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केंद्र पर भड़के यशवंत सिन्हा, सीएए-एनआरसी को बताया काला कानून

Firoz Khan Shaifi

Publish: Jan 23, 2020 21:58 PM | Updated: Jan 23, 2020 21:58 PM

Jaipur

केंद्रीय वित्त मंत्री रहे यशवंत सिन्हा ने एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोला है। सिंह ने कहा कि मोदी सरकार देश के ज्वलंत मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए नए-नए कानून ला रही है

 

जयपुर। केंद्रीय वित्त मंत्री रहे यशवंत सिन्हा ने एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोला है। सिंह ने कहा कि मोदी सरकार देश के ज्वलंत मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए नए-नए कानून ला रही है। उन्होंने सीएए और एनआरसी को काला कानून बताते हुए केंद्र सरकार से मांग की है वो इस कानून को वापस ले।

गुरूवार को जयपुर में मीडिया से बातचीत में यशवंत सिन्हा ने कहा कि देश में जो हिंसा हुई है, खासकर भाजपा शासित राज्यों में उसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए। सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से मामले दिए गए आदेश की चर्चा करते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायलय इस काले कानून पर रोक लगा सकती थी, किन्तु ऐसा नहीं किया और चार-पांच सप्ताह के लिए इसे आगे बढ़ा दिया।

कानूनी पहलुओं के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट पर सामाजिक दायित्व की भी जिम्मेदारी है, जैसा कि केरल के सबरीमाला मंदिर के मामले पुनर्विचार कर निर्णय दिया। अतः देश के बिगड़ते माहौल और अशांति पर अकुंश के लिए सामाजिक दायित्वों का भी निवर्हन किया जाना चाहिए।

पूर्व केंद्रीय मंत्री सिन्हा ने सीएए व एनआरसी को संविधान के विरूद्ध बताया। इसे समाज को बांटने वाला कानून बताते हुए कहा कि यह कानून गैर जरूरी है, क्योंकि नागरिकता देने के लिए पहले ही प्रावधान है। सिन्हा ने कहा कि देश पहले से ही अनेक समस्याओं से जूझ रहा है।

देश में किसान, युवाओं की समस्याओं के साथ ही बेरोजगारी सहित अनेक समस्याएं है। अशांति का माहौल है, ऐसे में हम सबकी जिम्मेदारी बढ़ जाती है। वहीं केन्द्र सरकार को चाहिए कि वह बिना किसी जाति, धर्म व भेदभाव के कार्य कर अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाएं।


आज करेंगे पैदल मार्च
वहीं पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा सुबह 11 बजे एक निजी विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं से संवाद करेंगे, उसके बाद दोपहर दो बजे एनआरसी और सीएए के विरोध में विभिन्न संगठनों की ओर से निकाले जाने वाले मार्च में शामिल होंगे।

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