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खुद के स्तर पर कर सकेंगे फसल के नुकसान का आकलन

Jitesh kumar Rawal

Publish: Nov 18, 2019 16:18 PM | Updated: Nov 18, 2019 16:18 PM

Jalore

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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2019, फसल के नुकसान का आंकलन व्यक्तिगत बीमित फसली कृषक के स्तर पर करने का है प्रावधान


जालोर. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2019 के तहत स्थानिक आपदाओं से फसल नष्ट होने की स्थिति में फसल के नुकसान का आंकलन व्यक्तिगत बीमित फसली कृषक के स्तर पर करने का प्रावधान है। ऐसी स्थिति में अधिकतम नुकसान की भरपाई आपदा की स्थिति तक फसल के उत्पादन लागत में व्यय के अनुरूप देय होगी। (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana)

कृषि विभाग उप निदेशक ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के तहत प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2019 के अनुसार स्थानिक आपदाओं से फसल नष्ट हाने की स्थिति जैसे ओलावृष्टि, भू-स्खलन, बादल फटना, प्राकृतिक आग व जल प्लावन के कारण अधिसूचित फसल के नुकसान की स्थिति में फसल के नुकसान का आंकलन व्यक्तिगत बीमित फसली कृषक के स्तर पर करने का प्रावधान है। ऐसी स्थिति में अधिकतम नुकसान की भरपाई आपदा की स्थिति तक फसल के उत्पादन लागत में व्यय के अनुरूप देय होगी। इसके अतिरिक्त बीमित फसलों की कटाई उपरान्त सूखने के लिए खेत में काटकर फैलाकर छोड़ी गई फसल को चक्रवात, चक्रवाती वर्षा, असामयिक वर्षा व ओलावृष्टि से होने वाले नुकसान के लिए कटाई उपरान्त अधिकतम 2 सप्ताह (14 दिन) की अवधि में हुुए नुकसान की भरपाई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत व्यक्तिगत आधार पर करने का प्रावधान है।

उन्होंने बताया कि आयुक्त कृषि राजस्थान डॉ. ओमप्रकाश की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार हाल ही में पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में असामयिक वर्षा व ओलावृष्टि से खरीफ मौसम की फसलों में नुकसान हुआ है। खरीफ 2019 प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जारी अधिसूचना के तहत व्यक्तिगत आधार पर फसल कटाई के उपरान्त आगामी 14 दिनों तक सुखाने के लिए रखी गई कटी हुई अधिसूचित फसल को चक्रवात व चक्रवाती वर्षा/ बेमौसमी वर्षा/ ओलावृष्टि से क्षति की स्थिति में क्षति का आंकलन व्यक्तिगत रूप से बीमित कृषक के स्तर पर करने का प्रावधान है। जिसके लिए प्रभावित कृषक को आपदा के 72 घण्टे के भीतर सीधे बीमा कम्पनी फ्यूचर जनरली इण्डिया इन्श्योरेंस कम्पनी लि. को टोल फ्री नम्बर 18 00 26 6 4141 पर तथा लिखित में सात दिवस में अपने बैंक या बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि या स्थानीय सहायक कृषि अधिकारी या कृषि विभाग के माध्यम से बीमा कम्पनी को अवश्य सूचित करना होगा। योजना के प्रावधानानुसार जिला अधिकारियों व जिले के लिए अधिसूचित बीमा कम्पनी को प्रभावित कृषको की फसलों में हुए नुकसान का व्यक्तिगत आधार पर सर्वे कर रिपोर्ट शीघ्र भिजवाने के निर्देश जारी किए गए हैं। बैंक/बीमा प्रतिनिधि स्तर पर इस सम्बन्ध में सूचना प्राप्त होने पर बीमित फसल, बीमित क्षेत्र व प्रीमियम की कटौती की तिथि आदि का सत्यापन करते हुए अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।

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