स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

अखंड सुहाग व संतान की दीर्घायु के लिए महिलाओं ने रखा व्रत

Devendra Singh

Publish: Aug 19, 2019 14:13 PM | Updated: Aug 19, 2019 14:13 PM

Jaipur

sankashti chaturthi vrat 2019 : पति और संतान की दीर्घायु, सुख समृद्धि की कामना के लिए भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी आज संकट चतुर्थी के रूप में मनाई जा रही है। आज के दिन महिलाओं ने निर्जल रह कर व्रत उपवास रखा।

जयपुर। पति और संतान की दीर्घायु, सुख समृद्धि की कामना के लिए भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी आज संकट चतुर्थी ( sankashti chaturthi ) के रूप में मनाई जा रही है। आज के दिन महिलाओं ने निर्जल रह कर व्रत उपवास रखा। शाम को पूजा अर्चना कर भगवान गणेश ( bhagwan ganesh ) और चौथ माता की कथा सुनेगी। व्रत के बारे में ऐसी मान्यता है इस दिन गौ-पूजन करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। सालभर में हिन्दी बडे महीने वैशाख, भाद्रपद, कार्तिक और माघ की चतुर्थी पर यह व्रत रखा जाता है। व्रतधारी रात्रि में चंद्र दर्शन के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलेंगे। जयपुर में आज रात्रि में 9 बजकर 29 मिनट पर चंद्रोदय होगा।

व्रत से संकट होते है दूर

भगवान गणेश के भक्त आज के दिन सूर्योदय से चन्द्रोदय तक उपवास रखेंगे। इस व्रत को करने से संकटों से मुक्ति मिलती है। इसी कारण इस व्रत को संकष्टी चतुर्थी ( sankashti chaturthi vrat ) कहते हैं। भगवान गणेश जो ज्ञान के क्षेत्र में सर्वोच्च हैं, सभी तरह के विघ्न हरने के लिए पूजे जाते हैं। इसीलिए यह माना जाता है कि संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से सभी तरह के विघ्नों से मुक्ति मिल जाती है। संकष्टी चतुर्थी का उपवास कठोर होता है जिसमे केवल फलों, जड़ों (जमीन के अन्दर पौधों का भाग) और वनस्पति उत्पादों का ही सेवन किया जाता है। व्रत के दौरान साबूदाना खिचड़ी, आलू और मूंगफली श्रद्धालुओं का मुख्य आहार होते हैं। इसमें व्रतधारी चन्द्रमा के दर्शन कर चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद उपवास का पारणा करेंगे।