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पांचवें दिन मंत्री ने तुड़वाया किसानों का अनशन

Dharmendra Ramawat

Publish: Dec 07, 2019 10:09 AM | Updated: Dec 07, 2019 10:09 AM

Jalore

www.patrika.com/rajasthan-news

सांचौर. धींगपुरा व बालेरा वितरिका के टेल तक पानी पहुंचाने की मांग को लेकर भाजपा नेता दानाराम चौधरी के नेतृत्व में चल रहे किसानों के धरने के पांचवें दिन आखिरकार नर्मदा विभाग को झुकना पड़ा। शुक्रवार को नर्मदा विभाग के अधिकारियों व भूख हड़ताल पर बैठे किसानों के बीच वार्ता हुई। विभागीय अधिकारियों की ओर से ग्रामीणों को आश्वस्त करने के बाद ग्रामीण धरना समाप्त करने पर सहमत हुए। बाद में वन एवं पर्यावरण मंत्री सुखराम बिश्नोई ने धरना स्थल पर पहुंच कर पांच दिन से भूख हड़ताल पर बैठे किसानों को ज्यूस पिलाकर अनशन समाप्त करवाया। इस दौरान मंत्री ने टेल तक पानी पहुंचाने का भरोसा दिलाया। वहीं किसानों की हर समस्या को गंभीरता से लेने की बात कही। दस किसानों ने सुखराम बिश्नोई के हाथों से ज्यूस पीकर धरना समाप्त किया। इस दौरान नर्मदा मुख्य अभियंता गिरीश लोढा, अधिशासी अभियन्ता जेपी माथुर व वासुदेव चारण सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
मंत्री ने ली अधिकारियों की बैठक
नर्मदा मुख्यालय पर वन एवं पर्यावरण मंत्री बिश्नोई ने शुक्रवार को नर्मदा अधिकारियों की बैठक ली। वहीं किसानों को बाराबंदी के आधार पर नियमानुसार पानी देने के निर्देश दिए।
यहां नर्मदा के कमांड क्षेत्र में जोडऩे की मांग
चितलवाना. नर्मदा नहर से सिंचाईके लिए अनकमांड जमीन को कमांड क्षेत्र में जोडऩे की मांग को लेकर मेघावा में किसानों का धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। किसानों ने बताया कि नर्मदा मुख्य नहर के लिए क्षेत्र के किसानों की ओर से बेशकीमती जमीन देने के बावजूद विभाग की ओर से नहर के पास के गांवों के किसानों को पानी नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में किसानों को सिंचाई से वंचित रहना पड़ रहा है। मेघावा, वीरावा, मणोर, अगड़ावा व कुण्डकी के ग्रामीणों को नहर के कमांड क्षेत्र में जोडऩे की मांग को लेकर मेघावा में किसानों का धरना जारी रहा। किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा। वहीं मांग नहीं मानने तक धरना जारी रखने की बात कही। इस मौके पूर्व सरपंच ठाकराराम गोरा, बुधाराम खिचड़, सुरजनराम लोमरोड़, जालाराम, तेजाराम, मालाराम व मोहनलाल मौजूद थे।

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