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राजे की अनुपस्थिति पर बोले पूनियां, जल्द मिल जाएगा जवाब

Umesh Sharma

Publish: Oct 10, 2019 18:17 PM | Updated: Oct 10, 2019 18:17 PM

Jaipur

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ( Vasundhara Raje ) के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में नहीं आने के सवाल पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ( Rajasthan Bjp President Satish Poonia ) ने कहा है कि राजे की अनुपस्थिति भाजपा ( Rajasthan Bjp) में कोई चर्चा का विषय नहीं हैं। व्यस्तता की वजह से वो नहीं आ पाईं।

जयपुर।

उन्होंने कहा कि किसी बड़े नेता की किसी कारण से अनुपस्थिति पार्टी की गुटबाजी नहीं होती। उनसे मेरी मुलाकात मेरी घोषणा से पहले हो चुकी है। दस दिन तक वे व्यस्त थी। उनकी और मेरी मुलाकात होगी और आपके साक्ष्य में होगी। मुझे कोई बड़ी गुटबाजी और कोई बड़ा मतभेद लगता नहीं है।

पूनियां ने नई कार्यकारिणी के गठन पर भाजपा मुख्यालय पर प्रेस वार्ता में कहा कि अभी उप चुनाव और निकाय चुनाव हैं। साथ ही संगठन चुनाव पर भी काम चल रहा है। ये पूरा होने के बाद कार्यकारिणी बनाई जाएगी। इसमें पुरानों के साथ—साथ नए चेहरों को भी शामिल किया जाएगा। राममंदिर के विषय पर पूनियां ने कहा कि राम मंदिर जरूर बनेगा। ये आस्था का भी बिंदु है, कोर्ट का विषय है। क़ानूनी प्रक्रिया से कोई विकल्प मिलता है तो अच्छा है।

मोदी संवेदनशील गहलोत सरकार संवेदनहीन

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने किसानों के मामले में मोदी को संवेदनशील और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार को संवेदनहीन बताया है। पूनियां ने भाजपा मुख्यालय पर प्रेस वार्ता में कहा कि मैं लगभग डेढ़ दर्जन जिलों में गया। इस दौरान कोटा डिविजन, चित्तौड़, उदयपुर का कुछ हिस्सा और शेखावाटी के कुछ जिलों में किसानों पर फसल खराबे की मार पड़ी है। अमूमन 15 अक्टूबर तक गिरदावरी हो जानी चाहिए, मगर अभी तक ज्यादातर जगहों पर यह काम रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। ऐसे में किसानों के मुआवजे का कब आकलन होगा और कब उन्हें मुआवजा मिलेगा। उधर पीएम मोदी ड्रोन से फसल खराबे की योजना लाए हैं और 96 जिलों में देश में पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरुआत होगी।

कानून व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता नहीं
बिगड़ी क़ानून व्यवस्था को लेकर पूनियां ने कहा कि इस समय सबसे बड़ी चुनौती क़ानून व्यवस्था है। प्रदेश में 40 साम्प्रदायिक घटनाएं हो चुकी हैं। आपराधी बेख़ौफ़ हैं, इससे लगता है कि क़ानून व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता नहीं है। मुख्यमंत्री खुद ही गृह मंत्री है वे अधिकांश समय दिल्ली रहते है ऐसे में क़ानून व्यवस्था की कैसे समीक्षा हो सकती है। कांग्रेस के राज में अपराधियों में विश्वास और आम जन में भय बढ़ा है, मुख्यमंत्री इस विषय पर कुछ बोले तो सही। मालपुरा घटना के लिए पूनियां ने सरकार की तुष्टिकरण की नीति को जिम्मेदार बताया।