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अपनों से घबराई सरकार, केविएट दायर के बाद फिर मंत्री का मंथन

Bhavnesh Gupta

Publish: Oct 21, 2019 13:17 PM | Updated: Oct 21, 2019 13:17 PM

Jaipur

नगरीय निकाय चुनाव से पहले नियमों में किया संशोधन

अपनी ही पार्टी के नेताओं के विरोध का सामना कर रही सरकार

जोधपुर हाईकोर्ट के बाद राजस्थान हाईकोर्ट में भी दायर की केविएट

196 में से 49 निकायों में अगले माह होना है चुनाव

जयपुर। नगरीय निकाय चुनाव को लेकर राज्य सरकार खुद का सुरक्षा घेरा मजबूत करने में जुट गई है। अप्रत्यक्ष रूप से महापौर को चुनने, पार्षद चुनाव लड़े बिना महापौर प्रत्याशी होने सहित कई अन्य संशोधन के खिलाफ लोगों की ओर से स्टे लेने की आशंका से सरकार सहमी हुई है। हालात यह है कि जोधपुर हाईकोर्ट के बाद जयपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट में भी केविएट दायर कर दी है। इस मामले में किसी भी तरह की याचिका दायर होने पर कोर्ट में सरकार का पक्ष भी सुना जाएगा। स्वायत्त शासन विभाग यह केविएट दायर की है। नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने सोमवार को एक बार फिर विभाग के अफसरों के साथ इस मामले में मंथन किया। बताया जा रहा है कि इसमें विधिक स्तर पर किस तरह मामले को उलझने से बचाया जा सकता है, इस पर चर्चा हुई। कारण, कांग्रेस पार्टी के ही कुछ मंत्री व नेता सरकार के इस फैसले के विरोध में हैं। उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट तो साफ कह चुके हैं कि पार्षद का चुनाव लड़े बिना ही महापौर चुनने का फैसला न तो केबिनेट में लिया गया और न ही संगठन से पूछा गया। यही कारण है कि सरकार भाजपा की बजाय खुद की पार्टी के नेताओं से ज्यादा घबराई हुई है।

यह है नियम

किसी भी मामले में एक तरफा या एक पक्ष को सुनकर कोई अंतरिम आदेश पेश न हो, इसके लिए केवियट दायर करने का प्रावधान है। इसके लिए सीपीसी 148 ए या राजस्थान हाई कोर्ट रूल 159 के तहत केवियट दायर की जा सकती है। इसके बाद हाईकोर्ट दोनों पक्षों को सुनने के बाद ही कोई अंतरिम आदेश पारित करता है।

49 निकाय में होंगे चुनाव

पार्षद चुनाव लड़े बिना ही महापौर बनने के प्रावधान लागू करने (पार्षदों द्वारा चुनने) का प्रावधान सभ निकाय में लागू किया गया है। 196 निकाय में से 49 में नवम्बर में चुनाव होने हैं,बाकी में अगले वर्ष शहरी सरकार चुनी जाएगी। सरकार ने जयपुर, जोधपुर और कोटा में दो-दो नगर निगम गठित किए हैं।

पार्टियों के लिए आसान नहीं राह..

स्वायत्त शासन विभाग ने रविवार को सभी 196 निकाय प्रमुखों के आरक्षण की लॉटरी निकाली। इसमें 10 नगर निगम, 34 नगर परिषद और 152 नगर पालिका शामिल है। जयपुर, जोधपुर और कोटा में बनाए गए छह नगर निगम में से 3 में आरक्षित वर्ग से निगम प्रमुख बनेंगे, जबकि बाकी तीन सामान्य वर्ग के खाते में गए हैं। जयपुर के ही नवगठित दोनों निगम से ओबीसी महिला ही महापौर बनेंगी। इनमें जयपुर ग्रेटर व जयपुर हैरिटेज नगर निगम शामिल हैं। वहीं, जोधपुर उत्तर व जोधपुर दक्षिण में दोनों जगह सामान्य महिला ही महापौर का पद संभालेंगी। जबकि, कोटा में दक्षिण में सामान्य व कोटा उत्तर में एससी महिला को यह कमान मिलेगी। हालांकि, इन तीनों शहरों में दोनों प्रमुख पार्टी भाजपा व कांग्रेस के लिए प्रत्याशी तय करना आसान नहीं होगा।