स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

Sri Ram Katha: भरत चरित्र से भ्रातृत्व प्रेम की शिक्षा लें

Jitesh kumar Rawal

Publish: Aug 14, 2019 11:19 AM | Updated: Aug 14, 2019 11:19 AM

Jalore

www.patrika.com/rajasthan.news

सत्यनारायण मंदिर में रामकथा महोत्सव


उम्मेदाबाद. कस्बे में आयोजित सत्यनारायण मंदिर में राम कथा के सातवें दिन आज मंगलवार को कथा का प्रारंभ भरत चरित्र से करते हुए संत राम बापू ने भ्रातृत्व प्रेम की बात कही। कथावाचनक ने कहा कि वर्तमान युग में हम अधिकारों के प्रति तो जागरूक हुए है, लेकिन अपने कर्तव्यों के प्रति गौण होते जा रहे है।भरत का परम पवित्र आचरण चरित्र मधुर सुन्दर और आनंद मंगलों का करने वाला है एवं कलयुग के कठिन पापों और क्लेशों को हरने वाला है।महा मोहरूपी रात्रि को नष्ट करने के लिए सूर्य के समान है।पाप समूह रूपी हाथी के लिए सिंह के समान है सारे संतापो के दल का नाश करने वाला है। भरत चरित्र भक्ति से परिपूर्ण बताते हुए जयंत की कुटिलता और फल प्राप्ति श्री राम के अत्री अनुसुया मिलन, विराध वध, शऱभंग प्रसंग को सुनाया। भगवान राम के द्वारा वात्सुतीक्ष्ण का प्रेम भगवान का पंचवटी में निवास एवं शुर्पनखा की कथा सुनाते हुए सीता हरण जटायु उद्धार शबरी के बेर औऱ नवधा भक्ति की व्याख्या की हनुमान मिलन के साथ साथ संतों के लक्षण बताए।


भैंसवाड़ा में जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों का बहुमान
आहोर. भैंसवाड़ा के पीपलेश्वर महादेव मंदिर में महंत रणछोड़भारती महाराज की ओर से प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों का बहुमान किया गया। समारोह में जिला कलक्टर महेन्द्र सोनी, पुलिस अधीक्षक हिम्मत अभिलाष, विधायक छगनसिंह राजपुरोहित, उपखंड अधिकारी चम्पालाल, तहसीलदार हीरसिंह चारण, नायब तहसीलदार रणजीतसिंह, कांग्रेस के सवाराम पटेल, आमसिंह परिहार, थाना प्रभारी भगाराम मीणा, व्यापार संघ आहोर के अध्यक्ष सुजाराम प्रजापत, जेठूसिंह मांगलिया, घनश्याम महेशपुरा, किरणराज जैन समेत गणमान्य लोगों का साफा पहनाकर व माल्यार्पण कर बहुमान किया गया। अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने संतों के बताए मार्ग पर चलने की बात कही। इस दौरान महंत रणछोड़भारती ने सदैव धर्म व सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। धार्मिक कार्यों में बढ़ चढ़कर भाग लेने की बात कही। मंच संचालन रमेशचंद्र दवे ने किया। इस मौके पर डूंगरसिंह मांगलिया, नेमाराम चौधरी, मंछाराम माली मणादर, छोगाराम देवासी, कानाराम देवासी, भीमाराम वागोतरा, भंवरसिंह राजपुरोहित समेत कई जने मौजूद रहे।


जंभसार कथा का आयोजन
चितलवाना. करावड़ी में जंभेश्वर मंदिर में जंभसार कथा महोत्सव का आयोजन किया गया। कथावाचक राजेंंद्राानंद महाराज ने कहा कि आत्मा ही परमात्मा हैं, आत्मा में ही भगवान का वास होता हैं। स्वामी ने कहा कि हर मानव को सच्चे दिल से भगवान को याद करने से भगवान उसकी मनोकामना पूरी करता हैं। भक्तों द्वारा भगवान की सच्ची भक्ति करने से ही मोक्ष मिलता हैं। स्वामी ने भगवान के बताए नियमों की व्याख्या करते हुए बताया कि सूर्योदय से पहले स्नान करना, हवन करना, नशा नहीं करना, नीले वस्त्र नहीं पहनना सहित 29 नियमों की जानकारी देते हुए उसका पालन करने की सीख दी गई।
हवन व मेला कल
करावड़ी गांव में चल रही जंभसार कथा के समापन में पूर्णिमा को 120 शब्दों हवन व मेले का आयोजन गुरुवार हो होगा। मेले में धर्म सभा का आयोजन भी होगा।