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मंजिल नहीं दूर : लेह से गुजरेगी रेल तो रोमांचित होंगे पर्यटक

Satyendra Porwal

Publish: Nov 06, 2019 01:15 AM | Updated: Nov 06, 2019 01:15 AM

Jammu

हवाई सेवाओं में विस्तार से बदल जाएगा नजारा।
जल्द पूरी हो भानूपल्ली-बिलासपुर-बेरी-लेह रेलवे लाइन।

नई दिल्ली. हिमाचल की वादियों में रेल व हवाई सेवाओं के विस्तार के साथ ही ना केवल हिमाचल बल्कि रेल लाइन से जुडऩे वाले अनेक बड़े शहरों व आसपास के हिल स्टेशनों पर भरपूर पर्यटन की संभावनाएं बढ़ेगी व व रोजगारों के अवसरों में भी इजाफा होगा। वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में रेल सेवाओं के विस्तार की बहुत आवश्यकता है। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने यह बात नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट के दौरान कही। उन्होंने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण भानूपल्ली-बिलासपुर-बेरी-लेह रेलवे लाइन को पूरा करने के लिए सहयोग का आग्रह भी किया। प्रधानमंत्री मोदी का कांगडा के धर्मशाला में हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से आयोजित की जाने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर मीट के उद्घाटन के आमंत्रण को स्वीकार करने पर राज्यपाल बंडारू ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 85 हजार करोड़ के समझौता ज्ञापन को हस्ताक्षरित करने में सफलता प्राप्त की है। इन प्रयासों से हिमाचल राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार की सम्भावनाएं बढ़ेंगी और राज्य के लोगों के जीवन में खुशहाली आएगी।
शिमला, कांगड़ा और कुल्लू हवाई अड्डों का होगा विस्तार
राज्यपाल ने भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण के सहयोग से मण्डी जिले में अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण और शिमला, कांगड़ा और कुल्लू हवाई अड्डों के विस्तार के लिए सैद्धान्तिक स्वीकृति प्रदान करने के लिए भी प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया।
हिमाचल के राज्यपाल ने प्रधानमंत्री से नई दिल्ली में की दिल की बात

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राज्यपाल ने प्रधानमंत्री मोदी को यह भी जानकारी दी कि उन्होंने उत्तरी और दक्षिण भारत को जोडऩे के लिए तेलंगाना और कर्नाटक में हिमाचल पर्यटन विभाग के केन्द्र स्थापित करने का भी प्रस्ताव दिया है।
प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील हिमाचल
उन्होंने अवगत करवाया कि हिमाचल बाढ़, बादल फटने, जंगलों में आग, सूखा, शीतलहर और हिमस्खलन आदि प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील है। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के आकार को बढ़ाने तथा केन्द्र सरकार की ओर से एसडीआरएफ को शत प्रतिशत वित्त पोषित किए जाने का उन्होंने आग्रह किया।

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