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बारिश के कारण आबादी की ओर रुख कर रहे वन्यजीव

Rakhi Hajela

Publish: Sep 23, 2019 16:50 PM | Updated: Sep 23, 2019 16:50 PM

Jaipur

बारिश के कारण आबादी की ओर रुख कर रहे वन्यजीव
लेपर्ड के बाद अब मगरमच्छ और बारहसिंगा ने किया शहर का रुख
जलभराव होने से सुरक्षित स्थानों की ओर से भाग रहे वन्य और जलीय जीव
आबादी वाले क्षेत्रों में दहशत


वन्यजीव शहर की ओर रुख कर रहे हैं पिछले कुछ समय से वन्यजीवों का आबादी क्षेत्रों में पहुंचने में तेजी से इजाफा हुआ है। अब तक आबादी वाले क्षेत्रों में लेपर्ड के आने की घटनाएं ही सामने आती थी लेकिन अब कई अन्य वन्य जीव भी आबादी वाले क्षेत्रों में देखे जा रहे हैं। अब तक सिकुड़ते जंगलों की वजह से वन्यजीव आबादी की ओर आ रहे थे लेकिन अब बारिश की अधिकता इनके आबादी क्षेत्र में आने का कारण बन गई है। इतना ही नहीं कई स्थानों पर मगरमच्छ के देखे जाने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
कोटा के भीमगंजमंडी इलाके में आबादी वाले क्षेत्रों में बारहसिंगा को खुले आम घूमता हुआ देखा गया। जिसे देख कर लोगों में दहशत फैल गई। स्थानीय निवासियों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी जिससे बारहसिंगा को पकड़ा जा सके। माना जा रहा है कि राज्य में जमकर हुई बारिश भी इसकी एक वजह है। बारिश और बाढ़ वन्यजीवों के लिए खतरा बन गई है। जंगल के अधिकांश भागों में जलभराव होने से वन्यजीव आबादी या सुरक्षित स्थानों की ओर भाग रहे हैं। आपको बता दें कि पिछले दिनों में कोटा और आसपास में क्षेत्रों में जमकर बारिश हुई और जिससे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। पानी भर जाने से रास्ते दलदल हो गए हैं। पानी भर जाने से जंगली जीव सुरक्षित ठिकाने की तलाश में जंगल से बाहर निकल रहे हैं।

अब बाढ़ के कारण मगरमच्छ आबादी में
कोटा शहर के बजरंग नगर मेन रोड पर एक मगरमच्छ सड़क पर घूमता नजर आ चुका है। जिससे शहर में दहशत का माहौल बन गया। मगरमच्छ करीब 1 घंटे तक बजरंग नगर मुख्य मार्ग पर घूमता रहा, जैसे ही वाहनों की लाइट उस पर पड़ती तो वह स्थिर हो जाता और उसके बाद अंधेरा होने पर वापस आगे निकल जा रहा था। कोटा शहर में रहने वाले युवक वीरेंद्र खंगार ने मगरमच्छ का एक वीडियो बनाया है, जिसमें साफ नजर आ रहा है कि वह सड़क पर बिना किसी डर के चल रहा है। मगरमच्छ लगभग 1 घंटे तक सड़क और उसके आसपास घूमता रहा, जिससे वहां से गुजरने वाले लोग भी दहशत में रहे। आपको बता दें कि कोटा में इस तरह से मगरमच्छ की दहशत का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी शहर की कई कॉलोनियों में खाली पड़े प्लॉटों में मगरमच्छ देखे गए हैं, कुछ दिन पहले ही चंद्रलोई नदी में मगरमच्छ ने एक बालक पर हमला कर दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। वहीं जानवरों पर भी मगरमच्छों के हमले की कई मामले कोटा में सामने आ चुके हैं।
चम्बल नदी में आए उफान से जिले में बाढ़ से जनजीवन तो प्रभावित हो ही रहा है, इसके उलट नदी में भारी संख्या में मौजूद मगरमच्छ व घडिय़ालों के आबादी इलाकों में घुसने से ग्रामीणों का जीवन संकट में है। लोग बाढ़ के पानी से तो जैसे तैसे बच रहे हैं, लेकिन मगरमच्छ व घडिय़ालों की आवक से अधिक चिंतित दिखाई दे रहे हैं। चम्बल का जलस्तर बढऩे के कारण वन्यजीवों और जलीय जीवों ने चम्बल किनारे वाले क्षेत्रों को अपना ठिकाना बना लिया है।