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पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा बने झारखंड तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष

Prateek Saini

Publish: Jan 08, 2019 21:42 PM | Updated: Jan 08, 2019 21:42 PM

Jamshedpur

पदभार ग्रहण करते ही अर्जुन मुंडा ने कहा कि जनजातीय क्षेत्र के बच्चों में जन्मजात तीरंदाजी के गुण, प्रतिभा को आगे बढ़ाएंगे...

 

(रांची,जमशेदपुर): राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा झारखंड तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष चुने गए हैं। जमशेदपुर में आयोजित तीरंदाजी संघ की एजीएम में अर्जुन मुंडा को संघ का नया अध्यक्ष चुना गया है। झारखंड तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष चुने जाने के बाद उन्होंने कहा कि झारखंड ही नहीं बल्कि देश के सभी जनजातीय क्षेत्र के बच्चों में जन्मजात तीरंदाजी के गुण विद्यमान हैं। जनजातीय क्षेत्र के प्रतिभा में निखार लाकर उन्हें मंच देने की आवश्यकता है। तीरंदाजी प्रतिभा को आगे बढ़ाएंगे।

 

जनवरी के आखिरी सप्ताह में होगा प्रतियोगिता का आयोजन

मुंडा ने कहा कि यद्दपि तीरंदाजी में झारखंड बेहतर प्रदर्शन करता आ रहा है, परंतु इस क्षेत्र में और अधिक परिणाम आना बाकी है। उन्होंने कहा कि झारखंड के सभी जिलों में तीरंदाजी के प्रतिभा को उभारने का कार्य करेंगे। आने वाले दिनों में ओलंपिक खेलों में तीरंदाजी में गोल्ड मेडल मिले, इस पर पूरा जोर रहेगा। मुंडा ने कहा कि आगामी 27 से 29 जनवरी तक खरसावां में राज्य स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा। इसमें राज्य के विभिन्न जिले की टीमें हिस्सा लेंगी।

 

तीरंदाजी के प्रति अर्जुन मुंडा का गहरा लगाव

अर्जुन मुंडा का तीरंदाजी के प्रति गहरा लगाव है। अर्जुन मुंडा सरायकेला-खरसांवा तीरंदाजी संघ व अकादमी के संस्थापक हैं। उन्होंने 2004 में सरायकेला-खरसावां जिला तीरंदाजी संघ की स्थापना की थी। पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा की पत्नी मीरा मुंडा संघ की अध्यक्ष हैं। फिलहाल तीरंदाजी संघ के प्रशिक्षण शिविर में करीब 50 तीरंदाज प्रशिक्षण ले रहे हैं। श्री मुंडा ने वर्ष 2006 में मुख्यमंत्री रहते दुगनी में तीरंदाजी अकादमी की स्थापना की थी।


ओलंपियन अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज दीपिका कुमारी, राष्ट्रपति पदक विजेता गोरा हो, पलटन हांसदा आदी तीरंदाज अर्जुन मुंडा की खोज हैं। इसके अलावा उनके प्रशिक्षण अकादमी से अब तक तीन दर्जन अंतरराष्ट्रीय व डेढ़ सौ से अधिक राष्ट्रीय स्तर के तीरंदाज निकले हैं। अभी भी दर्जनों राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। यह अकादमी तीरंदाजी के नर्सरी के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना चुकी है।