की आवाजाही शुरू होते ही जाम में फंस जाते हंै।
गुरुवार को साप्ताहिक हाट होने के साथ ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्र से खरीदारी के लिए आए ग्रामीणों के दुपहिया वाहन, मोटरसाइकिलें व टै्रक्टर ट्रॉलियंा बाजार में फंसी रही। यहां बारां रोड पर रूपली नदी की पुलिया से उच्च माध्यमिक विद्यालय तक 1.30 बजे से 2.30 तक जाम लगा रहा। ऐसे में निजी स्कूलों की बसें जाम में फंसी रहने से स्कूली छात्र-छात्राएं गर्मी व उमस से बसों मे परेशान होते रहे। घरों पर अभिभावक बालकों के आने के इन्तजार में सड़कों पर खड़े रहते हैं, लेकिन जाम के कारण विद्यार्थी आधे से एक घण्टे देरी से घर पहुंच रहे हैं। हर बार पंचायत व प्रशासन द्वारा जाम से निपटने के लिए दुकानदारों को नोटिस देकर औपचारिता पूरी कर ली जाती है, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं करने से समूचे बाजारों में आधी सड़क तक दुकानदार अपने सामानों को जमाकर यातायात को जाम कर रहे हंै। जबकि कस्बे के पुलिस थाने में हर बाया आयोजित होने वाली बैठक में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को हर बार जनप्रतिनिधियों द्वारा जाम का समाधान करने की मांग की जाती है, लेकिन प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं देने से पल-पल में जाम से हालात बदतर बने हुए हंै।

विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़
-इंजीनियरिंग कॉलेज के बाहर धरना जारी
झालरापाटन. राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय का राजकीय दर्जा समाप्त किए जाने को लेकर विद्यार्थियों का आंदोलन गुरुवार को भी जारी रहा।
महाविद्यालय के सभी विद्यार्थी कक्षाओं का बहिष्कार कर मुख्य द्वार पर ताला लगाया। बाहर दिनभर धरने पर बैठे विद्यार्थियों ने इस दौरान जिला प्रशासन व राज्य सरकार के विरोध में नारेबाजी व प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों के मुख्य द्वार पर ताला लगाने से अधिकारी व कर्मचारियों को पास ही स्थित छोटे गेट में होकर आना जाना पड़ा। स्टाफ के सभी लोगों को अपने वाहन मुख्य द्वार के बाहर ही खड़े करने पड़े। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के आश्वासन पर उन्होंने गुरुवार को शैक्षिक कार्य का बहिष्कार रखते हुए प्रशासनिक भवन में होने वाला कार्य सुचारू रूप से चालू रखने दिया। उन्होंने बताया कि गहलोत सरकार बदले की भावना से कार्य कर रही है। जिससे महाविद्यालय के नाम से राजकीय शब्द हटाया जा रहा है, जो विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। केन्द्र सरकार महाविद्यालय को राजकीय होने के कारण टेक्यूप के माध्यम से करोड़ों रुपए का बजट उपलब्ध कराकर यहां का शैक्षणिक उन्नयन करा रही है, इससे विद्यार्थियों को एनआईटी सूरतकल के सहयोग से अच्छी फैकल्टी से पढ़ाई करने का अवसर मिलने लगा है। इससे महाविद्यालय की साख भी बढऩे लगी है। राज्य सरकार इस तरह के निर्णय लेकर इस महाविद्यालय को बंद करने के कगार पर लाना चाह रही है। प्रदर्शनकारियों ने वाजिब मांग के लिए अन्य संगठनों से आगे आने का आग्रह किया है।

जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं
-मालियान मोहल्ले में नहीं पहुंचा पानी
सारोलाकलां. साढ़े चार करोड़ व्यय के बाद भी कई स्थानों पर जलापूर्ति व्यवस्था सुचारू नहीं होने से पुर्नगठित पेयजल योजना पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। वहीं मालियान मोहल्ले में एक सप्ताह से पानी नहीं पहुंच रहा है। कस्बे में 1 जून से जलापूर्ति व्यवस्था संवदेक के हाथों में है।
भीमराज माली, नेमीचंद माली, गोपाल गौतम का कहना है उनके एक सप्ताह से नलों में पानी नहीं आ रहा हैं। इससे पहले पाइप लाइन लोड कर जलापूर्ति करने नलों में दबाव से पानी आता था। उन्होंने एईएन से लाइन लोड कर जलापूर्ति करने की मांग की है। भूमरी रोड लालचंद सुमन कोड़क्या ने बताया कि नल दबाव रहित पानी आता है।
-यहां दो समय जलापूर्ति
पुरानी टंकी से बालापुरा तक संवदेक द्वारा पाइप लाइन नहीं बदलने से पुरानी टंकी से मजिस्द क्षेत्र उपभोक्ताओं को सुबह व शाम समय जलापूर्ति की जाती है। जबकि समूचे कस्बे में एक घंटे जलापूर्ति की जाती है। जलदाय कर्मियों का कहना है कि लाइन को देखेंगे। वहीं जलदाय विभाग सहायक अभियंता मंगलसिंह परमार का कहना है कि लाइन लोड करने न करने की कोई बात नहीं है, पानी पहुंचा दिया जाएगा।