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टूटी अर्थव्यवस्था की कमर, हुआ 15 हजार करोड़ का नुकसान!

Nitin Bhal

Publish: Dec 06, 2019 18:55 PM | Updated: Dec 06, 2019 18:55 PM

Jammu

jammu Kashmir : जम्मू कश्मीर से सरकार द्वारा 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त करने के बाद से राज्य की अर्थव्यवस्था को 15,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। राज्य के एक...

श्रीनगर. जम्मू कश्मीर से सरकार द्वारा 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त करने के बाद से राज्य की अर्थव्यवस्था को 15,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। राज्य के एक व्यापारिक संगठन ने यह दावा किया है। संगठन का कहना है कि यह सिर्फ एक अनुमान है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद के प्रावधानों को समाप्त करते हुए उसे दो केन्द्र शासित प्रदेशों लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में बांट दिया है। कश्मीर चैंबर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (केसीसीआई) के अध्यक्ष शेख आशिक हुसैन ने एक समाचार एजेंसी से कहा कि हमारा एक मोटा अनुमान है कि 5 अगस्त के बाद पैदा हुई स्थिति से कश्मीर की अर्थव्यवस्था को अब तक 15,000 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है. हम एक सप्ताह में इसके व्यापक आंकड़े लेकर आएंगे।

सबसे ज्यादा प्रभावित हुए ये क्षेत्र

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हुसैन ने कहा कि अर्थव्यवस्था को होने वाले नुकसान से अधिक चिंता की बात इंटरनेट सेवाएं बंद होने, आंदोलन और हड़ताल से हुआ रोजगार का नुकसान है। हुसैन ने कहा कि केन्द्र के फैसले से हस्तशिल्प, पर्यटन और ई-कॉमर्स क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।

हस्तशिल्प में गईं 50 हजार नौकरियां

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उन्होंने कहा कि हालांकि, अब ज्यादातर अंकुश हटा लिए गए हैं लेकिन सभी प्लेटफॉर्म पर इंटरनेट सेवाओं और प्रीपेड मोबाइल सेवाओं पर अब भी अंकुश लगा हुआ है. उन्होंने कहा कि संचार सेवाओं के अभाव में हस्तशिल्प क्षेत्र में ही 50,000 लोगों ने रोजगार गंवाया है। क्षेत्र को इस वजह से नए ऑर्डर नहीं मिल पा रहे हैं। हुसैन ने यह दावा भी किया कि होटल और रेस्तरां उद्योग ने 30,000 से अधिक लोगों को अपनी नौकरी खोते देखा है। उन्होंने कहा कि ई-कॉमर्स क्षेत्र, जिसमें ऑनलाइन खरीद के लिए कूरियर सेवाएं शामिल हैं, में भी 10,000 लोगों ने अपनी नौकरियां खोई हैं।