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छात्र: अध्यापक नहीं हैं, टॉप कैसे करेंगे? डोटासरा: अतिरिक्त कक्षा में कराएं पढ़ाई

Raj Kumar Sharma

Publish: Jan 17, 2020 01:03 AM | Updated: Jan 17, 2020 01:03 AM

Jaipur

संवाद कार्यक्रम के तहत शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए प्रदेश भर के छात्रों से रूबरू हुए।

जयपुर. पहली बार 34 वोटों से विधायक का चुनाव जीतने पर जीत का अंतर बहुत कम लगा। दूसरी बार मेहनत की और 10 हजार से ज्यादा वोटों से जीता। तीसरी बार जीत का अंतर 22 हजार से ज्यादा का रहा। बोर्ड परीक्षाओं (10वीं-12वीं) की तैयारी भी कुछ एसी ही हैं। जल्द ही होने वाली प्री बोर्ड परीक्षाओं में विद्यार्थी कमियों पर काम करें। लगातार मेहनत करें, तो एक दिन सफलता जरूर मिलेगी। शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने गुरुवार को सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए प्रदेश के विद्यार्थियों और शिक्षकों से कुछ इस अंदाज में संवाद किया। दौरान जिला मुख्यालयों पर 300 से ज्यादा ब्लॉकों पर 12वीें के हजारों विद्यार्थी मौजूद रहे। वहीं, छात्रों ने विषय विशेषज्ञ अध्यापक की कमी का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि स्कूल में विषय के अध्यापक ही नहीं हैं, तो वे टॉप कैसे करेंगे? इस पर मंत्री ने कहा कि जल्द ही शिक्षकों की कमी को दूर किया जाएगा। फिलहाल विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर पढ़ाई करवाई जाएगी।
मंत्री के मंत्र : कमरे में बोर्ड लगा लें, मैं नंबर वन बनूंगा
कोई भी परीक्षा अंतिम परीक्षा नहीं है, प्रतिदिन के अनुभवों से सीखें। जिनके पचास प्रतिशत भी अंक आए, आज वे भी सफल व्यक्ति हैं
दूसरे से प्रतिस्पर्धा की बजाय स्वयं से स्पर्धा रखें। प्रतिदिन पढ़ाई का शेड्यूल बनाएं, मनोरंजन के लिए भी समय निकालें। कमरे में बोर्ड लगा लें, मैं नंबर वन बनूंगा
प्री बोर्ड परीक्षा से कमियों के बारे में पता चलेगा। जिनके पास संसाधन नहीं थे, आज वे सफल व्यक्ति हैं। महापुरुषों महात्मा गांधी, भीमराव अंबेडकर की जीवनी पढ़ें, उनसे सीखें कि मुश्किल परिस्थितियों का उन्होंने कैसे सामना किया
किसी प्रश्न, शंका के लिए अध्यापक, प्राचार्य को बताओ, सुनवाई न हो तो हमें बताओ। मेधावी छात्र होने के साथ मानवीय संवेदनाएं भी रखें
मैरिट के बच्चों की उत्तरपुस्तिका बोर्ड की वेबसाइट पर डाल दी गई हैं, उन्हें देखें कि कैसे उन्होंने सवाल हल किए।
गुरुजनों के हाथ में बच्चों का भविष्य है, भले ही अतिरिक्त कक्षाएं लगानी पड़ें, आप तैयारी कराएं।
बच्चों के सवाल, मंत्री डोटासरा के जवाब
चित्तौडग़ढ़ से इशिका: शिक्षकों के स्थानांतरण बीच सत्र में हो जाते हैं, इससे पढ़ाई प्रभावित होती है।
डोटासरा : हम स्थानांतरण पॉलिसी बनवा रहे हैं। इस मामले को पॉलिसी में रखा जाएगा। बीच सत्र में शिक्षकों के स्थानांतरण नही होंगे।
बाड़मेर से दिव्या: स्कूल में प्राचार्य और अंग्रेजी के अध्यापक ही नहीं हैं।
डोटासरा : 2200 प्रिंसिपल लगाए हैं, आपके स्कूल में भी व्यवस्था करेंगे।
कोटा से खुशबू: अकाउंट्स का पेपर बहुत बड़ा आता है, सवाल हल करते हुए कई प्रश्र छूट जाते हैं।
डोटासरा : माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से इस संबंध में बात करेंगे।
धौलपुर से रवि: विद्यालय में गणित और रसायन विज्ञान के शिक्षक नहीं हैं, टॉप कैसे करेंगे?
डोटासरा : आपकी समस्या को नोट कर लिया गया है, जल्द शिक्षकों की व्यवस्था कराएंगे।
बीकानेर: सर स्कूल में विषय विशेषज्ञ शिक्षक नहीं हैं।
डोटासरा : सितंबर में होने वाली व्याख्याता भर्ती (रीट) से शिक्षकों की कमी दूर होगी। प्रिंसिपल भी पास के शिक्षकों और अतिरिक्त कक्षा लगवाकर कोर्स करवाएं।
बारां से अनिता: जिला टॉप करना चाहती हूं, लेकिन स्कूल में अर्थशास्त्र और अंग्रेजी के शिक्षकों की कमी है।
डोटासरा : जल्द ही इस संबंध में व्यवस्था करेंगे।
सिरोही से गणपत: पाठ्यक्रम में मुगलों का इतिहास बताकर यहां के पूर्वजों का इतिहास छिपाया जाता है, ऐसा क्यों?
डोटासरा : हमने एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू कर दिया है।
बिलाड़ा से कोमल: चुनावों में शिक्षकों की ड्यूटी लगने से पढ़ाई प्रभावित होती है।
डोटासरा : चुनाव राष्ट्रहित का कार्य है, प्रिंसिपल एक्स्ट्रा क्लास लगवाकर बच्चों का कोर्स पूरा करवाएं।

सिरोही से अरविंद: घर पर आर्थिक, पारिवारिक समस्याएं होती हैं, तो पढ़ाई से मन भटकता है।
डोटासरा : घर की समस्याओं के बारे में फिलहाल माता-पिता को सोचने दें, आप अच्छे छात्र हैं, परीक्षा की तैयारी करें। सरकार आर्थिक पिछड़ों की मदद के लिए काम कर रही है।

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