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रखवाली के लिए विद्युत तंत्र के साथ छेड़छाड़

Khushal Singh Bhati

Publish: Aug 14, 2019 10:22 AM | Updated: Aug 14, 2019 10:22 AM

Jalore

ग्रामीण क्षेत्र में खेतों की रखवाली के नाम पर जुगाड़ की बजाएं विद्युत करंट करते है प्रवाहित, लोगों की जान पर रहता है संकट

ग्रामीण क्षेत्र में खेतों की रखवाली के नाम पर जुगाड़ की बजाएं विद्युत करंट करते है प्रवाहित, लोगों की जान पर रहता है संकट
भीनमाल. ग्रामीण क्षेत्र में लोग खेतों की रखवाली के लिए विद्युत तंत्र के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं। लोग खेतों के चारों तरफ तार बांध कर उसमें जुगाड़ की बजाए विद्युत करंट प्रवाहित कर रहे हैं। ऐसे में हर समय बड़े हादसे की आशंका रहती है। इतना हीं नहीं क्षेत्र में ऐसी घटनाओं में दो-तीन लोग काल के ग्रास भी हो चुके है। इसके अलावा मवेशी तो आए दिन करंट की चपेट में आने से मौत के मुहं में समा रहे है। कई बार किसान परिवार के लोग भी भूल से करंट प्रवाहित तारों के संपर्क में आ जाते है। मामूली बारिश होने व सिंचाई की जमीन होने पर करंट के संपर्क में आते ही दम तोड़ देते है। हैरानी की बात तो यह है कि डिस्कॉम भी इस तरह से विद्युत तंत्र से छेड़छाड़ नहीं करने को लेकर कोई चेतावनी नहीं दे रहा है। जिलेभर में ऐसी दर्जनों घटनाओं में कई लोगों की जान भी गई है।
जुगाड़ के नाम पर करते है करंट प्रवाहित
ग्रामीण क्षेत्र में लोग खेतों के रखवाली के लिए खेतों के चोरो तरफ तार बांध देते है। इन तारों में (झटका मशीन) जुगाड़ का डीसी करंट प्रवाहित करते है। ऐसे में इन करंट से आवारा पशु व ***** संपर्क में आने पर उसे करंट का झटका लगता है। फिर मशीन बंद हो जाती है, लेकिन कई बार नीलगाय व सांडों से फसल को बचाने के लिए करंट भी प्रवाहित कर लेते है। जो फिर मुश्किलें खड़ी कर देता है। करंट की चपेट में आने से आवारा पशु व लोग मौत के मुंह में समां देते है।
सड़कों के सटे लगा रखे है तार
ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों पर लोगों ने रखवाली के लिए जगह-जगह कंटीले तार भी बांध दिए है। यह तार सड़क के इतने सटे है कि कई बार दुपहिया वाहन चालक उसमें गिर जाते है। जिससे घायल हो जाते है। इसके अलावा इन तारों में रात के समय विद्युत करंट भी प्रवाहित करते है। ऐसे में इन तारों से कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
2014 में एक बालक की हुई थी मौत
28 सितंबर 2014 को लूणावास गांव में रात में नवरात्री गरबा कार्यक्रम देखकर लौट रहे है दो बालक विद्युत तारों के संपर्क में आ गए। जिससे एक की मौके पर ही मौत हो गई थी, इसके अलावा एक गंभीर रूप से घायल हो गया था। जिस संबंध में 4 दिसंबर 2014 को पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया था। ऐसे हादसे होने के बाद भी लोग इससेे सबक नहीं ले रहे है।
विद्युत तंत्र से छेड़छाड़ नहीं करें
अज्ञानतावश कई बार लोग रखवाली के लिए तारों में करंट प्रवाहित करते है। जिससे कई बार दुर्घटना में जान भी चली जाती है। लोगों को विद्युत तंत्र के साथ छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए। इसके लिए जहां भी कार्यक्रमों में इस संबंध में अवगत करवाते रहे है औैर भी करवाएंगे।
रमेश सेठ, अधिशाषी अभियंता, डिस्कॉम-भीनमाल