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Save Earth: अगर धरती से गायब हो जाए ऑक्सीजन!

Sangeeta Chaturvedi

Publish: Sep 11, 2019 14:19 PM | Updated: Sep 11, 2019 14:19 PM

Jaipur

Save Earth: अगर धरती से गायब हो जाए ऑक्सीजन!

Save Earth: ऑक्सीजन जो कि प्राण वायु है... इसके बिना जिंदगी की कल्पना भी नहीं जा सकती... शरीर में एनर्जी ऑक्सीजन से बनती है...इमेजिन करिए कि अगर थोड़ी देर के लिए धरती से ऑक्सीजन गायब हो जाए, तो क्या होगा... आपको बता दें जैसे ही ऑक्सीजन खत्म होगी तो घुटन महसूस होगी.... दिमाग काम करना बंद कर देगा... ऐसा इसलिए होगा क्योंकि हमारी बॉडी में जितने भी सेल्स हैं उन सब को जिंदा रहने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत होती है... हर जीवित कोशिका फूलकर फूट जाएगी... पानी में 88.8 फीसदी ऑक्सीजन होती है... ऑक्सीजन न होने पर हाइड्रोजन गैसीय अवस्था में आ जाएगी... और इसका वॉल्यूम बढ़ जाएगा.. इससे हमारी सांस बाद में रुकेगी... हम फूलकर पहले ही फट जाएंगे... इतना ही कान का पर्दा भी फट जाएगा.... ऑक्सीजन नहीं होने पर हवा का दबाव घट जाएगा..ऐसे में हम सभी बहरे हो सकते हैं... धरती बहुत ठंडी हो जाएगी... दिन में भी अंधेरा छा जाएगा... ओजोन की मात्रा जब आधी हो जाएगी...तो उस दौरान जितने भी लोग समुद्र किनारे लेटे हुए होंगे, वे सभी पल झपकते ही सनबर्न के शिकार हो जाएंगे... आसमान का रंग नीला कम और काला ज्यादा लगेगा.. ऑक्सीजन गायब होते ही जमीन धंस जाएगी... पृथ्वी पर मौजूद सारे जीव 10 से 15 किलोमीटर नीचे आ गिरेंगे... कहा जा सकता है महज 5 सकेंड के लिए ऑक्सीजन पृथ्वी पर न हो, तो सब कुछ तबाह हो सकता है... यहां आपको बताते चलें हमारी पृथ्वी खतरे में है... क्योंकि
किसी वयस्क व्यक्ति को जिंदा रहने के लिए जितनी ऑक्सीजन की जरूरत है, वह उसे 16 बड़े-बड़े पेड़ों से मिल सकती है। लेकिन पेड़ों की अंधाधुँध कटाई से उनकी संख्या दिनों दिन कम होती जा रही है। वैज्ञानिकों का कहना है कि
हमारी धरती अपनी धुरी से 1 डिग्री तक खिसक गई है और ग्लोबल वार्मिंग शुरू हो चुकी है। तापमान बढ़ रहा है। जलवायु परिवर्तन हो रहा है। वायु प्रदूषण से हर वर्ष 20 लाख लोग मारे जाते हैं। यह प्रदूषण जल्द ही नहीं रोका गया तो प्रतिवर्ष इस कारण 4 लाख 70 हजार लोगों की मौत होने का आंकड़ा बढ़ता जाएगा। एनवायरमेंटल रिसर्च लेटर्स के शोध से पता चला कि मानवीय कारणों से फैल रहे प्रदूषण के कारण ओजोन परत का छिद्र बढ़ता जा रहा है। इस प्रदूषण के कारण ही कैंसर जैसे घातक रोग बढ़ते जा रहे हैं। इसके अलावा अनजान रोगों से लोगों की मृत्यु की आंकड़े भी बढ़ते जा रहे हैं।