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सरकारी वकील और कनिष्ठ लिपिक को तीन-तीन साल कैद

Mukesh Sharma

Publish: Dec 10, 2019 21:55 PM | Updated: Dec 10, 2019 21:55 PM

Jaipur

(ACB Court) एसीबी मामलों की विशेष अदालत क्रम-एक ने आपराधिक मामले में बरी हुए आरोपी के खिलाफ अपील करने और आदेश की सत्यापित प्रति देने के बदले रिश्वत मांगने वाले तत्कालीन (Govt Advocate) सरकारी वकील महेशचन्द जैन और एपीपी कार्यालय के (LDC)कनिष्ठ लिपिक संपत कुमार वर्मा को तीन-तीन साल कैद की सजा से दंडित किया है।

जयपुर

(ACB Court) एसीबी मामलों की विशेष अदालत क्रम-एक ने आपराधिक मामले में बरी हुए आरोपी के खिलाफ अपील करने और आदेश की सत्यापित प्रति देने के बदले रिश्वत मांगने वाले तत्कालीन सरकारी वकील महेशचन्द जैन और एपीपी कार्यालय के कनिष्ठ लिपिक संपत कुमार वर्मा को तीन-तीन साल कैद की सजा से दंडित किया है। साथ ही अदालत ने प्रत्येक अभियुक्त पर साठ हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत को बताया गया कि कानाराम शर्मा ने सूरज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें अदालत ने 23 मई 2006 को सूरज को बरी कर दिया था। इस आदेश की अपील करने और आदेश की सत्यापित प्रति देने के बदले न्यायिक मजिस्ट्रेट क्रम-तीन के तत्कालीन एपीपी ने दो हजार रुपए रिश्वत मांगी। परिवादी की एसीबी में रिपोर्ट दर्ज कराने पर एसीबी ने 15 जून 2006 को अभियुक्त एपीपी और कनिष्ठ लिपिक संपत को एक हजार रुपए रिश्वत लेते हुए ट्रेप किया था।

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