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तारीख तो नहीं बढ़ेगी...

MOHIT SHARMA

Publish: Dec 06, 2019 11:17 AM | Updated: Dec 06, 2019 11:22 AM

Jaipur

अभ्यर्थियों ने दी आमरण अनशन की चेतावनी, राजस्थान यूनिवर्सिटी में छात्रों का प्रदर्शन आज 7 वें दिन भी जारी, स्कूल व्याख्याता परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाने की मांग को लेकर दे रहे हैं धरना

जयपुर। स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा की तिथि बढ़ाने को लेकर चल रहा धरना आज 7 वें दिन भी जारी रहा। अब तक प्रदर्शनकारियों को सरकार की ओर से कोई आश्वासन नहीं मिला है। फिर भी अभ्यर्थी 7 दिन से राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्यद्वार पर धरना देकर बैठे हैं। अब अभ्यर्थियों ने सरकार को आज से आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है।
वहीं शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि सरकार का काम परीक्षा की तिथि बढ़ाने का नहीं है। सरकार तो सिर्फ आरपीएससी को अभ्यर्थनाएं भेजती है। आरपीएससी कलेण्डर जारी कर चुका है, पेपर भी छप चुके हैं। पहले भी यह परीक्षा आगे खिसक चुकी है, जिससे बेरोजगारों की संख्या बढ़ रही है।
इस संबंध में राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष दीपक उप्रेती भी पिछले दिनों कह चुके हैं कि परीक्षा तय समय पर ही कराई जाएगी। परीक्षा 3 से 13 जनवरी तक होगी। आयोग ने परीक्षा की तैयारी पूरी कर ली है। अब परीक्षा की तारीख तो नहीं बढ़ेगी।

तिथि बढ़ना मुश्किल
परीक्षा की तिथि बढ़ाने को लेकर अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं। परीक्षा की तिथि पहले ही करीब 1 साल आगे बढ़ चुकी है। जनवरी 2019 में ही यह परीक्षा होनी थी, ऐसे में तैयारी कर रहे विद्यार्थी परेशान हो रहे हैं। जानकारों की मानें तो अब इस परीक्षा की तिथि बढ़ना मुश्किल है। पहले से तैयारी कर रहे विद्यार्थी परेशान हो रहे हैं। पहले ही इस परीक्षा को करीब 1 साल आगे खिसकाया जा चुका है।

अभ्यर्थियों ने ये बताए कारण
स्कूल व्याख्याता परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों का कहना है कि यह भर्ती 2018 की है। राज्य सरकार को वर्ष 2018, 19 और 20 के पदों की गणना करते हुए नए खुले विद्यालयों व क्रमोन्नत विद्यालयों में खाली पदों के अनुसार नए पद सृजित करने की मांग की है। इसके साथ ही अभ्यर्थियों का कहना है कि राजस्थान लोक सेवा आयोग ने जिस समय फार्म संशोधन कराए, उस समय दिवाली अवकाश चल रहा था, हजारों अभ्यर्थी गांव अपने घर गए हुए थे, ऐसे में वे संशोधन नहीं कर पाए। ईडब्ल्यूएस को आरक्षण में दी गई छूट से लाखों अभ्यर्थी इसके दायरे में आ गए है, लेकिन उन्हें फार्म में संशोधन का मौका नहीं मिला।
बीएड अंतिम वर्ष व एमएम अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को भी इस भर्ती में शामिल करने की उन्होंने मांग की है। उनका कहना है कि अभी करीब डेढ़ लाख अभ्यर्थी इस परीक्षा को नहीं दे पाएंगे। अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा के लिए उन्हें भी जोड़ने की बात की है। अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि पिछले 2 माह से हजारों शिक्षक बीएलओ का कार्य कर रहे हैं, साथ ही शिक्षक आगामी पंचायती राज चुनाव के प्रशिक्षण व चुनाव कार्य में व्यस्त हैं। ऐसे में भी उन्होंने परीक्षा की तिथि बढ़ाने की मांग की है। अभ्यर्थियों ने बताया की अभी दिसम्बर जनवरी में शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम हैं और दिसम्बर में ही अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं होनी हैं। इन सभी को देखते हुए उन्होंने सरकार से व्याख्याता भर्ती परीक्षा की तिथि बढ़ाने की मांग की है।

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