स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

डामर डालने के नाम पर अटका रखा है बागरा से सीधा रास्ता

Jitesh kumar Rawal

Publish: Nov 19, 2019 18:07 PM | Updated: Nov 19, 2019 18:07 PM

Jalore

www.patrika.com/rajasthan-news

फाटक के पास से मार्ग खोलने में बरती जा रही है ढिलाई, बस यात्रियों को करना पड़ रहा है जोखिम के बीच सफर


जालोर. बागरा में रेलवे फाटक से होते हुए सीधे रास्ते पर बसें निकालने से पहले डामर डाले जाने की बात कही जा रही है, लेकिन करीब एक किमी का यह रास्ता कब डामरीकृत होगा कहना मुश्किल है। हालांकि फाटक के पास धानपुर मार्ग की ओर डामर बिछाया जा चुका है, लेकिन पूरे हिस्से में डामर नहीं डाल पाए है। फाटक के दूसरी ओर पूरा हिस्सा अभी कोरा ही है। यात्रियों को सुविधा देने के लिहाज से डामर बिछाने का कार्य भी त्वरित गति से होना चाहिए, लेकिन यह काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। एक तरफ के कुछ हिस्से में डामर डालने में ही सप्ताहभर लग गया। ऐसे में बस यात्रियों को सुविधा किस तरह मिलेगी सोच सकते हैं। उधर, कार्यकारी एजेंसी के अधिकारी इस मार्ग पर डामर बिछाए जाने तक बसों को शुरू करने से इनकार कर रहे हैं। वैसे पांच माह से इस मार्ग पर बसों का आवागमन ही बंद है और बस यात्रियों को लम्बे व दुरूह मार्ग पर जोखिम के बीच सफर करना पड़ रहा है।


नहीं ले रहे मरम्मत की जिम्मेदारी
फाटक के पास काम चल रहा होने से रास्ता डाइवर्ट कर रखा है, लेकिन इस डाइवर्जन की मरम्मत तक नहीं की जा रही है। मरम्मत को लेकर न तो कार्यकारी एजेंसी जिम्मेदारी ले रही है और न ही सार्वजनिक निर्माण विभाग। डाइवर्ट किया गया करीब बीस किमी का यह मार्ग इतना जर्जर है कि इसे पार करने में घंटाभर लग जाता है।


हरदम हादसे की जद में रहते वाहन
लोगों ने बताया कि रेलवे फाटक के दोनों ओर बसों के आवागमन का पूरा रास्ता है, लेकिन बेरियर लगाकर अवरुद्ध कर रखा है। इस कारण हल्के वाहनों के अलावा अन्य सभी वाहन डाइवर्जन से आवाजाही करने को मजबूर है। यह रास्ता काफी लम्बा व दुरूह होने से अक्सर हादसे होते हैं। कई बार वाहन रास्ते में ही खराब हो जाते हैं। लेकिन, सीधा रास्ता अवरुद्ध होने से बसों को लम्बे रास्ते से निकालना विवशता बना हुआ है।

वाहन डाइवर्ट किए, गड्ढे तक नहीं पाटे
बताया जा रहा है कि निर्माण से पहले डाइवर्जन मार्ग पर समुचित सुविधाएं मयस्सर होनी चाहिए। रास्ते की मरम्मत करना इसकी प्राथमिकता में शामिल है, लेकिन कार्यकारी एजेंसी ने वाहनों को डाइवर्ट करवाने के अलावा कुछ नहीं किया। भागली प्याऊ से खेजरला, नारणावास, बागरा तक के मार्ग पर अनगिनत गड्ढे हैं और कई जगह सड़क का निशान तक नहीं है। इस मार्ग पर वाहन ही मोडे गए हैं गड्ढों को पाटने की दिशा में कोई काम नहीं हुआ। आमतौर पर बारिश के बाद सड़कों की मरम्मत करनी होती है, लेकिन इस मार्ग पर यह भी नहीं हो पाया। ऐसे में यहां वाहन ही इस समस्या की ओर न तो कार्यकारी एजेंसी ध्यान दे रही है और न ही प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में बस यात्रियों को हिचकोले खाते हुए ही गुजरना पड़ रहा है।


डामर बिछाने के बाद खोलेंगे...
फाटक के पास दोनों ओर अभी डामर बिछाया जा रहा है। डामर डालने के बाद सीधा रास्ता खोल दिया जाएगा।
- सोमाभाई पटेल, मुख्य अधिकारी, कार्यकारी एजेंसी, बागरा

[MORE_ADVERTISE1]