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नगरपरिषद की भूमि शाखा में आग के बाद जांच के लिए पहुंची फोरेंसिक टीम

Dharmendra Ramawat

Publish: Jan 22, 2020 10:15 AM | Updated: Jan 22, 2020 10:15 AM

Jalore

www.patrika.com/rajasthan-news

जालोर. नगरपरिषद की भूमि शखा में सोमवार अल सुबह लगी आग से जले कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों के मामले में नवगठित बोर्ड के भाजपा पार्षदों ने सभापति के नेतृत्व में एसपी को ज्ञापन सौंपा। जिसके बाद मंगलवार दोपहर को जोधपुर से मोबाइल फोरेंसिक यूनिट जालोर नगर परिषद पहुंची और आग लगने के कारणों की गहनता से जांच की। इस दौरान टीम प्रभारी जगदीश विश्नोई व फोटोग्राफर रामस्वरूप ने बारीकी से एक-एक पहलू की जांच कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस की मौजूदगी में टीम ने भूमि शाखा के कक्ष में दस्तावेजों के जलने के कारणों को लेकर काफी तफतीश की। इस दौरान टीम ने भूमि शाखा कक्ष में जमी पत्रावलियों, नगरपरिषद परिषद में लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति व भूमि शाखा तक जाने वाला वह रास्ता जो अक्सर बंद रहता है समेत कई पहलुओं की बारीकी से जांच की। फिलहाल टीम प्रभारी विश्नोई का कहना है कि आग के प्रारंभिक कारणों के बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। टीम ने जांच के लिए कुछ सेंपल भी लिए हैं, जिनकी फोरेंसिक लेब में जांच के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है। जांच के दौरान एसडीएम चंपालाल जीनगर, नगरपरिषद आयुक्त जगदीश खीचड़, सभापति गोविंद टांक व सीआई बाघसिंह समेत अन्य मौजूद थे।
बोतल में मिला संदिग्ध पदार्थ
मोबाइल फोरेंसिक यूनिट जोधपुर की टीम जब भूमि शाखा के कक्ष में जांच के लिए पहुंची तो इस दौरान टीम को एक बोतल में भरा पदार्थ भी मिला। जिसे सूंघने के बाद टीम ने संदेह जताया कि हो सकता है आग लगने के दौरान इसी पदार्थ का उपयोग हुआ हो, लेकिन फिलहाल टीम ने इस बारे में किसी तरह की पुष्टि नहीं की है। टीम प्रभारी ने बोतल में भरे इस पदार्थ का फोरेंसिक लेब में जांच के लिए सेंपल भी लिया है। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही यह सामने आएगा कि इसमें कोई ज्वलनशील पदार्थ है या नहीं।
पिछले दरवाजे से घुसने का अंदेशा
पुलिस और मोबाइल फोरेंसिक यूनिट जोधपुर की टीम जब जांच के लिए नगरपरिषद की भूमि शाखा पहुंची तो इसके पास ही नीम के पेड़ के ठीक पास एक दरवाजा भी मिला जो अक्सर बंद ही रहता है। इस दरवाजे को खुलवाने के बाद जब टीम बाहर की तरफ पहुंची तो दीवार से सटे कुछ पुराने टायर इस तरह पड़े मिले, जिन पर कोई भी आसानी से चढ़कर अंदर की ओर प्रवेश कर सकता है। वहीं अंदर की तरफ भी दीवार के सहारे कुछ रेक, पुरानी अलमारियां और सीढ़ी भी पड़ी होने से टीम को यहां से भी आरोपियों के अंदर घुसने का अंदेशा लग रहा है।
तीन कैमरे थे बंद
गौरतलब है कि नगरपरिषद की भूमि शाखा में सोमवार अल सुबह आग लगने के बाद पुलिस टीम, सभापति गोविंद टांक, उपसभापति और आयुक्त की मौजूदगी में सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई। इस पर पता चला कि नगरपरिषद में लगे सभी कैमरे शुरू थे, लेकिन कैमरा नंबर 4, 7 और 10 बंद थे। ये वे ही कैमरे हैं, जो भूमि शाखा व इसके आस पास लगे हैं। ऐसे में ये कैमरे कब बंद किए गए यह भी जांच का विषय है। वहीं इन कैमरों के बंद होने के बावजूद आयुक्त ने इस पर ध्यान क्यों नहीं दिया। इस बारे में भी कोई जवाब देने को तैयार नहीं है।
यहां कैमरे ही नहीं
नगरपरिषद की भूमि शाखा का कक्ष जहां स्थित है, उस गैलेरी में कोई कैमरा नहीं लगा है। वहीं इसी गैलेरी से होकर एक और दरवाजा है जो सफाई निरीक्षक के कक्ष के पीछे की तरफ खुलता है। यह दरवाजा अक्सर बंद ही रहता है, लेकिन दरवाजे के बाहर की तरफ और वीरममंच वाले क्षेत्र में भी कोई कैमरा नहीं लगा हुआ है। ऐसे में अधिकारी भी आरोपी के इसी रास्ते से घुसने का अनुमान लगा रहे हैं।
गार्ड और कार्मिकों से लिए बयान
मोबाइल टीम ने आग की घटना को लेकर ड्यूटी पर तैनात नगरपरिषद के गार्ड व कार्मिकों से भी पूछताछ कर बयान दर्ज किए गए। इस दौरान उसने बताया कि नगरपरिषद की भूमि शाखा से गैलेरी की तरफ सोमवार सुबह करीब 6 बजे धुआं आता दिखाई दिया। इसके बाद मौके पर पहुंचने पर आग लगने की जानकारी मिली। बाद में पास ही रहने वाले कार्मिक को बुलाकर दूसरी चाबी से कक्ष का ताला खुलवाया गया और आग बुझाई गई।

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