स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

पीडीपी सांसद ने निष्कासन आदेश मानने से इंकार किया

Yogendra Yogi

Publish: Nov 03, 2019 16:49 PM | Updated: Nov 03, 2019 16:49 PM

Jammu

अनुच्छेद 370 हटाने के विरोध के कारण पहले से अलग-थलग पड़ी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) में संकट के बादल ओर गहरा गए हैं। पार्टी ने अपने राज्यसभा सदस्य नजीर अहमद लवे को निष्कासित कर दिया पर लवे ने इसे मानने से इंकार कर दिया।

श्रीनगर। अनुच्छेद 370 हटाने के विरोध के कारण पहले से अलग-थलग पड़ी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) में संकट के बादल ओर गहरा गए हैं। पार्टी ने अपने राज्यसभा सदस्य नजीर अहमद लवे को निष्कासित कर दिया पर लवे ने इसे मानने से इंकार कर दिया। पीडीपी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में राज्यसभा सदस्य लवे को निष्कासन का फरमान सुनाया था। लवे पर गुरुवार को उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का आरोप लगाया गया।

निष्कासन आदेश पर उठाया सवाल
इस पर लवे ने आदेश पारित करने वाले नेताओं के अधिकार पर सवाल उठा दिया। निष्कासन के मुदï्दे पर उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती गत ४ अगस्त से नजरबंद हैं। ऐसे में निष्कासन आदेश किसने जारी किया है। उन्होंने कहा कि वे पार्टी प्रवक्ता के आदेश को स्वीकार नहीं करेंगे। प्रवक्ता को निष्कासन का अधिकार नहीं है। लवे ने कहा कि पार्टी की तरफ से इस तरह का कोई निर्देश नहीं मिला था कि उपराज्यपाल के शपथग्रहण समारोह में शामिल नहीं होना है।

धमकियों से नहीं डरूंगा
नजीर लावे ने शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के विवाद पर टिप्पणी नहीं की। "किसी ने भी मुझसे इस मुद्दे पर बात नहीं की। अगर पार्टी ने मुझे निदेज़्शित किया होता, तो मैं शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होता। "नजीर लावे ने कहा कि वह पीडीपी कार्यकर्ता बने हुए हैं और उनकी किसी भी राजनीतिक पार्टी में शामिल होने की कोई योजना नहीं है। "मुफ्ती मोहम्मद सईद ने मुझे संसद सदस्य बनाया। मैं मुफ्ती साहब के मिशन को आगे ले जाऊंगा। मैं अभी भी पीडीपी का हिस्सा हूं। इस प्रवक्ता के पास मुझे निष्कासित करने का कोई अधिकार नहीं है। मेरे पिता एक राजनीतिक कार्यकर्ता रहे हैं और मुझे निष्कासन की धमकियों से डरना नहीं चाहिए।

[MORE_ADVERTISE1]