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पत्थरों के लिए यहां वन क्षेत्र की पहाड़ी पर कर रहे धमाके

Dharmendra Ramawat

Publish: Aug 14, 2019 10:31 AM | Updated: Aug 14, 2019 10:31 AM

Jalore

www.patrika.com/rajasthan-news

बडग़ांव. कस्बे से तीन किलोमीटर दूर स्थित बोरतड़ी पहाड़ी वन क्षेत्र में दिन दहाड़े धड़ल्ले से अवैध खनन चल रहा है। वन क्षेत्र में खनन पर सख्ती होने के बाद भी यहां पर नियम कायदों को ताक में रखकर अवैध रूप से खनन किया जा रहा है। बोरतड़ा पहाड़ी को ब्लास्ट से तोड़ा जा रहा हैं। रोजाना दो दर्जन से अधिक ट्रेक्टर ट्रोली अवैध खनन कर पत्थर भरकर ले
जा रहे हैं।
पहाड़ी की चोटी पर प्राचीन गुरूमेडकीनाथ का मंदिर होने से अवैध खन्नकर्ता के ब्लास्ट से मंदिर को नुकसान पहुंच रहा है। वहीं ब्लास्ट के धमाकों से आस पास के मकानों में दरारें आ चुकी हैं। अवैध खनन को लेकर ग्रामीणों ने कई बार जिला कलक्टर को शिकायत की, लेकिन अभी तक अवैध खनन नहीं रोका हैं। बोरतड़ा पहाड़ी से अवैध खनन कर पत्थरों का कारोबार कर खनन करने वालों की चांइदी है। इतना कुछ होने के बाद भी वन विभाग व खनिज विभाग के अधिकारी उदासीन बने हुए हैं।
खनन के लिए काट रहे हरे वृक्ष
वन क्षेत्र में अवैध खनन के लिए खनन करने वाले हरे वृक्षों पर कुल्हाड़ी चला रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्र में हरे वृक्षों को काट रहे है। खनन के चलते वन क्षेत्र से हरियाळी गायब हो रही हैं। बडग़ांव समेत आस-पास के गांवों के नजदीक बोरतड़ा पहाड़ी पड़ती हैं। यहां भवन निर्माण समेत सरकारी निर्माणों के कार्य चल रहे हैं। उसमें पत्थरों की जरूरत होती हैं। खनन करने वाले निर्माण करने वाले ठेकेदारों से सम्पर्क कर पत्थर डालने का ठेके लेते हैं। खनन करने वाले बोरतड़ा पहाड़ी से अवैध खनन कर पत्थर निकाल कर प्रति ट्रोली 1500 से 2000 रूपए में बेचते हैं। अवैध खनन के बावजूद इन पर नकेल कसने के कोई प्रयास नहीं
किए जा रहे।