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अलगाववादी यासीन को शहीद वीरांगना ने क्यों दी बददुआ... जानें क्या है मामला

Nitin Bhal

Publish: Sep 21, 2019 18:09 PM | Updated: Sep 21, 2019 18:09 PM

Jammu

Jammu Kashmir: शहीद (martyr) रवि खन्ना की पत्नी चाहती हैं कि जेकेएलएफ ( JKLF ) के यासीन मलिक (Yasin Malik ) व अन्य जेल की सलाखों के पीछे पूरी उम्र सड़ते रहें और तिल-तिल मरते रहें। जानें क्या है मामला...

जम्मू (योगेश). वर्ष 1990 का वह काला दिन जब भारतीय वायु सेना ( IAF ) के चार अधिकारियों को जेकेएलएफ ( JKLF ) के आतंकियों ने शहीद कर दिया था। इनमें स्क्वाड्रन लीडर रवि खन्ना भी शामिल थे। तीस साल से इस मामले की सुनवाई चल रही है, लेकिन शहीदों के परिजन आज भी इंसाफ का इंतजार कर रहे हैं। इन्हीं में एक हैं शहीद रवि खन्ना की पत्नी शालिनी खन्ना उर्फ निर्मल खन्ना। निर्मल खन्ना का कहना है कि वह चाहती हैं कि जेकेएलएफ के यासीन मलिक ( Yasin Malik ) व अन्य जेल की सलाखों के पीछे पूरी उम्र सड़ते रहें और तिल-तिल मरते रहें। टाडा कोर्ट में इस मामले का ट्रायल चल रहा है। यासीन मलिक इस समय दिल्ली की तिहाड़ जेल में टेरर फंडिंग के मामले में बंद है।

याद है वो काला दिन

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निर्मल खन्ना का कहना है कि 25 जनवरी 1990 का वह काला दिन आज भी उन्हें याद है। उनके पति सुबह करीब सात बजे वर्दी पहनकर ड्यूटी के लिए घर से निकले थे। इसके चार मिनट बाद ही उन्हें घर के बाहर गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने कहा कि वह उन दिनों रावलपोरा में रहती थीं। जहां पर यह घटना हुई, वहां से उनका घर सिर्फ पचास कदम की दूरी पर था। उस समय कफ्र्यू लगा हुआ था। कुछ गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। वह घर की छत पर चली गई। उन्होंने देखा कि सेना के कुछ जवान वर्दी में आ रहे हैं। उन्होंने देखा कि उनके पति के सूटकेस में गोली लगी हुई थी और एक जवान ने उसे उठाया है। उन्हें लगा कि उनके पति के साथ कुछ हुआ है। उनके पति का पार्थिव शरीर खून में लथपथ था। उन्हें बदामी बाग कैंटोनमेंट अस्पताल में मृत लाया घोषित कर दिया गया था।

नहीं मानी थी पत्नी की बात

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शहीद रवि खन्ना की पत्नी ने कहा कि कफ्र्यू के कारण उन्होंने पति से कहा था कि घर से वर्दी पहनकर नहीं जाना, लेकिन वह नहीं माने। उनका कहना है कि यह हैरानी की बात है कि एक सिपाही बिना वर्दी के घर से नहीं जा सकता, उस पर हर समय मौत का साया रहे। छत से उन्होंने देखा कि कुछ लोग ढोल की थाप पर नाच रहे थे और हवा में बंदूकें लहरा रहे थे। आजादी के नारे लगा रहे थे। जैसे ही सेना के जवान वहां पर पहुंचे, वह लोग वहां से भाग गए।

मलिक पर हत्या का आरोप

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निर्मल खन्ना ने दावा किया जेकेएलएफ के चीफ यासीन मलिक और अन्य दो ने उनके पति की हत्या की। उन्होंने कहा कि उस समय के फ्लाइट लेफ्टिनेंट बीआर शर्मा उनके पति के साथ थे। उन्होंने बताया था कि यासीन मलिक ही उनके पति की हत्या के पीछे है। उन्होंने कहा कि अभी हिम्मत नहीं हारी है। वह चाहती हैं कि यासीन मलिक जेल की सलाखों के पीछे सड़ेे। गौरतलब है कि 12 सितंबर को टाडा कोर्ट ने अगली सुनवाई एक अक्टूबर को है और जेकेएलएफ के चीफ यासीन मलिक को पेश करने के निर्देश दिए हैं।