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तबादलों में फर्जीवाड़ा , शिक्षकों ने खुद ही कर लिए तबादले

MOHIT SHARMA

Publish: Sep 21, 2019 12:24 PM | Updated: Sep 22, 2019 13:28 PM

Jaipur

फर्जी हस्ताक्षर कर किए तबादले, 5 सितम्बर को निकाले थे फर्जी आदेश, मामला पकड़ में आया तो हुई कार्रवाई, विभाग ने किया निलंबित

जयपुर। तबादलों के लिए शिक्षक कैसे कैसे जतन करते हैं, इसका एक उदाहरण हाल ही देखने को मिला है। भीलवाड़ा और गंगानगर में दो शिक्षकों ने अपना तबादला फर्जी आदेश से स्वयं ही कर लिया। लेकिन जब मामला खुला तो उन्हें निलंबित कर दिया गया।

ये है मामला
तबादलों के लिए जब सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से आॅनलाइन आवेदन मांगे गए तो दो शिक्षकों ने इस प्रक्रिया से बचते हुए अपना तबादला आदेश स्वयं ही निकाल दिया। आदेश भी ऐसा की कोई उसे पकड़ नहीं सके। यह आदेश शिक्षा ग्रुप 2 राजस्थान सरकार के लैटर हैड पर 5 सितम्बर को निकाला गया। शिक्षा विभाग के शासन उप सचिव डॉ. राष्ट्रदीप यादव के फर्जी हस्ताक्षर कर आदेश निकाला। इसमें राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जोरावरपुरा, भीलवाड़ा की एल—2 अंग्रेजी की अध्यापिका नेहा का तबादला राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय 13 एफएफ मानकसर, श्रीगंगानगर में रामचंद्र मीणा के स्थान पर किया गया। वहीं रामचंद्र मीणा का तबादला मानकसर श्रीगंगानगर से भीलवाड़ा में नेहा के स्थान पर किया गया।

मंत्री ने दिए थे जांच के आदेश
16 सितम्बर को इस मामले में शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने जांच के आदेश दिए। मंत्री ने कूटरचित स्थानान्तरण आदेशों की जांच के आदेश दिए। इसके बाद 19 सितम्बर को फर्जी तरीके से स्थानान्तरण आदेश निकालने वाले दोनों शिक्षकों को जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा निलंबित कर दिया गया।

पहले भी निकाले फर्जी आदेश
इससे पहले भी मई 2018 में भीलवाड़ा के 5 शिक्षकों ने अपने स्वयं के फर्जी तबादला आदेश निकाल लिए थे। उस समय ये आदेश निदेशक प्रारंरिक शिक्षा के फर्जी हस्ताक्षरों से निकाले गए थे। विभाग के संज्ञान में मामला आने पर इन इनको निलंबित किया गया था। पिछली बार भी मामला भीलवाड़ा जिले से जुड़ा था और इस बार भी मामला भीलवाड़ा जिले से ही जुड़ा है।