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लाइसेंसी दुकानों से निकाल रहे शराब, पहुंच रही गुजरात

Jitesh kumar Rawal

Publish: Nov 08, 2019 10:57 AM | Updated: Nov 08, 2019 11:03 AM

Jalore

www.patrika.com/rajasthan-news

गुल खिला रहा शराब तस्करों व ठेकेदारों का गठजोड़, स्थानीय स्तर पर पनप रहे तस्करों ने अपनाया नया तरीका, आबकारी महकमा नहीं कर पा रहा रोकथाम व निगरानी

जीतेश रावल
जालोर. अन्य राज्यों में बिक्री के लिए निर्मित शराब को गुजरात पहुंचाना आम बात है, लेकिन इन दिनों सरकारी दुकानों का माल ही गुजरात जा रहा है। (excise department rajasthan) स्थानीय स्तर पर पनप रहे तस्करों के लिए यह नया तरीका फायदे का सौदा साबित हो रहा है। शराब की दुकान चलाने वाले ठेकेदार व तस्करों के इस नए गठजोड़ ने सारे कायदे ताक पर रख दिए हैं।ऐसे में सरकारी दुकानों में बिकने वाला माल आसानी से गुजरात पहुंच रहा है। शराब का परिवहन मुख्य रूप से लग्जरी वाहनों से किया जा रहा है, ताकि तस्करी के मामले को लेकर कोई संदेह न कर पाए। पिछले माहभर में ही इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। लेकिन, जांच और निगरानी के लिहाज से आबकारी महकमा बेपरवाही बरत रहा है। हालांकि लाइसेंसी दुकानों में मिलने वाली शराब राजस्थान में बिक्री के लिए ही निर्मित है, लेकिन इन दुकानों से खरीदा माल सीधे गुजरात आपूर्ति हो रहा है। मामला शराब की सरकारी दुकानों से जुड़ा होने के बावजूद आबकारी महकमा न तो निगरानी रख पा रहा है और न रोकथाम हो रही है। (illegle liquor sale in jalore rajasthan gujrat)


इसलिए बढ़ रहा गठजोड़
बताया जा रहा है कि लाइसेंसी दुकानों की गारंटी पूर्ति नहीं होने से तस्करों के साथ गठजोड़ किया जा रहा है। अपनी दुकान का माल थोक में बेचने का लालच भी इस गठजोड़ को बढ़ावा दे रहा है। दुकानों से उठाया गया माल सीधे ही गुजरात तक पहुंच जाता है। वैसे कई बार तस्कर अपने स्तर पर ही माल खरीदकर आगे बेच देते हैं।


इसमें कम रहता है जोखिम
माना जा रहा है कि दूर-दराज से माल लाकर गुजरात ले जाना तस्करों के लिए काफी जोखिम भरा रहता है। कई जिले व थाना क्षेत्रों को पार करते हुए जाने में पकड़े जाने का डर रहता है। जांच एजेंसियों से बचते हुए निकलना काफी भारी पड़ता है। ऐसे में नजदीकी दुकानों से माल लेकर आगे पहुंचा देना उनके लिए फायदेमंद साबित होता है।


दिखावे के लिए तैनात है आबकारी विंग
लाइसेंसी दुकानों से माल पार होने के बावजूद आबकारी महकमा बेपरवाह बना हुआ है। जिम्मेदारों की चुप्पी के कारण तस्करों को शह मिल रही है। हालांकि माहभर में ही इस तरह के कुछ मामले पकड़ में आए हंै, लेकिन वे सभी पुलिस ने ही पकड़े हैं। आबकारी महकमे में निरीक्षक व निरोधक दल के प्रहराधिकारी समेत पूरा जाब्ता मानों दिखावे के लिए ही तैनात हैं।


कार्रवाई पर एक नजर
5अक्टूबर: रानीवाड़ा थाना क्षेत्र के सेवाडिय़ा में एएसआइ देवाराम ने गुजरात पासिंग कार जब्त की। वाहन से अंग्रेजी शराब से भरे 21 कर्टन बरामद किए। सारणावास (डावल-चितलवाना) निवासी चालक मालाराम पुत्र माधाराम सारण बिश्नोई व नरसीराम पुत्र धुंकलाराम सारण बिश्नोई को गिरफ्तार किया।
15 अक्टूबर: रानीवाड़ा क्षेत्र के जारडा में जोधपुर पासिंग वैन में भरी शराब बरामद की गई। निम्बोड़ा (कालन्द्री-सिरोही) निवासी वाहन चालक पूनमसिंह पुत्र जबरसिंह राजपूत को गिरफ्तार किया गया। वाहन में भरी 6 0 पेटी देसी शराब के कर्टन जब्त किए।
17 अक्टूबर: जसवंतपुरा थाना क्षेत्र के शिवगढ़ में पुलिस ने कार्रवाई की। अवैध रूप से शराब बेच रहे रूपाराम पुत्र तेजाराम भील को गिरफ्तार किया। उसके पास से देसी शराब के 40 पव्वे व बीयर की बारह बोतल बरामद की गई।
6 नवम्बर: करड़ा थाना क्षेत्र के सेवाड़ा में नाकाबंदी के दौरान रानीवाड़़ा की तरफ से आ रही बाड़मेर पासिंग कार नाकाबंदी तोड़ गुन्दाऊ की ओर भाग गई। कच्चे रास्तों पर चकमा देते हुए चालक कार को छोड़ कर फरार हो गया। बाद में पुलिस ने कार को जब्त कर तलाशी ली। उसमें से 54 कर्टन देसी शराब बरामद की गई।


कार्रवाई करेंगे...
आबकारी के पास पूरी विंग है, जो कार्रवाई करती है। इस तरह के मामलों में जल्द ही कार्रवाई को लेकर जालोर जिला अधिकारी को आज ही निर्देशित करता हूं।
- डॉ. बजरंगसिंह, अतिरिक्त आबकारी आयुक्त, जोधपुर

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