स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

सेहत संवारता है सीताफल

Chand Mohammed Shekh

Publish: Oct 21, 2019 13:39 PM | Updated: Oct 21, 2019 13:39 PM

Jaipur

अच्छी सेहत के लिए जरूरी है कि बाकी चीजों के साथ ही हमारा खानपान भी पौष्टिक हो। फलों को भी प्राथमिकता से हमारे खानपान का हिस्सा बनाना चाहिए। फल को तरजीह देने पर हम इनसे बहुत से फायदे ले सकते हैं और कई तरह की परेशानियों से बचकर स्वस्थ रह सकते हैं।

आंखों के लिए
सीताफल आंखों के लिए फायदेमंद होता है। इसमें विटामिन ए , विटामिन सी तथा राइबोफ्लेविन होता है। ये आंखों को सेहतमंद बनाए रखते हैं। यही वजह है कि सीताफल आंखों के रोगों से हमें बचाए रखता है।

रक्तचाप
सीताफल उच्च रक्तचाप की समस्या में हमें राहत देता है। सीताफल में केले की अपेक्षा पोटेशियम की अधिक मात्रा होती है। पोटेशियम दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है। हृदय के स्वस्थ रहने से शरीर में रक्त का प्रवाह संतुलित रहता है।

मजबूत दिल
सीताफल में मौजूद पोटेशियम और मैग्नेशियम हृदय को स्वस्थ बनाए रखते है। सीताफल में मौजूद पौष्टिक तत्व दिल को मजबूत और रोगरहित रखते हैं। सीताफल कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में सहायक साबित होता है।

दांतों के लिए
सीताफल दांत और मसूड़ों के लिए भी गुणकारी होता है। सीताफल में पाए जाने वाले कैल्शियम से दांत मजबूत बनते है। सीताफल के पेड़ की छाल को बारीक पीस कर मंजन करने से मसूड़ों और दांत के दर्द में आराम मिलता है।

मजबूत पाचन
आपको कब्ज, गैस की समस्या है तो आपको सीताफल का इस्तेमाल करना चाहिए। सीताफल पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मददगार होता है। यही नहीं सीताफल खाते रहने से वजन बढऩे की समस्या से भी राहत मिलती है।

एनीमिया
एनीमिया पीडि़त लोगों को सीताफल खाना चाहिए। एनीमिया आयरन की कमी से होता है। सीताफल में मौजूद आयरन की अच्छी मात्रा एनीमिया को दूर करती है। इसमें मौजूद पोषक तत्व रक्त उत्पादन की क्षमता को बढ़ाते हैं।

मधुमेह में
फाइबर और कार्बोहाइड्रेट की उचित मात्रा हासिल करने के लिए सीताफल फायदेमंद और प्रभावी होता है। इस फल की खूबी है कि इसका नियमित सेवन करने से यह मधुमेह की संभावनाओं को कम करने में मदद करता है।

गर्भावस्था में
गर्भावस्था में सीताफल खाना लाभदायक होता है। इससे कमजोरी दूर होती है, उल्टी व जी घबराने की परेशानी से राहत मिलती है। इससे सुबह की थकान में आराम मिलता है। शिशु जन्म के बाद सीताफल से स्तन के दूध में वृद्धि होती है।

सावधानी रखें
सीताफल अधिक मात्रा में खाने से दस्त, गैस, आंतों में जकडऩ आदि की समस्याएं हो सकती है।
अधिक मात्रा में सीताफल का सेवन करने से शरीर में आयरन की मात्रा अधिक हो सकती है जिससे पेट दर्द, उल्टी, मतली आदि हो सकती है।
सीताफल के बीजों से बचना चाहिए। इसके बीज जहरीले होते हैं।
आप किसी विशेष प्रकार की दवाएं ले रहे हैं तो सीताफल खाने से पहलेे चिकित्सक से सलाह लें।