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प्लेसमेंट एजेंसी से कर्मचारी लगाने पर रोक

Khushal Singh Bhati

Publish: Nov 09, 2019 10:31 AM | Updated: Nov 09, 2019 10:31 AM

Jalore

- एसबीआई बैंकों में लगे कर्मचारियों का मामला, हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार सहित बैंक प्रबंधन से जवाब मांगा

जालोर. बेरोजगार युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण देने के लिए एसबीआई के आरसेटी (स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान) में कार्यरत कर्मचारियों के स्थान पर प्लेसमेंट एजेंसी के कार्मिक नियुक्त करने पर हाईकोर्ट ने शुक्रवार को रोक लगा दी। न्यायाधीश अरुण भंसाली ने जालोर निवासी योगेश दवे की याचिका पर यह आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता दवे की ओर से अधिवक्ता देवकीनन्दन व्यास ने हाईकोर्ट को बताया कि दवे की नियुक्ति निर्धारित प्रक्रिया के तहत की गई है और वे सात वर्ष से सेवारत है। दवे और उनके जैसे अन्य कार्मिकों की सेवाएं केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय से अनुमोदित मानव संसाधन नीति (एचआर पॉलिसी) से अधिशाषित हैं। लिहाजा उनके स्थान पर प्लेसमेंट एजेंसी से कर्मचारी की नियुक्ति करना गैरकानूनी है। अधिवक्ता व्यास ने उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के विभिन्न न्यायिक दृष्टान्तों के आधार पर भी प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से कर्मचारियों की नियुक्ति को अनुचित बताया।
इस पर प्रारंभिक सुनवाई के बाद न्यायाधीश भंसाली ने केंद्र के ग्रामीण विकास मंत्रालय, एसबीआई के प्रबंधन एवं प्लेसमेंट एजेंसी पंकज सिक्योरिटी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। साथ ही याचिकाकर्ता के स्थान पर प्लेसमेंट एजेंसी से कार्मिक नियुक्त करने पर भी रोक लगा दी। गौरतलब है कि प्रदेश भर में बड़ी संख्या में आरसेटी में नियुक्त कर्मचारियों के स्थान पर प्लेसमेंट एजेंसी से कार्मिक नियुक्त करने की कवायद चल रही है। इसके लिए आरसेटी और बैंक प्रबंधन ने गत 2 जुलाई को प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए कर्मचारियों की नियुक्ति करने का फैसला किया था। याचिका में बैंक के इस निर्णय को भी चुनौती दी गई है। ऐसे में उच्च न्यायालय का यह आदेश कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत है।

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