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बारिश में जवाई नदी में तेज बहाव हुआ तो भी नहीं रुकेगा रास्ता, फर्राटे से पार हो जाएगा बहाव वाला क्षेत्र

Khushal Singh Bhati

Publish: Nov 07, 2019 09:56 AM | Updated: Nov 07, 2019 09:56 AM

Jalore

जालोर के बिशनगढ़ मार्ग स्थित जवाई नदी के बहाव क्षेत्र के अंतर्गत नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट के तहत पुल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, नवंबर के अंत में या दिसंबर में ट्रेफिक के लिए खोल दिए जाएंगे पुल

जालोर. बारिश के दिनों में जवाई नदी में पानी के बहाव के दौरान अक्सर बिशनगढ़ मार्ग अवरुद्ध हो जाता था। इससे वाहन चालकों को परेशानी होती थी। अब इस समस्या का स्थायी समाधान होने वाला है और भविष्य में नदी में तेज बहाव होने पर भी रास्ता अवरुद्ध नहीं होगा। नेशनल हाइवे-325 प्रोजेक्ट के तहत वर्ष 2017 में इस नदी के बहाव क्षेत्र में प्राथमिकता से शुरू किए गए ब्रिज निर्माण का काम अब अंतिम चरण में है और दिसंबर माह तक नदी पर निर्माणाधीन दोनों बड़े ब्रिज को ट्रेफिक के खोल दिया जाएगा। जिसके बाद नदी के इस क्षेत्र से फर्राटे से वाहन चालक गुजर सकेंगे। इससे पहले हालात ये थे कि बारिश के दौरान नदी में बहाव आने पर यह मार्ग अवरुद्ध हो जाता था। क्योंकि नदी के इस भाग में केवल रपट थी। जिससे पानी का बहाव इसके ऊपर से होता था। जिससे पानी के बहाव के बीच से गुजरना वाहन चालकों के लिए खतरे से खाली नहीं था। होने से होने वाली परेशानी का स्थायी समाधान हो चुका है।
दो पुल अंतिम चरण में
पहाड़पुरा के निकट जवाई नदी के ऊपर पहले लंबी रपट थी। लेकिन प्रोजेक्ट में प्राथमिकता के तौर पर ब्रिज का निर्माण कार्य शुरू करवाया गया था। जिसमें से पुल का एक हिस्सा 250 मीटर लंबा है जो बनकर तैयार हो चुका है और इसका लोड टेस्टिंग होने के साथ साथ अब यह हिस्सा ट्रेफिक निकलने की स्थिति में तैयार हो चुका है। इस पर केवल डामर बिछाने का काम ही शेष है, जो जल्द ही पूरा हो जाएगा। वहीं इसी पुल से जुड़ा दूसरा हिस्सा 60 मीटर लंबा है। जिसके फाउंडेशन का काम पूरा होने के बाद इस पर सुपर स्ट्रक्चर (जहां से ट्रॉफिक गुजरेगा) का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। लेकिन इस ब्रिज की लोड टेस्टिंग अभी बाकी है। विभाग का कहना है कि जल्द ही यह प्रक्रिया भी पूरी हो जाएगी। विभागीय अधिकारी का कहना है कि पुल का एक हिस्सा तैयार है लेकिन वाहन चालकों की सुविधा और संभावित हादसों को टालने के लिए पुल के दोनों हिस्सों को एक साथ शुरू करने की कवायद चल रही है। ऐसे में संभवत: नवंबर अंत या दिसंबर माह में दोनों पुलों के ऊपर से ट्रेफिक गुजर सकेगा।
इसलिए महत्वपूर्ण ये ब्रिज
पिछले दो दशकों की ही बात करें तो वर्ष 2006, 2015, 2017 में अतिवृष्टि के दौरान जवाई बांध के गेट खोले गए। इस दौरान नदी में बहाव आया। जिससे ये रास्ता अवरुद्ध हो गया। इस मार्ग से मुख्य रूप से बालोतरा, बाड़मेर, पचपदरा, पोकरण, जैसलमेर के लिए वाहनों की आवाजाही होती है। नदी में अधिक बहाव होने पर नदी के बहाव के सभी मार्ग इसलिए बंद हो जाते थे कि लगभग सभी स्थानों पर रपट ही थी। जैसा कि वर्ष 2017 में हुआ। इस दौरान रपट टूटने से कई दिनों तक वाहन चालकों को दिक्कत हुई थी। लेकिन अब भविष्य में इस तरह की समस्या का सामना वाहन चालको नहीं उठाना पड़ेगा और भारी बारिश के दौरान तेज बहाव के बीच भी वाहनों की आवाजाही जारी रहेगी।

- 2 लेन के है ये ब्रिज
- 2 साल पूर्व शुरू हुआ था काम
- 250 मीटर लंबा है पुल का एक हिस्सा
- 60 मीटर है पुल का दूसरा हिस्सा
- 15 जनवरी कार्य पूरा करने की अवधि


इनका कहना
नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट के तहत नदी के ऊपर दो पुल बनने थे। जिनमें से एक पुल का काम पूरा होने के साथ लोड टेस्टिंग का काम भी पूरा हो चुका है। दूसरे हिस्से का लोड टेस्ट भी इसी महीनें में हो जाएगा। जिसके बाद ट्रेफिक के लिए इन्हें खोल दिया जाएगा।
- जेपी सुथार, एक्सईएन, एनएच, बाड़मेर

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