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बीपी बढ़ा हुआ बताकर स्टॉफ ने कर दिया रेफर, फिर मेन गेट पर ही महिला ने दिया बच्चे को जन्म, मचा हड़कंप

Vasudev Yadav

Publish: Aug 16, 2019 16:49 PM | Updated: Aug 16, 2019 16:49 PM

Janjgir Champa

Health : जिला अस्पताल में एक बार फिर लापरवाही आई सामने

जांजगीर-चांपा. प्रसव पीड़ा लेकर जिला अस्पताल (District Hospital) पहुंची महिला को स्टॉफ ने बीपी बढ़ा हुआ बताकर सिम्स रेफर कर दिया। परिजन महिला को लेकर पैदल ही अस्पताल से बाहर निकल रहे थे कि मुख्य गेट के पास ही महिला की डिलवरी हो गई। इससे अस्पताल (District Hospital) में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में महिला और बच्चे को फिर अंदर ले जाकर भर्ती कर इलाज शुरू किया।

दरअसल, ग्राम मुनुंद के रहने वाले विनोद कश्यप अपनी पत्नी पुष्पा कश्यप को प्रसव पीड़ा होने पर बुधवार की रात करीब 8 बजे जिला अस्पताल (District Hospital) लेकर पहुंचे। उनके साथ गांव की मितानिन की मां भी थी। पुष्पा के पति विनोद ने बताया कि यहां पहुंचने के बाद स्टॉफ ने केवल दस मिनट बाद ही बीपी बढ़ा हुआ बताकर उसे बाहर ले जाने की बात कही और बिलासपुर रेफर करने के लिए कागज थमा दिया। ऐसे में भयंकर प्रसव पीड़ा में कराहती महिला को परिजन बिलासपुर ले जाने निकले लेकिन वे अस्पताल के गेट के पास पहुंचे ही थे कि महिला को अचानक तेज दर्द हुआ और वहीं पर ही उसने बच्चे को जन्म दिया।

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अस्पताल गेट के सामने ही बच्चा होता देखकर वहां मौजूद लोग भी हक्के-बक्के रह गए। किसी तरह परिजनों ने नवजात को संभाला। इसके बाद स्टॉफ के बीच हड़कंप मच गया। आनन-फानन में फिर नर्सों ने महिला और नवजात को भर्ती किया और जांच शुरू की।

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रात में भगवान भरोसे अस्पताल
जिला अस्पताल में खासकर रात में समय आने वाले ज्यादा मरीजों को राहत नहीं मिलती। खासकर जचकी के केस ज्यादातर रेफर कर दिए जाते हैं। इसका एक कारण यहां निश्चेतना डॉक्टर का नहीं होना है। इकलौती निश्चेतना डॉक्टर मसर्लिना टोप्पो है, लेकिन उनकी छुट्टी जिस दिन रहती है उस दिन सिजेरियन केस वाले मरीजों को रेफर करने के सिवाय कोई चारा नहीं रहता। हालांकि इसके लिए अस्पताल प्रबंधन द्वारा एक निजी अस्पताल के निश्चेतना डॉक्टर की सेवा भी ली जा रही है, लेकिन दिन में । ऐसे में रात के समय यहां ऐसे केस आने पर डॉक्टर और स्टाफ नर्स क्रिकिटल केस को रेफर करना ही मुनासिब समझते हैं।

सिविल सर्जन को पता ही नहीं
इधर अस्पताल (District Hospital) में इतना कुछ हो जाने के बाद भी सिविल सर्जन को इसकी जानकारी तक नहीं थी। पत्रिका द्वारा बताने के बाद सिविल सर्जन को इस मामले की जानकारी हुई और उन्होंने मरीज की फाइल मंगाकर जानकारी ली। उन्होंने बताया कि महिला का बीपी काफी अधिक बढ़ गया था। वहीं हल्के झटके भी आ रहे थे। जो प्री एलेक्सिया का लक्षण होता है। इसलिए उसे रिफर कर किया गया। हालांकि ऐसे मामले में कई बार नार्मल डिलेवरी हो जाती है, लेकिन रिस्क नहीं ले सकते। इसलिए दूसरी जगह रिफर करना पड़ता है।

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