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इन नारों ने सत्ता का सिंहासन दिलाया मोदी को

Rahul Singh

Publish: Sep 16, 2019 13:42 PM | Updated: Sep 16, 2019 13:42 PM

Jaipur

नारे (slogans) चुनाव जिताने में बहुत ही अहम रोल निभाते हैं। यह सिर्फ पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश ही नहीं भरते बल्कि जनमानस के मन में पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने में भी बहुत कारगर होते हैं।

नारे चुनाव जिताने में बहुत ही अहम रोल निभाते हैं। यह सिर्फ पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश ही नहीं भरते बल्कि जनमानस के मन में पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने में भी बहुत कारगर होते हैं। भारत के चुनावों में दो बातें बहुत ही महत्वपूर्ण हैं पहली चुनावी नारे और दूसरी चुनावी घोषणाएं। राजनीतिक दल इनके लिए बड़ी रिसर्च करती हैं। सभी पार्टियों का घोषणा पत्र तो लगभग एक जैसा हो सकता है लेकिन नारे बिल्कुल अलग अलग होते हैं यही वजह है कि नारे ज्यादा महत्ता रखते हैं। चुनावों में नारों के दम पर ही पार्टियां चुनाव जीतती रही हैं और इसका लंबा इतिहास भी रहा है।
2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बना कर चुनावी अभियान छेड़ा था और नारा दिया था 'सबका साथ, सबका विकास, यह नारा न सिर्फ हिट हुआ बल्कि एनडीए को प्रचंड बहुमत दिलाने में मददगार रहा। इसी तरह यूपीए सरकार के समय बढ़ी महंगाई को बीजेपी ने यह नारा दिया, बहुत हुई महंगाई की मार,'अब की बार मोदी सरकार'। यह नारा भी जनमानस पर छा गया और मोदी पहली बार पीएम पद पर सत्तासीन हो गए। वहीं 2019 के चुनाव में 'मैं हूं चौकीदार' और 'मोदी है तो मुमकिन है' ने बीजेपी को दुबारा सत्तासीन कर दिया। बीजेपी के इस सबसे बड़े चुनावी नारे को खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉन्च किया था। कांग्रेस ने जब चौकीदार चोर का नारा लगाया तो मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर अपने अकाउंट से 'मैं भी चौकीदार' का कैंपेन शुरू कर दिया था और इसे हर बीजेपी नेता ने सोशल मीडिया पर यूज किया। इस वीडियों में पीएम ने केंद्र सरकार की कई योजनाओं और भष्टाचार से लड़ने के संकल्प बताया था। यहीं नहीं एयर स्ट्राइक के बाद बीजेपी मोदी है तो मुमकिन है' के नारे का खूब प्रचार-प्रसार कर रही है। बीजेपी इस नारे के जरिए लोगों को ये बताने की कोशिश कर रही है कि मोदी के पीएम रहते हुए कोई भी काम नामुमकिन नहीं है। पिछले दिनों बीजेपी का ये चुनावी नारा सोशल मीडिया पर काफी ट्रैंड में रहा। लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी की प्रचार अभियान की रणनीति इसी नारे पर आधारित रही। बीजेपी के हर कार्यक्रम में मंच पर एक बार फिर मोदी सरकार के बैनर और पोस्टर दिखाई दिए और नेताओं ने हर रैली में भीड़ से ये नारा लगवाए। इसी तरह युवा वोटरों को साधने के लिए सोशल मीडिया पर मोदी अगेन की मुहिम चलाई गई जिससे भी युवाओं ने बीजेपी को वोट दिया और बीजेपी दुबारा सत्ता के दरवाजे पर पहुंच गई।