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अब आतंकियों के छक्के छुड़ा देंगे ये जम्मू-कश्मीर के युवा

Yogendra Yogi

Publish: Dec 07, 2019 19:48 PM | Updated: Dec 07, 2019 19:48 PM

Jammu

आतंकवादी जिन्हें धमकियां देते थे, अब उन्हें उन्हीं से निपटना पड़ेगा। जम्मू-कश्मीर के जोशीले और फुर्तीले युवाओं ने अब आतंकियों के छक्के छुड़ाने की ठान ली है। 404 युवाओं ने शनिवार को सेना में राइफलमैन के तौर पर मर मिटने की कसम खाई।

जम्मू(योगेश): आतंकवादी जिन्हें धमकियां देते थे, अब उन्हें उन्हीं से निपटना ( Now Terrorist will face) पड़ेगा। जम्मू-कश्मीर के जोशीले और फुर्तीले युवाओं ( Smart Youth of JK ) ने अब आतंकियों के छक्के छुड़ाने की ठान ली है। केंद्र शासित राज्य बनने के बाद पहली बार श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र रंगरेठ में आयोजित हुई इस पासिंग आउट परेड में जम्मू-कश्मीर ( Jammu Kashmir ) के विभिन्न जिलों में रहने वाले 404 युवाओं ने शनिवार को सेना में राइफलमैन के तौर पर ( Rifleman ) शामिल होकर देश के लिए मर मिटने की कसम खाई।

अपने लालों को वर्दी में देख कर अभिभावकों का सिर गर्व से ऊंचा उठ गया
देश से आतंकवाद, नकसलवाद को समाप्त करने का प्रण लेते हुए जब देश के वीर बेटों ने जोश और अपनी कड़क आवाज में इसका प्रण लिया तो वहां मौजूद सैन्य अधिकारियों व उनके अभिभावकों का सिर भी गर्व से ऊंचा उठ गया। यही नहीं अपने बेटों को सेना की वर्दी में देख कई अभिभावकों की आंखें भर आई। यह दृश्य जम्मू कश्मीर लाइट इन्फैंट्री की पासिंग आउट परेड में देखने को मिले।

देश की सुरक्षा की खाई कसम
श्रीनगर आधारित चिनार कोर के जनरल आफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों की मौजूदी में आयोजित इस पासिंग आउट परेड में इन युवाओं का जोश देखते ही बनता था। परेड के दौरान सीने में जोश और कड़क आवाज के साथ सभी ने सेना के कमांडर और अभिभावकों की उपस्थिति में आतंकवाद को खत्म करने के लिए शपथ ली और कहा कि अगर मौका मिला तो वे आतंकवाद के खात्मे के लिए काम करेंगे।

11 महीने का सघन प्रशिक्षण
सैन्य अधिकारियों ने बताया कि ग्यारह महीनों की ट्रेनिंग के बाद 404 युवा आज सेना में शामिल हुए हैं। लेफ्टिनेंट जनरल ढिल्लों ने इन सभी युवाओं को मुबारकबाद देते हुए निस्वाथज़् भाव से देश सेवा करने के लिए कहा। इस मौके पर युवाओं ने शानदार परेड की, जिसकी सलामी जीओसी ढिल्लों ने ली। इस मौके पर युवाओं के चेहरों पर उत्साह देखने वाला था। परेड के बाद उन्होंने जब देश सेवा की कसम खाई तो पूरा क्षेत्र उनके जोश और जज्बे से गूंज रहा था।

सेवानिवृत्त कैप्टन इल्लियास का हुआ सम्मान
बाद में कोर कमांडर ने सेवानिवृत्त कैप्टन इल्लियास अहमद को सम्मानित भी किया। कैप्टन इल्लियास सेवानिवृत्ति के बावजूद पहले की तरह ही लोगों की सेवा में जुटे हुए हैं। उन्हें हिमस्खलन में लोगों की जान बचाने का विशेषज्ञ भी माना जाता है। इल्लियास को दो सेना मैडल मिलने के साथ-साथ चीफ आफ आमीज़् स्टाफ का प्रशंसा पत्र पांच बार मिल चुका है। हाल ही में वह सेवानिवृत्त हुए थे लेकिन अभी भी वह जवानों के साथ बचाव कार्य में पहले की तरह भाग लेते हैं। हाल ही में तंगडार में हुए हिमस्खलन में उन्होंने एक जवान को बचाने में अहम भूमिका निभाई थी। जीओसी ने कहा कि इल्लियास हमारे सच्चे हीरो हैं। वह बहादुर होने के साथ-साथ उनमें कश्मीरियत भरी हुई है।

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