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आंखें खुलने से पहले ही उसने दुनिया से आंखें फेर ली

Jitesh kumar Rawal

Publish: Jan 24, 2020 10:14 AM | Updated: Jan 24, 2020 10:14 AM

Jalore

www.patrika.com/rajasthan-news

उसे बेसहारा छोडऩे वाले अपने घर भी नहीं पहुंचे होंगे और इसने दुनिया की सरहदें भी पार कर ली थी


जालोर. दुनिया में आते ही उसका दम टूट गया। शायद दुनिया की निष्ठुरता उसे रास नहीं आई। जन्मदाता उसे बेसहारा छोड़ गए तो कुछ ही पलों में उसका दम घुट गया। जन्मदाता के हाथों से फिसलकर वह पालने तक पहुंच गई थी, लेकिन पड़े-पड़े ही दम टूट गया। उसकी आंखें अभी खुली नहीं थी, लेकिन दुनिया की क्रूरता उसे जिंदा नहीं रख पाई। वह इसे देखने की हिम्मत ही नहीं जुटा पाई। शायद यहीं कारण रहा कि आंखें खुलने से पहले ही उसने दुनिया से आंखें फेर ली। वह पालनहार आने तक का इंतजार नहीं कर पाई। मातृ एवं शिशु कल्याण केंद्र में उसे बेसहारा छोडऩे वाले अपने घर भी नहीं पहुंचे होंगे और इसने दुनिया की सरहदें भी पार कर ली थी। पालने में आई इस बालिका को संभालने वाले हाथ नहीं मिले। कुछ पलों तक के लिए हाथ मिले भी तो केवल वे, जो मां के आंचल से उठाकर उसे पालने तक ले आए। इसके बाद भी उसे दो हाथ मिले, जो वार्ड तक ले गए। लेकिन, इन हाथों में आने से पहले ही उसके प्राण-पंखेरू उड़ चुके थे।

मौजूदगी का पता चला तब तक मौत हो चुकी थी
इन सबके बीच ये सवाल अब भी जवाब तलाश रहे हैं कि पालना गृह में पहुंची नवजात का दम कैसे टूटा। कहीं पालना गृह के संचालन में तो कमियां नहीं है। नवजात की मौत के कारणों का तो पता नहीं, लेकिन इतना तय है कि पालना गृह में आने के बाद ही इसका दम टूटा है। ऐसा नहीं होता तो जन्मदाता उसे पालना गृह तक लाने की जहमत ही नहीं उठाता। यहां रखे जाने के बाद या तो समय पर किसी को पता नहीं चला या लापरवाही बरती गई। ऐसे ही कुछ कारण रहे, जिससे कि नवजात पालना गृह में ही पड़ी रही और जब तक उसकी मौजूदगी का पता चला तब तक मौत हो चुकी थी।

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