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3 दिन में हर्बल गार्डन से एक फीट पानी ही उतरा

Arun Tripathi

Publish: Aug 22, 2019 15:40 PM | Updated: Aug 22, 2019 15:40 PM

Jhalawar

-जलभराव से वनस्पति व पेड़-पौधों नष्ट होने का बढ़ा खतरा
-अधिकारियों ने लिया जायजा, नुकसान पहुंचाने का केस दर्ज

झालरापाटन. जिला और नगरपालिका प्रशासन के अधिकारियों ने हर्बल गार्डन में भरे पानी से वनस्पति और पेड़-पौधों के जल मग्न होने के हालात का अवलोकन किया।
उपखण्ड अधिकारी, सहायक वन संरक्षक ओमप्रकाश जांगिड़, नगरपालिका अध्यक्ष अनिल पोरवाल, सहायक अभियंता पुरूषोत्तम महावर, कनिष्ठ अभियंता पुष्पेन्द्र सिंह ने व्यापार संघ अध्यक्ष विजय मेहता के साथ हर्बल गार्डन व कल्याणराय मंदिर कुंड का अवलोकन किया। अधिकारियों ने हर्बल गार्डन में जलमग्न हो रही वनस्पति व पेड़-पौधों के नष्ट होने पर चिंता जताई। सहायक वन संरक्षक ने बताया कि गोमती सागर तालाब के रिसाव का पानी हर्बल गार्डन में आता है, लेकिन इसमें स्थित गेपरनाथ महादेव मंदिर के यहां पानी की निकासी के मौखों को बंद करने से निकासी अवरूद्ध हो गई है और वनस्पति जलमग्न हो गई। यहां पानी भरा होने से मौखों को खोलने में परेशानी हो रही है। उपखण्ड अधिकारी ने कहा कि पहले कुंड के पानी को खाली करने के लिए कुंड के सामने सड़क पर एक और तीन गुना तीन का गड्ढा करके पानी बाहर निकालने का प्रयास करें। यदि इसके बावजूद भी पानी बाहर नहीं निकलता तो सड़क की खुदाई कर इसमें मोटे पाइप डालकर निकासी का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिस तेजी से तालाब से पानी का रिसाव हो रहा है उसके अनुसार पानी की निकासी नहीं हो रही है। दो दिन से लगातार इंजन लगाकर कुंड के पानी की निकासी करने के बावजूद अभी तक हर्बल गार्डन से एक फीट पानी का उतार हुआ है।
-हर्बल गार्डन को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज
वन विभाग के रेंजर ने हर्बल गार्डन में पानी भरने से वनस्पति को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज कराया है। शहर थाना प्रभारी जगदीश प्रसाद ने बताया कि वन विभाग के रेंजर राजेन्द्र कुमार ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि नगर निवासी मोहित गुप्ता ने हर्बल गार्डन में होकर निकलने वाले नाले को अवरूद्ध कर दिया, इससे हर्बल गार्डन के सभी ब्लॉक में जल भराने से वनस्पति व पेड़-पौधे जलमग्न हो गए। इससे विभाग को भारी नुकसान पहुंचा है। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।

 

ग्रामवासियों की जमीन गलत तरीके से खातेदारों के नाम दर्ज कर दी
-करावन पंचायत की 508 बीघा 7 बीस्वा जमीन का मामला
भवानीमंडी. राजगढ़ बांध के डूब में आई करावन पंचायत की 508 बीघा 7 बीस्वा जमीन गलत तरीके से 140 खातेदारों के नाम दर्ज हो गई, जो की समस्त ग्रामवासियों के नाम दर्ज थी। इसे लेकर उपखण्ड अधिकारी ने सभी खातेदारों को नोटिस देकर सुनवाई के लिए बुलाया।
उपखण्ड अधिकारी राजेश डागा ने बताया कि करावन पंचायत के राड़ी की 508 बीघा 7 बीस्वा जमीन का 140 खातेदारों को 3 करोड़ 21 लाख रुपए मुआवजा दिया जाना था। लेकिन जब जमीन एक ही खाते व दो खसरे 334 व 338 में होने केे चलते जांच की गई, तो जांच में पाया की यह जमीन पूर्व में समस्त खातेदार ग्रामवासियों के नाम दर्ज थी। जिसे तत्कालीन पटवारी ने 15 जुलाई 1977 को बिना सक्षम अधिकारी व बिना न्यायालय के आदेश के इस आराजी को 140 ग्रामीणों के नाम जमीन दर्ज कर दी। यह जमीन जब डूब में आई तो 140 खातेदारों ने मुआवजे की मंाग की। इस पर उपखण्ड अधिकारी ने पुराने रिकॉर्ड की जांच की तो उसमें पाया की यह समस्त ग्रामवासियों से 140 खातेदारों के नाम गलत दर्ज हुई है। इस पर तहसीलदार को जंाच के आदेश दिए। पचपहाड़ तहसीलदार ने न्यायालय में धारा 136 प्रकरण पेश किए।