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कहासुनी का बदला लेने के लिए महिला पर किया था जानलेवा हमला

Arun Tripathi

Publish: Oct 17, 2019 16:02 PM | Updated: Oct 17, 2019 16:02 PM

Jhalawar

आरोपी गिरफ्तार

झालरापाटन. शहर थाना पुलिस ने नीमबारी दरवाजा क्षेत्र निवासी महिला पर जानलेवा हमला कर आभूषण लूटने वाले आरोपी को 24 घंटे में गिरफ्तार कर लिया।
जिला पुलिस अधीक्षक राममूर्ति जोशी ने बताया कि नीमबारी दरवाजा क्षेत्र निवासी किराए के मकान में रहने वाली सोनू शर्मा ने ईलाज के दौरान चिकित्सालय में दिए बयान में बताया कि वह दोपहर 12 बजे घर पर रसोई में खाना बना रही थी। पति काम पर और बच्चे स्कूल गए थे। इसी दौरान कुम्हार मोहल्ले में रहने वाला जहांगीर जबरन मकान में घुस आया और आते ही मुंह दबाकर बैडरूम में ले गया और छीना झपटी करने लगा। विरोध करने पर चाकू से जान से मारने की नीयत से गर्दन पर वार किया। इससे वह अचेत हो गई और आरोपी उसकी झुमकियां लूटकर फरार हो गया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दिन दहाड़े हुई वारदात को गंभीरता से लेते हुए आरोपी को थाने के टॉप 10 वांछित अपराधियों में शामिल कर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश यादव, उप अधीक्षक अर्जुनसिंह शेखावत के निर्देशन में शहर थाना प्रभारी जगदीश प्रसाद, सहायक उप निरीक्षक सुजान सिंह, हेड कांस्टेबल प्रीतमसिंह, कांस्टेबल बाबूलाल, विश्वनाथ सिंह, भरतलाल, जगराम व रघुनाथाराम की टीम गठित की। टीम सदस्यों ने 24 घंटे के अंदर आरोपी जहांगीर को गिरफ्तार कर लिया और उससे घटना मेें काम लिए चाकू व लूटी गई सोने की झुमकियों की बरामदगी के लिए अनुसंधान किया जा रहा है।
-वारदात का तरीका
पुलिस के पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसकी बहन सोनू शर्मा की सहेली है। इससे उसका इनके घर आना जाना रहता था और वह महिला के घर से अच्छी तरह वाकिफ था। आरोपी गांजा पीने का आदी है। घटना के एक दिन पहले किसी बात को लेकर उसकी महिला से कहासुनी हो गई थी। जिससे खफा होकर उसने महिला को सबक सिखाने की ठान ली थी। महिला के घर पर अकेली होने की जानकारी होने से उसने वारदात को अंजाम दिया।

677 अपात्र परिवारों के नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हटाए
भवानीमंडी. पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में खाद्य सुरक्षा सूची से अपात्र परिवारों के नाम हटाने का सिलसिला निरंतर जारी है। इसी कड़ी में उपखण्ड अधिकारी ने बुधवार को अपात्र लोगों का नाम हटाने में एक बड़ा रिकॉर्ड कायम करते हुए 677 अपात्र परिवारों के नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हटाए। वहीं दूसरी ओर अपात्र लोगों के स्थान पर जांच के बाद 420 पात्र परिवारजनों के नाम खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल किए।
उपखण्ड अधिकारी राजेश डागा ने बताया कि आमजन, पटवारी, ग्राम सेवक एवं राशन डीलर की सूचना के आधार पर पंचायत समिति की विभिन्न पंचायतों में जिन परिवारों के सभी सदस्यों की कुल कृषि भूमि दो हैक्टेयर से अधिक है। उन्हें खाद्य सुरक्षा सूची में पात्र नहीं मानकर 677 अपात्र परिवारों के नाम सूची से हटाए।
-इधर 420 पात्र परिवार के जोड़े नाम
राज्य सरकार की जनकल्याणकारी खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ गरीब व पात्र परिवार को मिले। इसके लिए प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद 420 पात्र परिवारों के नाम खाद्य सुरक्षा सूची में जोड़े।
-ऐसे हुई अपात्र परिवारों की जांच
उपखण्ड अधिकारी ने बताया कि कलक्टर सिद्धार्थ सिहाग के निर्देश पर पहचपहाड़ तहसील से मुआवजे की रिपोर्ट मंगाई। जिसमें 1735 बड़े किसान हैं जिनके नाम 2 हैक्टयर से अधिक कृषि भूमि रिकॉर्ड में दर्ज है। इन्हें मुआवजे के रूप में 13 हजार 600 रुपए राशि प्राप्त हुई। इन किसानों के आधार कार्ड नम्बर के द्वारा भामाशाह नंबर खोजकर खाद्य सुरक्षा योजना में पात्र लोगों की जांच में 677 परिवार एनएफएसए में पात्र दर्ज थे।

बाड़े में रखी सोयाबीन जलाई
बकानी. पचायंत समिति के रेपला गांव में गत रात्रि को अज्ञात लोगों ने बाड़े रखी सोयाबीन में आग लगा दी। गिरधारी लाल शर्मा ने खेतों से सोयाबीन फसल काट कर गांव के पास अपने बाड़े में ढेर लगा रखा था। गत रात को अज्ञात लोगों ने उसमें आग लगाकर दी। गिरधारी लाल शर्मा ने बताया 7 बीघा की सोयाबीन में आग लगाई है। लोगों ने लपटें देखकर फोन पर उसे सूचना दी।जब के परिजन पहुंचे तब तक सोयाबीन की फसल जल चुकी थी। आग की सूचना बकानी थाने दी। बुधवार सुबह बकानी थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोट दर्ज कराई।

फसल में फलियां नहीं लगी, हंकाया शुरू
सुनेल. सोयाबीन में अतिवृष्टि होने से फसल में फलियां नहीं लगी, इसके चलते मजबूरी में किसानों को खड़ी फसल की हंकाई करनी पड़ रही है। क्षेत्र के सिन्दूरिया गंाव में सोयाबीन की फसल बर्बाद हो गई है। किसान रतनलाल पाटीदार, चेतन पाटीदार ने बताया कि 5 बीघा की सोयाबीन की बुवाई की थी, अतिवृ
ष्टि से फसल नष्ट हो गई। अब फसल को काटकर निकलाकर तैयार करने में लागत से ज्यादा खर्च होने के कारण हंकाई करनी पड़ रही है। किसान रामलाल धाकड़, सुरेश कुमार धाकड़ आदि ने बताया कि साहूकार से कर्ज लेकर फसल बोई थी।