स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

जैश में शामिल हुआ लापता युवा! सोशल मीडिया पर फोटो वायरल

Nitin Bhal

Publish: Jul 21, 2019 00:43 AM | Updated: Jul 21, 2019 00:43 AM

Jammu

Terrorism in Kashmir: घाटी में आतंकी संगठनों (Terrorist Groups ) का शिकंजा अभी कम नहीं हुआ है। जेहाद के नाम पर युवाओं को फंसाकर आतंकी बनाने की चाल में अब भी ये आतंकी संगठन कामयाब हो ...

श्रीनगर. घाटी में आतंकी संगठनों (Terrorist Groups ) का शिकंजा अभी कम नहीं हुआ है। जेहाद के नाम पर युवाओं को फंसाकर आतंकी बनाने की चाल में अब भी ये आतंकी संगठन कामयाब हो रहे हैं। शनिवार को अनंतनाग से लापता एक युवक का फोटो सोशल मीडिया में खासा वायरल हो रहा है। फोटो में युवक को असॉल्ट रायफल के साथ दिखाया गया है और दावा किया गया है कि वह आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ( Jaish-e-Muhammad ) में शामिल हो गया है। युवक की पहचान 23 वषीर्य जाहिद अहमद खांडे पुत्र तारिक अहमद खांडे के रूप में हुई है। दक्षिण कश्मीर के जिला अनंतनाग के सिरिगुफवारा में हगाम इलाके का रहने वाला जाहिद स्नातक की पढ़ाई कर रहा था। परिजनों का कहना है कि वह 21 जून को घर से पढ़ाई के लिए निकला परंतु वापस नहीं लौटा। इस मामले में पजिनों ने थाने में रिपोर्ट भी दर्ज करा रखी है। अब सोशल मीडिया पर जाहिद की राइफल के साथ फोटो और उसके जैश में शामिल होने की सूचना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों को फिलहाल जानकारी नहीं है कि आतंकी संगठन में शामिल होने के बाद वह इस समय कहां छिपा हुआ है।

भाई भी हुआ था लापता

उधर, पुलिस का कहना है कि पिछले महीने ही उन्होंने जाहिद के भाई को गिरफ्तार किया गया था। वह भी जून के पहले सप्ताह से लापता था। कुछ दिनों के बाद वह घर लौट आया। यही वजह थी कि उसे छोड़ दिया गया। भाई की रिहाई के कुछ दिनों बाद ही जाहिद लापता हो गया।

बुरहान की मौत के बाद आतंकी संगठनों से जुड़े 350 से अधिक युवा

youth from South Kashmir Joins terrorist group

वर्ष 2016 में बुरहान वानी की हत्या के बाद घाटी में युवाओं ने बंदूके उठाना शुरू कर दी थी। इन युवाओं में छात्र, डॉक्टर-इंजीनियर भी शामिल थे। बुरहान की मौत से पहले घाटी में करीब 88 कश्मीरी युवा आतंकी संगठनों से जुड़े हुए थे। परंतु उसकी मौत के बाद घाटी में विरोध भडक़ गया और आतंकी संगठनों में भर्ती में तेजी दर्ज की गई। इस वर्ष सात महीनों में ही तीन दर्जन से अधिक युवा आतंकी संगठनों में शामिल हो चुके हैं। यही नहीं बड़ी संख्या में युवा लापता हैं। वर्ष 2017 में 126 युवा विभिन्न आतंकी संगठनों से जुड़े। इनमें अधिकतर युवा दक्षिण कश्मीर के जिले पुलवामा, शोपियां, कुलगाम और अनंतनाग के थे। वर्ष 2018 में 191 कश्मीरी युवा आतंकवाद से जुड़े। इनमें 139 दक्षिण कश्मीर के रहने वाले थे। सबसे ज्यादा 59 युवा पुलवामा के थे।