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कामकाजी का काम होगा आसान

Chand Mohammed Shekh

Publish: Sep 11, 2019 14:10 PM | Updated: Sep 11, 2019 14:10 PM

Jaipur

कामकाजी महिलाओं को दोहरी जिम्मेदारी निभानी होती है। उन्हें दोनों मोर्चों पर खुद को साबित करना होता है। एक तरफ उन्हें घर परिवार में खुद को सफल गृहिणी साबित करना होता है तो दूसरी तरफ नौकरी-व्यवसाय के जरिए वे घर को आर्थिक संबल भी देती है। ऐसे में उनके कंधों पर मजबूत जिम्मेदारी बनी रहती है। दोनों मोर्चों पर बैलेंस न होने की वजह से कई बार कामकाजी महिलाओं को नुकसान भी होता है। कुछ बातों का ध्यान रखकर कामकाजी महिलाएं बैलेंस बनाकर इस दोहरी जिम्मेदारी को आसानी से निभा सकती है।

पहले से प्लानिंग
दोहरी जिम्मेदारी होने के कारण कामकाजी महिलाओं के पास समय की कमी होती है। ऐसे में कामकाजी महिलाओं को समय का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए। समय का सही इस्तेमाल करने का सबसे सही तरीका है अपने अगले दिन की योजना बनाना। अगले दिन के सभी कामों की एक सूची बना लें और उन कामों को उनकी प्राथमिकता के हिसाब से अंजाम दें। ऐसे में उनके पास समय होगा। यदि संभव हो तो बच्चों को भी अपनी योजना में शामिल करें। बच्चों को अपने साथ जोडऩे से न केवल उनका साथ बना रहेगा बल्कि बच्चों को भी अच्छा महसूस होगा।

प्राथमिकता जरूरी
कामकाजी महिला के लिए ये जानना बेहतर रहता है कि उसकी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर क्या हैं? यदि उसकी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर बच्चा है तो फिर इस बात पर विचार करें कि बच्चे की देखभाल के बारे में आप किन-किन चीजों पर ध्यान देंगी और किस सीमा तक उसके साथ समझाौता कर सकती हैं। यदि आप अपने काम से भी प्यार करती हैं और बच्चे से संबंधित अपनी नई जिम्मेदारी के साथ किसी भी तरह अपने काम का बैलेंस बनाना चाहती हैं तो गौर करें कि क्या आपका सपोर्ट सिस्टम इतना अच्छा है कि आप उस पर भरोसा कर सकती हैं?

बच्चों से जुड़ाव बनाए रखें
कामकाजी महिलाएं अक्सर दफ्तर से घर आते ही घर के कामों में लग जाती हैं। माता-पिता का यह काम अक्सर बच्चों को निराश कर देता है क्योंकि उन्हे लगता है कि उनके माता-पिता के पास उनके लिए समय ही नहीं है, वे उन्हें प्यार नहीं करते। ये नकारात्मक भाव बच्चों में गुस्से, द्वेष और जलन जैसे भावों को पैदा करते हैं। इस समस्या के समाधान का बेहतरीन तरीका बच्चों को घर के कामों में अपने साथ शामिल करना है।

पार्टनर की मदद लीजिए

घर और परिवार दोनों स्तर पर अपनी जिम्मेदारी बेहतर तरीके से निभा पाना कोई आसान काम नहीं होता है। इसलिए जरूरी है कि अपने पार्टनर के साथ अपनी जिम्मेदारियों को बाटें। ऐसा करने से आप अपने सभी कामों को एक निश्चित समय पर समाप्त कर पाएंगी और ज्यादा दबाव भी महसूस नहीं करेंगी। अगर आप ऐसे जॉब में है जहां आप बच्चे को पूरा समय नहीं दे सकती है तो आप आया भी रख सकती है। ऐसा करने से आपको बच्चे की ज्यादा फिक्र नहीं रहेगी और आप काम पर ध्यान दे पाएंगी।

ये भी जरूरी हैं
जब भी समय मिले तो बच्चे के साथ बैठ कर उनके दिन के बारे में जानें, उनके साथ अपने ऑफिस की छोटी-छोटी बातें बाटें।
सुबह का भोजन साथ नहीं कर पाएं तो रात का भोजन बच्चों के साथ ही करें। इस बहाने एक-दूसरे के करीब रहते हैं।
आप अगर अपने बच्चे को किसी नैनी या रिश्तेदार के यहां छोड़ कर आ रहे हैं तो आप अपने बच्चों का हाल चाल समय समय पर लेते रहें।