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जम्मू कश्मीर में बना नया डिवीजन तो युद्ध जैसे होंगे हालात

Devkumar Singodiya

Publish: Dec 05, 2019 20:53 PM | Updated: Dec 05, 2019 20:53 PM

Jammu

सरकार जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में प्रशासनिक पुनर्गठन करने में बहुसंख्यक कश्मीर प्रमोट करती है तो इसके परिणाम गंभीर होंगे। यदि ऐसा होता है तो यह जम्मू में युद्ध जैसे हालात होंगे।

जम्मू. इक जुट जम्मू संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में प्रशासनिक पुनर्गठन करने में बहुसंख्यक कश्मीर प्रमोट करती है तो इसके परिणाम गंभीर होंगे। यदि ऐसा होता है तो यह जम्मू में युद्ध जैसे हालात होंगे। सरकार बहुसंख्यक समुदाय वाले जिलों को एक साथ कर रही है, जिसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

संगठन के अध्यक्ष एडवोकेट अंकुर शर्मा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जम्मू संभाग के साथ सरकार बहुत ही खतरनाक खेल खेल रही है। जम्मू के किश्तवाड़, डोडा, भद्रवाह, रामबन, रियासी, राजोरी, पुंछ की दो डिविजन बनाई जा रही हैं, इसमें कश्मीर के अनंतनाग, शोपियां, कुलगाम और कुछ अन्य जिलों को जोड़ा जा रहा है।


ऐसा ही था मुशर्रफ फार्मूला


जम्मू संभाग के बहुसंख्यक समुदाय वाले जिले कश्मीर के बहुसंख्यक समुदाय वालों के साथ इक_े किए जा रहे हैं। जिससे जम्मू में डिक्सन फॉर्मूला पुनर्जीवित किया जा रहा है। यह एक तरह से मुशर्रफ फॉर्मूले है, जिसको हम वापस नहीं लाने देंगे।

डिक्सन फॉर्मूले में बहुसंख्यक समुदाय के लोगों को अलग डिवीजन देने की बात थी। चिनाब नदी के किनारे इनको बसाने की योजना थी। मुशर्रफ फॉर्मूला भी ऐसा ही था। जम्मू कश्मीर को समुदाय के नाम पर बांटने की कोशिश हुई तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


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