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जालोर को रेल सेवा में मिलने वाली है यह बड़ी सौगात, जानिये

Khushal Singh Bhati

Publish: Jan 22, 2020 11:21 AM | Updated: Jan 22, 2020 11:21 AM

Jalore

- रेल मंत्रालय भारत सरकार ने 16 जनवरी को जारी की स्वीकृति, कुल 31 सर्वे में भटिंडा-भीलड़ी वाया जालोर भी शामिल

खुशालसिंह भाटी


जालोर. अक्सर समदड़ी-भीलड़ी रेल खंड में गुड्स टे्रनों की आवाजाही में ट्रेफिक लोड अधिक रहने से रेल ट्रेफिक जाम की स्थिति बनती है। इस रूट पर गुड्स टे्रनों की आवाजाही अधिक है। इन हालातों के बीच रेल मंत्रालय भारत सरकार की ओर से देशभर के 31 दोहरीकरण प्रोजेक्ट के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे के लिए एक पत्र जारी किया गया है, जिसके तहत समदड़ी-भीलड़ी रेल खंड वाया लूनी-समदड़ी रेल रूट को डबलिंग (दोहरीकरण) के सर्वे के 940.25 लाख (9.40 करोड़) की स्वीकृति मिली है। यह पूरा रूट 752 किलोमीटर आंका गया है। इस रूट सर्वे के कई मायने है। चूंकि इसी रूट के विद्युतीकरण के लिए भी वर्ष 2014 के रेल बजट में घोषणा हो चुकी है और उसके लिए सर्वे भी हो चुका है। ऐसे में दोहरीकरण के साथ साथ इस रूट पर विद्युतीकरण होने पर जहां इस रूट का विकास होगा और भविष्य में जालोर के साथ साथ यह पूरा रूट एक बिजनेस हब के रूप में विकसित हो सकेगा।
सर्वे में यह सबकुछ शामिल
देशभर के कई महत्वपूर्ण सर्वे के लिए बजट जारी किया गया है, जिसमें यह सर्वे जारी किया गया है। विभागीय जानकारी के अनुसार यह फाइनल लोकेशन सर्वे है। सीधे तौर पर इस सर्वे के आधार पर रूट का निर्धारण होगा। वहीं जरुरत के अनुसार ब्रिज का निर्माण, ब्रिज डवलपमेंट, स्टेशनों का विकास, सिग्नल सिस्टम का विकास किया जाएगा। इसी तरह से सर्वे में रेट ऑफ कोस्ट के साथ रेट ऑफ अर्निंग भी निकाली जाएगी। वहीं रूट ट्रेफिक भी जांचा जाएगा। इसी सर्वे के आधार पर इस पूरे प्रोजेक्ट की कोस्ट निकाली जाएगी और उसका प्रोजक्ट तैयार करने के साथ इसे रेलवे बोर्ड के मार्फत नीति आयोग को भेजा जाएगा।
इसलिए महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट
सीधे तौर पर यह एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट में भटिंडा से भीलड़ी के बीच रेल लाइन का दोहरीकरण किया जाना है। वर्तमान में लूनी से जोधपुर डबल रेल लाइन है, जिससे तेज गति से और कम समय में टे्रनों की आवाजाही इस क्षेत्र में होती है। ऐसे में जब भटिंडा से भीलड़ी के बीच भविष्य में दोहरीकरण हो जाएगा तो रफ्तार के साथ बिना अवरोध के टे्रनों की आवाजाही हो सकेगी। समदड़ी-भीलड़ी रेल खंड की बात करें तो 223.44 किलोमीटर ट्रेक डबल लाइन होने पर समय की माफी ज्यादा बचत हो जाएगी। वहीं बार बार स्टेशनों पर टे्रनों को रोकने की जरुरत भी नहीं होगी।
इनका कहना
यह प्रोजेक्ट महत्वपूर्ण और जिले के लिए उपयोगी है। सर्वे के बाद जल्द से जल्द इस पर वित्तीय स्वीकृति जारी हो तो जालोर ही नहीं इस रेल खंड से जुड़े सभी स्टेशनों और गांव कस्बों को भी फायदा मिलेगा।
- श्रीगोपाल जोशी, सेवानिवृत्त, स्टेशन अधीक्षक
दोहरीकरण का प्रोजेक्ट इस रेल खंड के लिए काफी महत्वपूर्ण है। सर्वे के साथ यह भी जरुरी है कि इस प्रोजेक्ट के लिए जल्द से जल्द वित्तीय स्वीकृति जारी हो।
- जयंतीलाल जैन, अध्यक्ष, पश्चिम राजस्थान विकास परिषद

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