स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

नेहड़ में ग्रामीणों की बनाई रपट को देखने पहुंचे बीडीओ

Dharmendra Ramawat

Publish: Sep 11, 2019 10:56 AM | Updated: Sep 11, 2019 10:56 AM

Jalore

www.patrika.com/rajasthan-news

चितलवाना. लूनी नदी के बहाव क्षेत्र में ग्रामीणों की ओर से लकड़ी का पुल बनाकर बच्चों को स्कूल भेजने के मामले में मंगलवार को बीडीओ ने रपट का निरीक्षण किया। गौरतलब है कि लालपुरा व सायड़ा गांव में नदी के पानी से बंद रास्ते को लेकर राजस्थान पत्रिका में सिलसिलेवार समाचार प्रकाशित किए गए थे। जिसके तहत 7 सितम्बर को 'यहां खुद ग्रामीण लकड़ी के पुल बनाकर पार कर रहे रास्ताÓ व 8 सितम्बर को 'खतरे के साए में विद्यार्थियों का स्कूल तक का सफरÓ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने ग्रामीणों की सुध ली। विकास अधिकारी व पंचायत समिति के कनिष्ठ अभियन्ता ने मौका मुआयना कर जल्द ही रास्ता बहाल करवाने की बात कही। अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर ग्रेवल डालकर रास्ता बहाल करवाया जाएगा। इस मौके जयकिशन विश्नोई व लाडूराम जांगु सहित कई किसान मौजूद थे।
रपट से होगा स्थाई समाधान
लालपुरा व सायड़ा गांव में नदी के पानी से बंद हुए रास्ते की बहाली को लेकर फिलहाल ग्रेवल डाली जाएगी। वहीं स्थाई समाधान के लिए रपट बनाने का मसौदा तैयार किया जा रहा है। जिसे भविष्य में यह रास्ता बंद नहीं हो।
इनका कहना...
लालपुरा व सायड़ा गांव के लोगों के लिए नदी पर एक बार अस्थाई रास्ता बनाकर मार्ग बहाल करवाया जाएगा। वहीं पानी कम होने पर रपट बनाकर स्थाई समाधान किया जाएगा।
- डॉ. जगदीश विश्नोई, बीडीओ, चितलवाना