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बीज के बाद अब खाद के लिए भी लग रही लाइनें ?

Arun Tripathi

Publish: Nov 17, 2019 15:46 PM | Updated: Nov 17, 2019 15:46 PM

Jhalawar

-अभी से राशनिंग, दो बैग दे रहे

भवानीमंडी. किसानों को अभी रबी फसल के गेहूं बीज की लाइनों से मुक्ति भी नहीं मिली थी, कि यूरिया के लिए लाइनों में लगना पड़ा है। इस पर भी उन्हें राशन की तरह दो बैग ही खाद मिल रहा है। इससे उन्हें जरूरत का खाद खरीदने के लिए लंबे समय तक दुकानों के फेरे लगने पड़ जाएंगे।
शनिवार को शहर के पचपहाड़ और अन्य जगह हुए खाद वितरण में यही स्थिति दिखाई दी। पचपहाड़ में काश्तकारों को खाद के लिए सुबह 7 बजे से ही लाइन में लगना पड़ा। एक ट्रक खाद आया जो, करीब तीन घंटे मेें ही बिक गया। इस पर भी खाद नहीं मिला तो उन्हें निराश हो लौटना पड़ा।
सांगरिया गांव निवासी किसान देवीलाल और पर्वत सिंह ने बताया कि वे खाद के लिए सुबह 7 बजे से दुकान पर खड़े हंै, लेकिन उन्हें दो बैग ही दिया जा रहा है। नारायणखेड़ा के गोरधनसिंह ने बताया कि उसके 25 बीघा जमीन है, दो बैग खाद से क्या होगा।
-आधार कार्ड, पॉश मशीन और पिकअप में खाद
गत वर्ष की तरह इस साल भी किसान की जमाबंदी, आधार कार्ड और पॉश मशीन से खाद वितरण किया जा रहा है, इससे किसानों में रोष दिखाई दिया। पचपहाड़ में दुकान पर शनिवार सुबह खाद का वितरण किया जा रहा था, उसी समय पिकअप में खाद के बैग भरे जा रहे थे। जिन किसानों को खाद नहीं मिला, वे पिकअप देखकर कह रहे थे कि जब दो बैग खाद दिया जा रहा है, तो फिर पिकअप में एक साथ तीस-चालीस बैग कैसे ले जा रहे हैं।
-खाद पर 14 रुपए ज्यादा, बिल भी नहीं दिया
खाद की आवक के साथ ही यूरिया की कालाबाजारी शुरू हो गई है। किसानों को अधिक रेट में खाद बेचना शुरू कर दिया है। सरकार द्वारा खाद की रेट 266.67 रुपए तय है, लेकिन डीलर द्वारा 280 रुपए वसूले जा रहे हैं। मौके पर उन्हेें बिल भी नहीं दिया जा रहा था। काश्तकारों रामप्रसाद मेघवाल, पीरूसिंह ने बताया कि डीलर द्वारा बिल नहीं दिया जा रहा है। बिल के नाम पर कच्ची पर्ची काट कर दी जा रही है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को भी देर रात तक खाद बांटा, लेकिन तब भी खाद नहीं मिला था। उधर, पूछने पर खाद विक्रेता डीलर दिनेश मंत्री ने अधिक राशि लेने के सवाल पर बताया कि हम्मालों के बैग उतारने के तीन रुपए लिए जा रहे हैं।
-दुकानदार और किसान के बीच मारपीट
यूरिया बिक्री के दौरान पचपहाड़ में शुक्रवार रात मारपीट हो गई। किसान कैलाश राठौर ने बताया कि वह दुकानदार कमलेश जैन के पास खाद लेने गया तो उसने होने के बाद भी देने से मना कर दिया। प्रतिवाद किया तो उसने ईंट से वार किया, इससे मैरे सिर में चोंट आ गई। लोगों ने अस्पताल पहुंचाया। उधर, दुकानदार कमलेश कुमार ने बताया कि किसान कैलाश राठौर नशे में दुकान पर आकर बदतमीजी से पेश आया और आते ही उसके एक थप्पड़ मार दी। लोगों ने बीच-बचाव कर छुड़ाया।
-निराश लौटे किसान
गेहूं बीज के लिए लगातार तीसरे दिन शनिवार को भी कतारें लगी रही। आज 225 बैग गेहूं आया, जो थोड़ी देर में ही बीत गया। बाकी किसानों को खाली हाथ लौट जाना पड़ा। सहायक कृषि अधिकारी चेंचालाल ने बताया कि रविवार को ओर बीज आएंगा, जो किसानों को प्रदान करा दिया जाएगा।
-काश्तकारों को बिना बिल के अगर खाद का वितरण किया जा रहा है तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हेमंत व्यास, कृषि अधिकारी, भवानीमंडी

कब शुरू होंगी गौशालाएं, सड़कों पर गायों के झुंड से हो रहे हादसे
-महिलाओं, बच्चों और वृद्धजनों में डर
सुनेल. कस्बे में लंबे समय से गौशाला के संचालन की जरूरत महसूस की जा रही है। करीब साढ़े तीन वर्ष पूर्व पंचायत समिति की ग्राम पंचायत सामरिया की सुनेल बायपास स्थित चारागाह की 15 बीघा भूमि पर गौशाला बनने के लिए भूमि पूजन कर निर्माण कर दिया, लेकिन अभी तक गौशाला शुरू नहीं की है।
दूसरी ओर जय श्री कृष्ण गौशाला समिति द्वारा लगभग साढ़े तीन वर्ष पूर्व गौशाला का भूमि पूजन कर भूमि का समतलीकरण किया, लेकिन दोनों ही गौशाला को अभी तक शुरू नहीं किया। इससे कस्बे में बड़ी संख्या में आवारा मवेशियों का जमावड़ा लगा है। कई लोग हमले का दंश झेल चुके हैं। सबसे ज्यादा डर महिलाओं, बच्चों व वृद्धों को है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से इनकी रोकथाम के प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। दुधारू रहने तक गाय व बछड़े-बछड़ी को घर में जगह देने और बाद में सड़कों पर खुला छोडऩे की प्रवृत्ति पशुपालकों की गैर जिम्मेदारी को दर्शाने के साथ कस्बे के लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। कस्बे के प्रमुख मार्गों व चौराहों पर आवारा पशुओं के जमावड़े से राहगीर व वाहन चालक खासे परेशान हैं। ग्रामीण रामप्रसाद नागर, नितिन कुमार, बलवंत कुमार धाकड़, सुरेश कुमार राठौर आदि ने बताया कि गत एक माह में गायों के जमावड़े से वाहन चालक दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। इसी के साथ मुख्य मार्ग पर गाए बैठी रहने और घूमने से यातायात में बाधा हो रही है। वाहनों की टक्कर से कई गायें भी घायल हो रही है।
-गौशाला के लिए भूमि का कुछ हिस्सा लेवलींग कराया है। वहीं भामाशाहों के सहयोग से टीनशेड का कार्य कराने के लिए प्रयास किया जा रहा है।
सुरेन्द्र सोनी, अध्यक्ष, जयश्री कृष्ण गौशाला, समिति सुनेल
-आपणी गौशाला का काम पूरा हो चुका है। अब केवल गौशाला संचालन के लिए इच्छुक व्यक्ति या संगठन का इंतजार है, जो जिम्मेदार के साथ काम को कर सके। साल भर में जो भी खर्चा आएगा उसका आधा ग्राम पंचायत द्वारा वहन किया जाएगा।
राजेश मंडलोई, सरपंच

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