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गुहा, बेनेगल समेत 49 हस्तियों पर देशद्रोह के आरोप पाए गए गलत

Sanjay Kaushik

Publish: Oct 10, 2019 01:26 AM | Updated: Oct 10, 2019 01:26 AM

Jaipur

देश में मॉब लिंचिंग(Mob Lynching) के मामलों पर चिंता जाहिर करते हुए(Worried) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला खत(Open Letter to PM) लिखने वाले इतिहासकार रामचंद्र गुहा, फिल्मकार श्याम बेनेगल और मणिरत्नम समेत 49 लोगों(49 celebrities) के खिलाफ बिहार के मुजफ्फरपुर में दर्ज प्राथमिकी के देशद्रोह समेत सभी आरोप (Treason charges ) गलत पाए गए(Found Wrong) और अब पुलिस याचिकाकर्ता अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा पर कार्रवाई किए जाने की तैयारी कर रही है।

-पुलिस याचिकाकर्ता पर कार्रवाई करने की तैयारी में

-मॉब लिंचिंग मामलों पर चिंता जताते हुए पीएम मोदी को लिखा था खुला खत

मुजफ्फरपुर/पटना। देश में मॉब लिंचिंग(Mob Lynching) के मामलों पर चिंता जाहिर करते हुए(Worried) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला खत(Open Letter to PM) लिखने वाले इतिहासकार रामचंद्र गुहा, फिल्मकार श्याम बेनेगल और मणिरत्नम समेत 49 लोगों(49 celebrities) के खिलाफ बिहार के मुजफ्फरपुर में दर्ज प्राथमिकी के देशद्रोह समेत सभी आरोप (Treason charges ) गलत पाए गए(Found Wrong) और अब पुलिस याचिकाकर्ता अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा पर कार्रवाई किए जाने की तैयारी कर रही है।

-अदालत के आदेश पर प्राथमिकी

मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ने बुधवार को यहां बताया कि अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा की ओर से 27 जुलाई 2019 को दायर किए गए परिवाद पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सूर्यकांत तिवारी के आदेश के बाद उनके माध्यम से यह प्राथमिकी 02 अक्टूबर को दर्ज हुई है। प्राथमिकी में इतिहासकार रामचंद्र गुहा, फिल्मकार श्याम बेनेगल, निर्माता-निदेशक मणिरत्नम, अभिनेत्री अपर्णा सेन, रेवती, कोंकणा सेन, निर्माता अरुण गोपाल कृष्ण, अभिनेता सौमित्र चटर्जी और गायिका शुभा मुद्गल समेत 49 लोगों के नाम हैं। भारतीय दंड विधान की धारा 124ए, 153बी, 160, 290, 297, 504 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें देशद्रोह, उपद्रव करने, शांति भंग करने के इरादे से धार्मिक भावनाओं को आहत करने से संबंधित धाराएं लगाई गईं हैं। अदालत ने पुलिस अधीक्षक को मामले में प्राथमिकी दर्ज कर 11 नवंबर 2019 तक मामले की जांच पूरी करने का आदेश दिया था।

-आरोपों के समर्थन में कोई साक्ष्य पेश नहीं

वहीं, अधिवक्ता ओझा ने अपनी याचिका में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला खत लिखने और इसका विभिन्न मीडिया माध्यमों से प्रचार-प्रसार करने से पूरी दुनिया में देश और प्रधानमंत्री मोदी की छवि धूमिल हुई है। कुमार ने बताया कि सदर थाने के अवर निरीक्षक (एसआई) एवं इस मामले के जांच अधिकारी हरेराम पासवान ने अपने अनुसंधान में पाया कि इन दिग्गजों पर लगाये गए कोई भी आरोप सत्य नहीं है। साथ ही याचिकाकर्ता ओझा लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई साक्ष्य भी प्रस्तुत नहीं कर पाए। वहीं, ओझा ने कहा कि उन्होंने अभी तक अपनी याचिका वापस नहीं ली है।

-समर्थन में उतरीं 185 विभूतियां

देश के 185 लेखकों-कलाकारों ने मॉब ङ्क्षलङ्क्षचग को रोकने के लिए देश के 49 बुद्धिजीवियों के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज होने की कड़ी ङ्क्षनदा करते हुए कहा था कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे गए पत्र में व्यक्त की गई ङ्क्षचता का समर्थन करते हैं। बयान पर हस्ताक्षर करने वालों में लेखिका नयनतारा सहगल, नृत्यांगना मलिका साराभाई, नसीरूद्दीन शाह, सुहासिनी अली, अशोक वाजपेयी, चंद्रकांत पाटिल, गिरिधर राठी, गीता हरिहरन, हर्ष मंदर, शशि देशपांडे, इरा भास्कर और मृदुला गर्ग आदि शामिल हैं।

-मॉब लिंचिंग पर चिंता जताते हुए लिखा था पत्र

मणिरत्नम, रामचंद्र गुहा, अनुराग कश्यप, श्याम बेनेगल और शुभा मुद्गल समेत 50 हस्तियों ने इसी साल जुलाई में देश में मॉब लिंचिंग की घटनाओं और जय श्रीराम नारे के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी थी। पीएम को संबोधित करते हुए चिट्ठी में लिखा गया था कि देश भर में लोगों को जय श्रीराम नारे के आधार पर उकसाने का काम किया जा रहा है। साथ ही दलित, मुस्लिम और दूसरे कमजोर तबकों की मॉब लिंचिंग को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की गई थी।

-जवाबी पत्र भी लिखा गया

इसके जवाब में दो दिन बाद 61 सेलिब्रिटीज ने खुला पत्र जारी कर पीएम को लिखे गए पत्र को सिलेक्टिव गुस्सा और गलत नैरेटिव सेट करने की कोशिश करने वाला बताया था। इस खुला पत्र लिखने वाली हस्तियों में अभिनेत्री कंगना रनौत, लेखक प्रसून जोशी, क्लासिकल डांसर और सांसद सोनल मानसिंह, मोहन वीणा के वादक पंडित विश्व मोहन भट्ट और फि ल्म निर्माता मधुर भंडारकर एवं विवेक अग्निहोत्री शामिल थे।